अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के नाम में मौजूद ‘आर्टिफिशियल’ शब्द इंटेलिजेंस को नकली जैसा बनाता है।

ट्रंप ने इसके उलट इंटेलिजेंस को वास्तविक और अद्भुत बताया। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका के दस्तावेजों में इस तकनीक के लिए अलग शब्द इस्तेमाल किया जाएगा। उनके बयान के मुताबिक, आगे ‘सुपर इंटेलिजेंस’ नाम का इस्तेमाल होगा।

ट्रंप ने क्या कहा

ट्रंप ने अपने संबोधन में नाम बदलने की वजह भी बताई। उनका कहना था कि ‘आर्टिफिशियल’ शब्द इंटेलिजेंस को कम वास्तविक दिखाता है, जबकि यह तकनीक असाधारण है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के सभी दस्तावेजों में आगे इस बदलाव को शामिल किया जाएगा। हालांकि, किन दस्तावेजों में और किस प्रक्रिया के तहत यह शब्द बदलेगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

ट्रंप ने एआई की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जो इस रेस को जीतेगा, वही राज करेगा। यह बयान तकनीक को देशों की ताकत और वैश्विक प्रभाव से जोड़ता है।

यूएन महासभा में एआई का मुद्दा

ट्रंप का बयान संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान आया। इस सत्र में दुनिया के नेता अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार रख रहे हैं। मौजूदा कवरेज में एआई से जुड़े डर और संयुक्त राष्ट्र सुधार को भी प्रमुख एजेंडे में शामिल बताया गया है।

एआई को लेकर बहस में तकनीक के नाम, उसके इस्तेमाल और उससे जुड़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे शामिल हैं। ट्रंप ने अपने संबोधन में नाम और तकनीकी बढ़त को केंद्र में रखा।

अमेरिकी दस्तावेजों पर असर

ट्रंप के बयान से इतना स्पष्ट है कि वह अमेरिकी सरकारी दस्तावेजों में इस तकनीक के नाम को बदलने की बात कर रहे हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द किस तरह के दस्तावेजों और आधिकारिक इस्तेमाल में लागू होगा।

इसलिए फिलहाल बयान का मुख्य असर शब्दावली और सरकारी संचार से जुड़ा दिखाई देता है। किसी नई नीति, नियम या अलग कार्यक्रम की घोषणा की जानकारी नहीं दी गई है।

आगे क्या स्पष्ट होना बाकी है

ट्रंप ने बदलाव की दिशा बताई, लेकिन इसके अमल से जुड़ी जानकारी सामने नहीं आई है। अमेरिकी दस्तावेजों में नया शब्द कब और किस स्तर पर इस्तेमाल होगा, यह स्पष्ट नहीं है।

इसी तरह, ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द के लिए कोई अलग तकनीकी परिभाषा या आधिकारिक ढांचा घोषित किए जाने की जानकारी भी नहीं है।

निष्कर्ष

डोनाल्ड ट्रंप ने यूएन महासभा में एआई का नाम ‘सुपर इंटेलिजेंस’ करने की बात कही और इस तकनीकी रेस को वैश्विक ताकत से जोड़ा। अब मुख्य सवाल इसके आधिकारिक इस्तेमाल और अमल की प्रक्रिया पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. डोनाल्ड ट्रंप ने यूएन महासभा में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि ‘आर्टिफिशियल’ शब्द इंटेलिजेंस को नकली जैसा बनाता है और यह तकनीक वास्तव में अद्भुत है।

Q. ट्रंप एआई के लिए कौन सा नया नाम चाहते हैं?

उन्होंने ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द इस्तेमाल करने की बात कही।

Q. यह बयान किस मंच पर दिया गया?

यह बयान संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में दिया गया।

Q. अमेरिकी दस्तावेजों में क्या बदलाव होगा?

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के दस्तावेजों में आगे इस तकनीक के लिए नया शब्द इस्तेमाल किया जाएगा।

Q. ट्रंप ने एआई की रेस पर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि जो इस रेस को जीतेगा, वही राज करेगा।

Q. क्या नई एआई नीति की घोषणा हुई है?

नई नीति, नियम या अलग कार्यक्रम की घोषणा की जानकारी नहीं दी गई है।