अमेरिकी सिंगर मैरी मिलिबेन ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके और पार्टी को लेकर फंडिंग का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि अमेरिका में मौजूद कुछ डोनर्स, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ काम कर रहे हैं, दीपके और सीजेपी को आर्थिक मदद दे रहे हैं। मिलिबेन ने किसी डोनर की पहचान सार्वजनिक नहीं की।

मिलिबेन ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे डोनर्स का एक तय तरीका है। उनके मुताबिक, ये लोग कंजर्वेटिव नेताओं को निशाना बनाते हैं, अमेरिका में पढ़े किसी युवा को चुनते हैं, उसे कट्टर बनाते हैं और फिर अपने देश लौटकर नुकसान पहुंचाने के लिए फंड देते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरीके से अब तक कोई सफल नहीं हुआ, लेकिन देश के विकास और शासन पर असर पड़ा है।

अपने बयान में मिलिबेन ने भारत के युवाओं से चुप न रहने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे राजनीतिक कार्यकाल और लगातार तीन बार चुने जाने का भी उल्लेख किया। ये बातें मिलिबेन के बयान का हिस्सा हैं और फंडिंग को लेकर उन्होंने कोई दस्तावेज या डोनर का नाम सामने नहीं रखा।

फंडिंग पर अभिजीत दीपके का जवाब

मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दीपके से उनकी फंडिंग के बारे में सवाल किया गया था। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से मिलने वाली फंडिंग और चुनाव आयोग में कथित धांधली के बीच कोई संबंध नहीं है। उन्होंने सवाल को तर्कहीन बताया और कहा कि फंडिंग की जानकारी सामने आने से चुनाव अपने आप ठीक नहीं हो जाएंगे।

दीपके से उनके प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को लेकर भी सवाल किया गया। जवाब में उन्होंने कहा कि लोग अगले दिन आकर मंच देख सकते हैं। उन्होंने अपने जूतों की कीमत को लेकर चल रही चर्चा पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन्हें लगभग 30 हजार रुपये के जूते पहनने पर शर्म नहीं है। उनके अनुसार, वह इसकी कीमत वहन करने में सक्षम हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह अमेरिका जा सकते हैं, तो भारत के राज्यों में भी जा सकते हैं। यह प्रतिक्रिया उस सवाल के जवाब में आई जिसमें उनसे अमेरिका की यात्रा और अलग-अलग राज्यों में जाने को लेकर पूछा गया था।

दिल्ली आंदोलन और हिरासत का मामला

मिलिबेन का बयान ऐसे समय आया है, जब सीजेपी ने दिल्ली में आंदोलन की चेतावनी दी है। रविवार को अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया था। जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने और धारा 163 का उल्लंघन करने के मामले में सीजेपी नेता आशुतोष रांका और सौरभ दास को बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

दोनों नेताओं को तिहाड़ जेल लाया गया है और उन्हें 5 दिनों तक हिरासत में रखा जाएगा। पार्टी के एक अन्य पदाधिकारी अजिंक्य शिंदे को भी गिरफ्तार किया गया था। बाद में 5 हजार रुपये के बॉन्ड पर उन्हें रिहा कर दिया गया।

पुलिस ने रांका और दास को रिपीटेड ऑफेंडर बताया है। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने शांति बनाए रखने के लिए साइन किए गए बॉन्ड का पालन नहीं किया। इन आरोपों के बीच सीजेपी इस कार्रवाई से नाराज है।

दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अघोषित आपातकाल जैसा माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के मामले में लोगों को 5 दिनों की हिरासत में भेजना गंभीर कार्रवाई है। यह उनका राजनीतिक आरोप है।

निष्कर्ष

मैरी मिलिबेन ने दीपके और सीजेपी को अमेरिकी डोनर्स से फंडिंग मिलने का आरोप लगाया है, लेकिन किसी डोनर का नाम या इसका दस्तावेजी आधार सार्वजनिक नहीं किया। इसी बीच सीजेपी के दिल्ली आंदोलन, नेताओं की हिरासत और पुलिस के आरोपों को लेकर राजनीतिक टकराव बढ़ा हुआ है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मैरी मिलिबेन ने किस पर फंडिंग का आरोप लगाया?

उन्होंने अभिजीत दीपके और कॉकरोच जनता पार्टी को अमेरिकी डोनर्स से आर्थिक मदद मिलने का आरोप लगाया।

Q. क्या मिलिबेन ने किसी डोनर का नाम बताया?

नहीं, उन्होंने किसी डोनर की पहचान सार्वजनिक नहीं की।

Q. दीपके ने फंडिंग के सवाल पर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक फंडिंग और चुनाव आयोग में कथित धांधली के बीच कोई संबंध नहीं है।

Q. रांका और दास को क्यों हिरासत में भेजा गया?

पुलिस के अनुसार, उन पर जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने, धारा 163 का उल्लंघन करने और शांति संबंधी बॉन्ड का पालन नहीं करने के आरोप हैं।

Q. अजिंक्य शिंदे के साथ क्या हुआ?

उन्हें गिरफ्तार किया गया था, लेकिन 5 हजार रुपये के बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया।