नई दिल्ली में हुए BRICS शिखर सम्मेलन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि तेहरान अमेरिका के साथ जल्द से जल्द डील करना चाहता है, लेकिन बातचीत में शामिल होने का फैसला अमेरिका करेगा।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका बातचीत के विचार के लिए खुला है। उनके बयान के मुताबिक, ईरान समझौते की कोशिश कर रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय उनकी तरफ से लिया जाएगा।
ईरान के साथ बातचीत पर ट्रंप का रुख
ट्रंप ने ईरान को एक ऐसे देश के रूप में पेश किया जो समझौते के लिए दबाव में है। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह तय करेगा कि बातचीत में शामिल होना है या नहीं।
यह बयान ईरान के साथ जारी सैन्य टकराव के बीच आया है। इस घटनाक्रम में बातचीत, तेल की आवाजाही और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बनी हुई है।
महंगाई पर बाइडन प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया
एक अलग बयान में ट्रंप ने अमेरिका में बढ़ती कीमतों के लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके प्रशासन को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी उनकी वजह से नहीं हुई।
ट्रंप ने यह दावा भी किया कि बाइडन के कार्यकाल में तेल की कीमतें मौजूदा कीमतों से ज्यादा थीं। उनके मुताबिक, उनके प्रशासन ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका।
ट्रंप ने कहा कि तेल को छोड़कर बाकी कीमतें अस्थायी रूप से तेजी से नीचे आ रही हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि ईरान के साथ सैन्य संघर्ष खत्म होने पर तेल की कीमतों में तेज गिरावट आएगी। साथ ही, उन्होंने कहा कि यह संघर्ष ज्यादा लंबा नहीं चलेगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा पर भुगतान की मांग
ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से फायदा उठाने वाले देशों को इस महत्वपूर्ण तेल मार्ग की सुरक्षा के लिए अमेरिका को भुगतान करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान दूसरे देशों ने अमेरिका की कोई मदद नहीं की। इसके बावजूद, उनके मुताबिक, इस समुद्री मार्ग से तेल की आवाजाही जारी है।
ट्रंप ने कहा कि सैन्य टकराव खत्म होने के बाद अमेरिका को इस मार्ग की सुरक्षा के बदले दूसरे देशों से पैसा मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन देशों ने अमेरिका की मदद नहीं की, उन्हें भुगतान करना होगा।
तेल आपूर्ति और वैश्विक असर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल का प्रवाह जारी रहने और उसकी सुरक्षा को लेकर ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब यह मार्ग सैन्य टकराव के बीच अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बना हुआ है।
तेल की कीमतों को लेकर ट्रंप ने गिरावट का दावा किया है, लेकिन उनके बयान में इसके लिए कोई आंकड़ा नहीं दिया गया।
निष्कर्ष
ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत का विकल्प खुला रखते हुए फैसला अमेरिका के हाथ में बताया है। उनके बयानों में समझौते, तेल की कीमतों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा पर अमेरिकी शर्तों को प्रमुखता दी गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ट्रंप ने ईरान के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ जल्द समझौता करना चाहता है, लेकिन बातचीत का फैसला अमेरिका करेगा।
Q. क्या अमेरिका ईरान से बातचीत के लिए तैयार है?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका बातचीत के विचार के लिए खुला है।
Q. ट्रंप ने अमेरिका में बढ़ती कीमतों के लिए किसे जिम्मेदार बताया?
उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
Q. ट्रंप ने तेल की कीमतों को लेकर क्या दावा किया?
उन्होंने कहा कि सैन्य टकराव खत्म होने पर तेल की कीमतों में तेज गिरावट आएगी।
Q. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ट्रंप की मांग क्या है?
उन्होंने कहा कि इस मार्ग से फायदा उठाने वाले देशों को उसकी सुरक्षा के लिए अमेरिका को भुगतान करना चाहिए।
Q. ट्रंप के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से क्या जारी है?
उन्होंने कहा कि इस समुद्री मार्ग से तेल की आवाजाही जारी है।












