दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स को तस्वीरों के संभावित गलत इस्तेमाल को लेकर सतर्क किया है। पुलिस के मुताबिक, देखने में सामान्य या nostalgia से जुड़ी तस्वीरें भी फर्जी प्रोफाइल, ब्लैकमेल और साइबर फ्रॉड का जरिया बन सकती हैं।

जागरूकता संदेश में लोगों को अनजान एआई टूल पर अपनी फोटो अपलोड नहीं करने की सलाह दी गई है। इसमें random links पर क्लिक करने से बचने को भी कहा गया है, क्योंकि किसी trend या filter के पीछे scam छिपा हो सकता है।

तस्वीर के साथ साझा की गई सामग्री में यह भी बताया गया है कि फोटो का दुरुपयोग पहचान से जुड़ी परेशानी, फर्जी प्रोफाइल, धोखाधड़ी, ब्लैकमेल या साइबर अपराध में हो सकता है। संदेश का मुख्य जोर निजी तस्वीरों और ऑनलाइन पहचान की सुरक्षा पर है।

साइबर फ्रॉड की शिकायत कैसे करें

साइबर फ्रॉड के लिए हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों को ऑनलाइन दुनिया में सतर्क रहने और साइबर खतरों को समझने की जरूरत पर जोर दिया है।

नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर उपलब्ध Suspect Repository सुविधा के जरिए नागरिक संदिग्ध पहचानकर्ताओं की जांच कर सकते हैं। इसमें मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, अकाउंट नंबर, यूआरएल और अन्य पहचानकर्ताओं के साइबर अपराधियों से संभावित संबंध खोजने का विकल्प दिया गया है।

संदिग्ध पहचानकर्ताओं की रिपोर्टिंग

पोर्टल की Report Suspect सुविधा से नागरिक अलग-अलग तरह की संदिग्ध जानकारी साझा कर सकते हैं। इसमें ये श्रेणियां शामिल हैं:

  • वेबसाइट यूआरएल
  • WhatsApp नंबर और Telegram हैंडल
  • फोन नंबर
  • ईमेल आईडी
  • एसएमएस हेडर या नंबर
  • सोशल मीडिया यूआरएल

इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने नागरिकों और कर्मचारियों को साइबर फ्रॉड के तरीकों के बारे में जागरूक करने के लिए दस्तावेज तैयार किया है। पोर्टल की सुविधाओं और साइबर अपराध की रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को समझाने के लिए भी सामग्री उपलब्ध है।

दिल्ली पुलिस के संदेश में साइबर जागरूकता को लगातार चलने वाली प्रक्रिया बताया गया है। इसका उद्देश्य नागरिकों को ऑनलाइन खतरों की पहचान करने और जिम्मेदारी से व्यवहार करने में मदद करना है।

निष्कर्ष

दिल्ली पुलिस की चेतावनी का केंद्र निजी तस्वीरों और ऑनलाइन पहचान का दुरुपयोग है। साइबर फ्रॉड की शिकायत के लिए 1930 और संदिग्ध पहचानकर्ताओं की जांच या रिपोर्टिंग के लिए नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. पुरानी तस्वीरों से क्या खतरा हो सकता है?

पुरानी तस्वीरों का इस्तेमाल फर्जी प्रोफाइल, ब्लैकमेल और साइबर ठगी के लिए किया जा सकता है।

Q. साइबर फ्रॉड की शिकायत किस नंबर पर करें?

साइबर फ्रॉड की शिकायत के लिए 1930 पर संपर्क किया जा सकता है।

Q. Suspect Repository क्या है?

यह नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की सुविधा है, जिसमें संदिग्ध मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, अकाउंट नंबर, यूआरएल और अन्य पहचानकर्ताओं के संभावित संबंध खोजे जा सकते हैं।

Q. Report Suspect सुविधा में क्या रिपोर्ट किया जा सकता है?

इस सुविधा से वेबसाइट यूआरएल, WhatsApp नंबर, Telegram हैंडल, फोन नंबर, ईमेल आईडी, एसएमएस हेडर या नंबर और सोशल मीडिया यूआरएल रिपोर्ट किए जा सकते हैं।

Q. क्या अनजान एआई टूल पर फोटो अपलोड करनी चाहिए?

जागरूकता संदेश में अनजान एआई टूल पर अपनी फोटो अपलोड नहीं करने को कहा गया है।

Q. random links पर क्लिक करने से क्यों बचना चाहिए?

जागरूकता सामग्री में बताया गया है कि किसी trend या filter के पीछे scam छिपा हो सकता है।

Q. I4C का साइबर जागरूकता में क्या काम है?

इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने साइबर फ्रॉड के तरीकों और पोर्टल की कार्यप्रणाली को समझाने वाली सामग्री तैयार की है।