कामकाज की दुनिया में AI सहायक तेजी से आम हो रहे हैं। इसी बदलाव को करीब से समझने के लिए एक पत्रकार ने अपने 2 संपादकों के डिजिटल क्लोन बनाए। मकसद था उनकी पसंद, बातचीत के अंदाज और काम से जुड़ी उम्मीदों को बेहतर समझना। प्रयोग ने कुछ उपयोगी सुझाव दिए, लेकिन यह भी दिखाया कि किसी इंसान की नकल करना और उसके फैसले को समझना अलग बातें हैं।
पत्रकार ने Brian Barrett और Sophie Kleeman के नाम पर Brian Bot और Sophie Bot तैयार किए। इसके लिए Gemini का इस्तेमाल हुआ, क्योंकि वह Condé Nast का पसंदीदा AI प्लेटफॉर्म है। Brian के मामले में सार्वजनिक घोषणाओं, पॉडकास्ट ट्रांसक्रिप्ट और ऑनलाइन जानकारी से एक प्रोफाइल तैयार की गई। एक गलत पहचान सामने आने के बाद उससे जुड़ी जानकारी हटा दी गई।
Brian Bot हेडलाइन चुनने में कुछ मददगार था, लेकिन नई स्टोरी के आइडिया देने में कमजोर रहा। वह Brian की कुछ आदतों की नकल करता था, जैसे कोष्ठक का इस्तेमाल, लेकिन उसके जवाबों में AI की आम शैली भी साफ दिखती थी। बार-बार बोल्ड सबहेडिंग और बुलेट प्वाइंट आने से उसका अंदाज असली Brian से काफी अलग लगता था।
Sophie Bot ने बेहतर नकल की, फिर भी भरोसा नहीं बना
Sophie के साथ पत्रकार की पुरानी बातचीत काफी ज्यादा थी। दोनों की मुलाकात 2019 में हुई थी और उन्होंने काम से लेकर निजी जिंदगी तक कई विषयों पर संदेश साझा किए थे। संवेदनशील सामग्री हटाकर करीब एक महीने की Slack बातचीत Gemini में डाली गई। इससे Sophie Bot के लिए 17,000 से ज्यादा शब्दों की रिसर्च रिपोर्ट और प्रॉम्प्ट तैयार किए गए।
Sophie Bot ने छोटे, लोअर-केस संदेशों और खास संबोधनों की नकल की। वह पत्रकार को “big dog” कहता था और कभी-कभी Sophie जैसी प्रतिक्रिया देने की कोशिश करता था। उसकी नकल इतनी प्रभावी लगी कि कुछ दोस्तों और सहकर्मियों को उसके लिखे सोशल मीडिया संदेश असली लगे। Sophie खुद भी एक संदेश को अपना लिखा हुआ समझ बैठीं।
फिर भी यह समानता भरोसे में नहीं बदल सकी। Sophie Bot ने एक काल्पनिक अधिकारी का जिक्र किया। बाद में वह बार-बार कुछ खास वाक्यांशों पर लौटता रहा और पत्रकार को उसी संबोधन से बुलाता रहा। एक इंटरव्यू के जरूरी हिस्से निकालने के बजाय उसने पहले लिखी गई दूसरी स्टोरी के उद्धरण दे दिए।
Brian Bot में ज्यादा पॉडकास्ट ट्रांसक्रिप्ट जोड़ने और उसके निर्देश बदलने के बाद कुछ सुधार हुआ। इसके बावजूद वह असली Brian की तरह बातचीत नहीं कर सका। Sophie ने माना कि उसका AI क्लोन कई बार उसकी नकल कर लेता था, लेकिन गलत जवाबों के कारण वह अनुभव और ज्यादा असहज बन जाता था।
AI क्लोन और असली सहकर्मी के बीच फर्क
पत्रकार को इन बॉट्स से कुछ छोटे फैसलों पर मदद मिली। उन्होंने संभावित इंटरव्यू स्रोतों के सुझाव दिए और एक Slack संदेश को बेहतर बनाने में सहायता की। इससे वास्तविक संपादकों से हर छोटी बात पूछने की जरूरत कम हो सकती थी। लेकिन इन सीमित फायदों के सामने बार-बार होने वाली गलतियां और दोहराव ज्यादा परेशान करने वाले साबित हुए।
