ईरान ने अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद रखा है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम है, इसलिए इसके इस्तेमाल ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दबाव डाला। अब 1 अमेरिकी जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट ने कहा है कि होर्मुज ईरान के लिए पहले जितना प्रभावी रणनीतिक हथियार नहीं रह गया।

विल्सन सेंटर के ग्लोबल फेलो थॉमस ओडोनेल के मुताबिक, ईरान के कई प्रॉक्सी कमजोर पड़ गए हैं। ऐसे में तेहरान के पास अपनी सत्ता बचाने के लिए रॉकेट, ड्रोन और होर्मुज से खतरा पैदा करने की क्षमता प्रमुख विकल्पों में रह गई है। हालांकि, दूसरी क्षमताओं के कमजोर होने के साथ इन साधनों का असर भी घट रहा है।

तेल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक रास्ते

युद्ध से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य से हर दिन 1.4 करोड़ से 1.5 करोड़ बैरल तेल गुजरता था। ओडोनेल का कहना है कि इस आपूर्ति के बड़े हिस्से के बिना भी काम चलाना पूरी तरह असंभव नहीं है।

सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट क्रूड ऑयल पाइपलाइन घरेलू इस्तेमाल के अलावा हर दिन 50 लाख बैरल तेल पहुंचाती है। संयुक्त अरब अमीरात की पाइपलाइन से रोज 15 से 18 लाख बैरल तेल की आपूर्ति होती है। ये रास्ते होर्मुज पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकते हैं।

संकट के दौरान इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के 32 सदस्य देशों ने लगभग 40 करोड़ बैरल तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद जारी करने की मंजूरी दी। अमेरिका ने अपने रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व से 17.2 करोड़ बैरल तेल देने का वादा किया है।

इन आंकड़ों में उत्तरी अमेरिका, मध्य और दक्षिणी अमेरिका तथा कैरीबियन देशों की आपूर्ति शामिल नहीं है। इन क्षेत्रों से दुनिया का लगभग 32% से 40% तेल आता है।

पाइपलाइन योजनाओं से घटेगा महत्व

ओडोनेल ने कहा कि मौजूदा आपूर्ति रुकावट का असर 20 साल पहले जैसी स्थिति से अलग है। उनके मुताबिक, तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाना और अगले ही दिन 80 डॉलर पर आ जाना जियो-स्ट्रैटेजिक उतार-चढ़ाव को दिखाता है।

कई प्रस्तावित पाइपलाइन योजनाएं होर्मुज के महत्व को और कम कर सकती हैं। इनमें संयुक्त अरब अमीरात की समानांतर पाइपलाइन और इराक से सीरिया तक पाइपलाइन योजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य तेल के लिए वैकल्पिक रास्ते तैयार करना है।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इस महीने की शुरुआत में अनुमान जताया था कि अगले 2 वर्षों में होर्मुज जलडमरूमध्य केवल पानी का 1 हिस्सा बनकर रह जाएगा। अनुमान के मुताबिक, इस जलमार्ग से होने वाले निर्यात का 50-70% हिस्सा जमीन के नीचे बनी पाइपलाइनों से भेजा जा सकता है।

ईरान की निगरानी क्षमता पर असर

ओडोनेल ने ऊर्जा ट्रांजिट पॉइंट के रूप में होर्मुज की घटती उपयोगिता के साथ ईरान की सैन्य क्षमता में कमी का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, अमेरिका की लगातार बमबारी ने ईरान के हर रडार को नष्ट कर दिया।

उनका कहना है कि अब टैंकर रात में छिपकर निकल रहे हैं और ईरान उन्हें ठीक से नहीं देख पा रहा। इस आकलन के अनुसार, समय बीतने के साथ होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण कमजोर होता जाएगा।