अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के बीच विदेशी फंडिंग को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी बहस हुई। मिलबेन ने दावा किया कि भारत में प्रदर्शन कर रहे CJP को अमेरिकी फंडिंग मिल रही है। दीपके ने इस आरोप को खारिज करते हुए भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप पर सवाल उठाया।

मिलबेन ने भारतीय युवाओं से ऐसी ताकतों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने दीपके से प्रधानमंत्री के साथ बैठकर बातचीत करने और भारत को आगे बढ़ाने के लिए काम करने को कहा। अपने संदेश में उन्होंने अमेरिकी डोनर्स और दीपके की अमेरिकी शिक्षा का भी जिक्र किया।

दीपके ने जवाब देते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ही देशवासियों को बदनाम करने के लिए अमेरिकियों का समर्थन क्यों ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का अधिकार नहीं है। उनके मुताबिक, भारतीय अपने मुद्दों से निपटने में सक्षम हैं और उन्हें बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।

प्रदर्शन और विवाद की पृष्ठभूमि

विपक्ष और CJP स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) तथा चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं। खबर में इन प्रदर्शनों की अवधि 15 दिन बताई गई है।

विदेशी मदद के आरोपों को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने दीपके की अमेरिका में पढ़ाई के खर्च पर सवाल उठाया था। उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या इस खर्च के पीछे अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस से जुड़ा कोई फाउंडेशन था। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्ष और CJP पर विदेशी मदद के जरिये देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश का आरोप लगाया था।

अगस्त 2026 में RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने दीपके की पढ़ाई के खर्च और CJP के कानूनी सहायता फंड की जांच की मांग की थी। ये आरोप और मांगें खबर में दर्ज दावों के रूप में सामने आती हैं।

दीपके पहले ही CJP को विदेशी फंडिंग मिलने के आरोपों से इनकार कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि संगठन के आंदोलनों का खर्च वह और उनके दोस्त मिलकर उठाते हैं। उनके अनुसार, CJP को किसी बाहरी डोनर या बड़े उद्योगपति से आर्थिक मदद नहीं मिली। उन्होंने आगे क्राउडफंडिंग के जरिये धन जुटाने की योजना की बात भी कही थी।

दीपके ने विदेशी फंडिंग के आरोपों को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से भी सवाल किया था। उनका कहना था कि यदि आंदोलन में विदेशी पैसा आया है, तो उसकी जांच और रोकथाम की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की है।

दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान

दीपके ने 16 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन करने का ऐलान किया। वीडियो संदेश में उन्होंने लोगों से शाम 5 बजे तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस पहुंचने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जेल में डाला जा सकता है, लेकिन उन्हें इसकी परवाह नहीं है।

दीपके बुधवार दोपहर दिल्ली पहुंचे थे। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय भीड़ ने उन पर सवाल उठाए। एक यात्री ने उनसे देश को खराब करने को लेकर सवाल किया। इसके जवाब में दीपके ने थम्स अप का इशारा किया और वहां से चले गए।

मैरी मिलबेन जून 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी अमेरिकी यात्रा के दौरान मिली थीं। खबर में यह भी बताया गया है कि उन्होंने चार मौकों पर मोदी का समर्थन किया है।

निष्कर्ष

CJP की विदेशी फंडिंग को लेकर मैरी मिलबेन के दावे और अभिजीत दीपके के इनकार से राजनीतिक विवाद तेज हुआ है। दीपके ने विदेशी हस्तक्षेप को खारिज करते हुए 16 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का आह्वान किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मैरी मिलबेन और अभिजीत दीपके के बीच विवाद किस मुद्दे पर हुआ?

मुद्दा CJP को कथित विदेशी फंडिंग और भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप का था।

Q. मैरी मिलबेन ने CJP पर क्या दावा किया?

उन्होंने दावा किया कि भारत में प्रदर्शन कर रहे CJP को अमेरिकी फंडिंग मिल रही है।

Q. अभिजीत दीपके ने आरोपों पर क्या कहा?

उन्होंने विदेशी फंडिंग के आरोपों को खारिज किया और कहा कि CJP का खर्च वह और उनके दोस्त मिलकर उठाते हैं।

Q. CJP किन मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है?

CJP स्पेशल इंटेंसिव रिविजन और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है।

Q. दिल्ली में प्रदर्शन कब और कहां बुलाया गया है?

दीपके ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस पहुंचने का आह्वान किया है।