केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि भारत के निर्यात cargo का केवल 5% हिस्सा भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जाता है। उनके अनुसार, बाकी 95% cargo विदेशी shipping liners संभालते हैं।
सोनोवाल ने मुंबई में कहा कि विदेशी carriers पर यह निर्भरता भारत से हर साल करीब 75 अरब अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा बाहर जाने से जुड़ी है। उन्होंने shipping capacity को देश की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।
समुद्री क्षमता और सुरक्षा का संबंध
मंत्री के अनुसार, Red Sea, Black Sea और Strait of Hormuz में हालिया disruptions ने यह दिखाया है कि समुद्री क्षमता (Maritime Capacity) केवल व्यापार का विषय नहीं है। इन मार्गों में रुकावटों ने shipping और economic security के बीच सीधे संबंध को सामने रखा है।
भारत के export cargo की बड़ी हिस्सेदारी विदेशी shipping liners द्वारा संभाले जाने के कारण वैश्विक समुद्री मार्गों में होने वाले बदलावों का असर देश के व्यापार पर पड़ सकता है। सोनोवाल ने इसी संदर्भ में भारतीय जहाजरानी क्षमता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
Maritime Amrit Kaal Vision 2047 का लक्ष्य
सोनोवाल ने Maritime Amrit Kaal Vision 2047 के तहत भारत के लिए shipping tonnage से जुड़े लक्ष्य भी बताए। योजना के अनुसार, भारत को 2030 तक shipping tonnage में दुनिया के शीर्ष 10 देशों में जगह बनानी है।
इसी दृष्टि के तहत 2047 तक भारत को shipping tonnage में दुनिया के शीर्ष 5 देशों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य भारतीय समुद्री परिवहन की क्षमता बढ़ाने और विदेशी carriers पर निर्भरता घटाने की दिशा से जुड़ा है।
# भारतीय जहाजों की मौजूदा हिस्सेदारी कितनी है?
सोनोवाल के अनुसार, भारतीय ध्वज वाले जहाज भारत के निर्यात cargo का 5% हिस्सा ले जाते हैं।
# भारत के निर्यात cargo का कितना हिस्सा विदेशी liners संभालते हैं?
विदेशी shipping liners भारत के निर्यात cargo का 95% हिस्सा संभालते हैं।
# विदेशी carriers पर निर्भरता का आर्थिक असर क्या है?
सोनोवाल ने कहा कि इससे हर साल करीब 75 अरब अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा बाहर जाती है।
# हालिया maritime disruptions किन क्षेत्रों में हुए?
उन्होंने Red Sea, Black Sea और Strait of Hormuz में हालिया disruptions का उल्लेख किया।
# भारत का 2030 का shipping tonnage लक्ष्य क्या है?
Maritime Amrit Kaal Vision 2047 के तहत भारत को 2030 तक shipping tonnage में दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शामिल करने का लक्ष्य है।
# 2047 के लिए भारत का लक्ष्य क्या है?
भारत को 2047 तक shipping tonnage में दुनिया के शीर्ष 5 देशों में शामिल करने की योजना है।
निष्कर्ष
सोनोवाल के बयान के अनुसार, भारत की export shipping में भारतीय जहाजों की हिस्सेदारी बढ़ाना आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। Maritime Amrit Kaal Vision 2047 में इसके लिए 2030 और 2047 के स्पष्ट global shipping tonnage लक्ष्य रखे गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. भारतीय ध्वज वाले जहाजों की export cargo में हिस्सेदारी कितनी है?
भारतीय ध्वज वाले जहाज भारत के export cargo का 5% हिस्सा ले जाते हैं।
Q. विदेशी shipping liners की हिस्सेदारी कितनी है?
विदेशी shipping liners भारत के export cargo का 95% हिस्सा संभालते हैं।
Q. विदेशी carriers से जुड़ा सालाना foreign exchange outflow कितना है?
सोनोवाल ने इसका अनुमान करीब 75 अरब अमेरिकी डॉलर बताया।
Q. Shipping capacity को economic security से क्यों जोड़ा गया?
हालिया Red Sea, Black Sea और Strait of Hormuz disruptions ने shipping capacity और economic security के बीच संबंध दिखाया।
Q. Maritime Amrit Kaal Vision 2047 क्या लक्ष्य रखता है?
इसमें भारत को 2030 तक shipping tonnage में शीर्ष 10 और 2047 तक शीर्ष 5 देशों में शामिल करने का लक्ष्य है।








