पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने खड़गपुर में कहा कि इस बार दुर्गा पूजा को बदलाव के उत्सव के तौर पर मनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पूजा को लेकर ऐतिहासिक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं और सरकार आयोजकों की मदद कर रही है।

घोष के अनुसार, पिछली सरकार 45,000 पूजा आयोजकों को वित्तीय सहायता देती थी। इस बार 58,000 आयोजकों को सहायता दी जा रही है। उन्होंने इसे दुर्गा पूजा के आयोजन में बड़ा बदलाव बताया।

मंत्री ने कहा कि हर गांव में लोगों के बीच काफी उत्साह है। उनके मुताबिक सरकार ने भी उत्सव का माहौल बनाया है और बंगाल के लोग खुश हैं। घोष ने दुर्गा पूजा को बंगाल का सबसे बड़ा त्योहार बताया।

ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया

दुर्गा पूजा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए घोष ने कहा कि उन्हें किसी पूजा में आमंत्रित नहीं किया गया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को भी पूजा में शामिल होना चाहिए।

घोष ने इस बार की पूजा का स्वरूप पहले से पूरी तरह अलग होने का दावा किया। सहायता की कुल राशि, सरकारी योजना का नाम या आयोजकों के चयन की प्रक्रिया का विवरण की जानकारी अभी नहीं है।

निष्कर्ष

दिलीप घोष के बयान के मुताबिक, इस बार दुर्गा पूजा के लिए सरकारी सहायता पाने वाले आयोजकों की संख्या 45,000 से बढ़कर 58,000 हुई है। उन्होंने आयोजन को बदलाव और उत्साह से जोड़ते हुए ममता बनर्जी के पूजा में शामिल होने की बात भी कही।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. इस बार दुर्गा पूजा को किस रूप में मनाने की बात कही गई है?

घोष ने इसे बदलाव के उत्सव के रूप में मनाए जाने की बात कही है।

Q. कितने पूजा आयोजकों को सहायता दी जा रही है?

घोष के अनुसार, इस बार 58,000 पूजा आयोजकों को सहायता दी जा रही है।

Q. पिछली सरकार कितने आयोजकों को वित्तीय सहायता देती थी?

घोष ने कहा कि पिछली सरकार 45,000 पूजा आयोजकों को सहायता देती थी।

Q. दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के बारे में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को भी पूजा में शामिल होना चाहिए।

Q. घोष ने बंगाल के लोगों के बारे में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग खुश हैं और हर गांव में उत्साह है।