एक अन्य तकनीकी कर्मचारी, जिसने अपना नाम “Chip” बताया, अपने बॉस के ईमेल, चैट और दस्तावेज Gemini के Gem फीचर में डालता है। उसका दावा है कि यह सिस्टम दस्तावेजों की जांच, कोड की गलतियां ढूंढने और मीटिंग से पहले संभावित सवालों की तैयारी में मदद करता है। उसके अनुसार, वह उसी समय में ज्यादा काम कर पाता है और बॉस से बेहतर प्रतिक्रिया भी मिलती है।
पत्रकार के बॉट्स के पास Chip के सिस्टम जितना डेटा नहीं था। Brian के मामले में केवल कुछ महीनों का संवाद उपलब्ध था। Slack बातचीत और अंदरूनी ईमेल को AI टूल में डालने से निजता और Condé Nast की नीतियों से जुड़ी चिंताएं थीं। Sophie के मामले में भी संवेदनशील जानकारी शामिल नहीं की गई।
AI कर्मचारियों को लेकर जवाबदेही का सवाल
इस प्रयोग ने AI सहकर्मियों (AI coworkers) को लेकर एक बड़ा सवाल सामने रखा: अगर डिजिटल कर्मचारी गलती करे, तो जिम्मेदारी किसकी होगी? Boston Consulting Group के एक शोध में मैनेजरों ने उस काम में 18% कम गलतियां पकड़ीं, जिसे AI कर्मचारी का काम बताया गया था। वही काम केवल AI टूल का बताया गया तो गलतियां पकड़ने की दर अलग रही।
BCG की पार्टनर Julie Bedard के मुताबिक, लोग किसी सामान्य टूल या कर्मचारी की खराब performance से निपटने के तरीके जानते हैं। AI कर्मचारी के मामले में यह स्पष्ट नहीं है कि जवाबदेही किस पर होनी चाहिए। AI को समझने और मैनेज करने की प्रक्रिया अभी भी तेज बदलाव के बीच चल रही है।
HR कंपनी Lattice की CEO Sarah Franklin ने AI को इंसान की तरह पेश करने पर चिंता जताई। उनके अनुसार, जब कोई सिस्टम मानवीय बातचीत जैसा लगता है, तो वह लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकता है। Lattice के संगठनात्मक ढांचे में AI workers मौजूद हैं, लेकिन Franklin उन्हें पुलिस के साथ काम करने वाले K-9 कुत्तों से तुलना करती हैं, इंसानी कर्मचारियों से नहीं।
कंपनियों में AI की बढ़ती भूमिका
Anything के CEO Dhruv Amin का मानना है कि आने वाले समय में कंपनियों के पास इंसानों से ज्यादा AI कर्मचारी हो सकते हैं। उनके अनुसार, कुछ कंपनियां बिना किसी इंसानी कर्मचारी के भी शुरू हो सकती हैं। Anything ने AI employee platform लॉन्च किया है।
Stable और Delos जैसे स्टार्टअप्स ने autonomous AI employees के वादे के साथ लाखों डॉलर जुटाए हैं। ऐसे AI बॉट और एजेंट बैंक, लॉ फर्म और मानव संसाधन कंपनियों में काम कर रहे हैं। McKinsey & Company के CEO Bob Sternfels ने कंपनी के workforce में 40,000 इंसानों और 20,000 एजेंटों का अनुपात बताया था। उनका लक्ष्य साल के अंत तक दोनों की संख्या बराबर करना है।
