झारखंड बीजेपी के नेता ब्रजमोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राज्यपाल बनने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे बात करना चाहते थे, लेकिन प्राइवेट नंबर से आए कॉल को उन्होंने अनजान व्यक्ति का समझकर नहीं उठाया।
ब्रजमोहन राम के मुताबिक, पीएम ऑफिस से करीब 10 बार फोन किया गया, लेकिन दोनों के बीच बातचीत नहीं हो सकी। इसके बाद उन्हें दूसरे नंबर से बताया गया कि प्रधानमंत्री उनसे बात करना चाहते हैं। फिर प्राइवेट नंबर से दोबारा कॉल आया और इस बार दूसरी तरफ खुद नरेंद्र मोदी थे।
प्रधानमंत्री ने बातचीत की शुरुआत 'जोहार' कहकर की। इसके बाद उन्होंने ब्रजमोहन राम का हालचाल पूछा और संगठन में किए जा रहे काम के बारे में बात की। जब ब्रजमोहन राम अपनी जिम्मेदारियों के बारे में बताने लगे, तो प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें सब मालूम है।
इसके बाद नरेंद्र मोदी ने बताया कि ब्रजमोहन राम को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल इस जानकारी को किसी के साथ साझा नहीं करना है। बाद में गृह मंत्री अमित शाह ने भी फोन कर उन्हें राज्यपाल बनाए जाने की जानकारी दी।
ब्रजमोहन राम का राजनीतिक सफर
ब्रजमोहन राम का जन्म 1 जनवरी 1958 को तत्कालीन बिहार के पलामू जिले के चंदवा में हुआ था। चंदवा झारखंड का एक छोटा कस्बा है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अविभाजित बिहार से की।
वह लातेहार विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। इसके बाद पलामू लोकसभा सीट से सांसद बने। ब्रजमोहन राम 1996, 1998 और 1999 में लगातार तीन बार पलामू से सांसद चुने गए थे।
2004 के बाद उन्हें 22 साल तक लोकसभा चुनाव लड़ने का टिकट नहीं मिला। इसके बावजूद उन्होंने बीजेपी नहीं छोड़ी और पार्टी के लिए काम करते रहे। ब्रजमोहन राम ने बताया कि टिकट नहीं मिलने के बाद कई नेता पार्टी छोड़ देते हैं, लेकिन उन्होंने पार्टी के साथ बने रहना चुना।
अब उन्हें ओडिशा के राज्यपाल की जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह उनका राजनीतिक सफर विधायक और सांसद की भूमिकाओं से आगे बढ़कर राज्यपाल पद तक पहुंचा है।
निष्कर्ष
ब्रजमोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल बनाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी बातचीत प्राइवेट नंबर के कारण देर से हो सकी, जबकि पीएम ऑफिस से करीब 10 बार संपर्क किया गया था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ब्रजमोहन राम को कौन-सी जिम्मेदारी मिली है?
ब्रजमोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
Q. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन उन्होंने क्यों नहीं उठाया?
उन्हें प्राइवेट नंबर से कॉल आया था। उन्होंने इसे किसी अनजान व्यक्ति का फोन समझकर नहीं उठाया।
Q. पीएम ऑफिस से कितनी बार फोन किया गया था?
ब्रजमोहन राम के अनुसार, पीएम ऑफिस से करीब 10 बार फोन किया गया था।
Q. प्रधानमंत्री ने बातचीत की शुरुआत कैसे की?
नरेंद्र मोदी ने बातचीत की शुरुआत 'जोहार' कहकर की।
Q. ब्रजमोहन राम कितनी बार पलामू से सांसद चुने गए?
वह 1996, 1998 और 1999 में लगातार तीन बार पलामू से सांसद चुने गए थे।






