हैदराबाद, तेलंगाना में कांग्रेस नेता बालमूर वेंकट ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में हटाए जाने के मुद्दे पर बीजेपी और भारत निर्वाचन आयोग को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों आम लोगों के मतदान के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

वेंकट ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं और दिल्ली में इसके खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना था कि स्वतंत्र देश में हर व्यक्ति को विरोध करने और अपनी शिकायतों के बारे में बोलने का अधिकार है।

कांग्रेस नेता के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने की व्यवस्था लंबे समय से मौजूद रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी डर के कारण इन आवाजों को दबाना चाहती है और प्रदर्शन के लिए उपलब्ध जगह को खत्म करने की कोशिश कर रही है।

यह बयान जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में हटाए जाने के फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर आया है। वेंकट ने अपने वक्तव्य में इस फैसले को आम लोगों के विरोध दर्ज कराने के अधिकार से जोड़ते हुए इसकी आलोचना की।

निष्कर्ष

बालमूर वेंकट ने जंतर-मंतर से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव का विरोध किया और इसे प्रदर्शन तथा शिकायत रखने के अधिकार पर असर डालने वाला कदम बताया। उन्होंने इस मुद्दे पर राहुल गांधी के लगातार उठाए जा रहे सवालों का भी उल्लेख किया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. जंतर-मंतर से जुड़ा कौन-सा मुद्दा उठाया गया है?

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में हटाए जाने के मुद्दे पर बयान दिया गया है।

Q. बयान किसने दिया?

यह बयान कांग्रेस नेता बालमूर वेंकट ने दिया।

Q. वेंकट ने किन संस्थाओं पर आरोप लगाया?

उन्होंने बीजेपी और भारत निर्वाचन आयोग पर आम लोगों के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया।

Q. राहुल गांधी का इस मुद्दे से क्या संबंध बताया गया?

वेंकट ने कहा कि राहुल गांधी इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं और दिल्ली में इसके खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।

Q. प्रदर्शन के अधिकार पर वेंकट ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि स्वतंत्र देश में लोगों को विरोध करने और अपनी शिकायतें सामने रखने का अधिकार है।