हालांकि Brian Bot और Sophie Bot ने कुछ कामों में मदद की, लेकिन वे संपादकों की जगह लेने के लिए तैयार नहीं दिखे। Brian Bot के आइडिया अक्सर मौलिक नहीं थे। Sophie Bot में गलत जानकारी बनाने की समस्या ज्यादा दिखी। ज्यादा डेटा और निर्देशों के बावजूद दोनों सिस्टम इंसानी judgment और संदर्भ को लगातार नहीं समझ पाए।
पत्रकार ने यह भी महसूस किया कि वह बॉट्स को “वह” कहकर इंसानी रूप देने लगा था। उसे इनसे तुरंत जवाब मिलते थे और किसी वास्तविक व्यक्ति को परेशान किए बिना सलाह लेने का एहसास होता था। लेकिन यह सुविधा कभी-कभी खुद एक नए काम में बदल जाती थी—बॉट के जवाबों पर नजर रखना, निर्देश बदलना और उसकी गलतियों को सुधारना।
Brian Bot ने आखिर में खुद को एक ऐसा सिस्टम बताया जो बहुत अधिक डेटा के बावजूद बेहतर संपादक नहीं बन पाया। उसके जवाबों में इंसानी judgment के बजाय उसी बात की पुनरावृत्ति दिखी। पत्रकार के लिए इस पूरे प्रयोग का सबसे मनोरंजक हिस्सा AI की उपयोगिता नहीं, बल्कि उसके अजीब जवाबों पर वास्तविक सहकर्मियों के साथ हंसना था।
अब पत्रकार ने Brian Bot और Sophie Bot से बात करना लगभग बंद कर दिया है। Brian और Sophie दोनों ने कहा कि वे अपने AI counterparts के साथ काम नहीं करना चाहेंगे। प्रयोग ने यह जरूर दिखाया कि AI एजेंटों के साथ काम करने का भविष्य संभव है, लेकिन असली लोगों की जटिलता की नकल करना अभी भी मुश्किल है।
निष्कर्ष
AI क्लोन छोटे कामों में मदद कर सकते हैं, लेकिन सहकर्मी की नकल इंसानी समझ, संदर्भ और जवाबदेही की जगह नहीं लेती। इस प्रयोग में सुविधा से ज्यादा महत्वपूर्ण उसकी सीमाएं सामने आईं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. AI क्लोन क्या होते हैं?
AI क्लोन ऐसे डिजिटल सिस्टम हैं जिन्हें किसी व्यक्ति की भाषा, पसंद और काम करने के अंदाज की नकल करने के लिए तैयार किया जाता है।
Q. Brian Bot और Sophie Bot किसके बनाए गए थे?
ये Brian Barrett और Sophie Kleeman के डिजिटल क्लोन थे। इन्हें सहकर्मियों की कार्यशैली समझने के लिए बनाया गया था।
Q. Sophie Bot को किस डेटा से तैयार किया गया?
Sophie Bot के लिए संवेदनशील सामग्री हटाकर करीब एक महीने की Slack बातचीत इस्तेमाल की गई। इससे 17,000 से ज्यादा शब्दों की सामग्री तैयार हुई।
Q. क्या AI बॉट ने संपादकीय काम में मदद की?
दोनों बॉट्स ने हेडलाइन, इंटरव्यू स्रोत और संदेशों पर कुछ सुझाव दिए। उनकी गलतियों और दोहराव ने उपयोगिता सीमित कर दी।
Q. AI कर्मचारी से जुड़ी सबसे बड़ी चिंता क्या है?
मुख्य चिंता यह है कि AI कर्मचारी की गलती होने पर जवाबदेही किसकी होगी। इस सवाल पर कामकाजी संस्थानों में अभी स्पष्टता नहीं है।
Q. क्या AI कर्मचारी इंसानों की जगह ले सकते हैं?
इस प्रयोग में Brian Bot और Sophie Bot संपादकों की जगह लेने में सक्षम नहीं दिखे। वे कुछ सीमित कामों में मददगार जरूर रहे।
Q. AI को इंसान की तरह पेश करने पर चिंता क्यों है?
Sarah Franklin के अनुसार, मानवीय व्यवहार की नकल लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकती है।














