अमेरिका फिलहाल ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर नए सैन्य अभियान शुरू करने से बचने की नीति पर चल रहा है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल के दिनों में कई देशों के विदेश मंत्रियों से बातचीत के दौरान यह रुख स्पष्ट किया है।

रुबियो के मुताबिक, अमेरिका अब ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक और रणनीतिक दबाव बढ़ाएगा। इस नीति में इसी सप्ताह घोषित प्रतिबंध भी शामिल हैं। हालांकि, ईरान की ओर से पहले हमला किए जाने की स्थिति में अमेरिकी सैन्य जवाब की संभावना खुली रखी गई है।

ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, नई नीति के तीन प्रमुख हिस्से हैं। इनमें नौसैनिक नाकेबंदी के जरिए दबाव बनाए रखना, नए आर्थिक प्रतिबंध लागू करना और होर्मुज जलडमरूमध्य से संभव मात्रा में तेल की आवाजाही जारी रखना शामिल है।

एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि रुबियो ने साफ किया है कि अमेरिका बड़े पैमाने के युद्ध अभियानों में लौटने की योजना नहीं बना रहा। एक अन्य अधिकारी के मुताबिक, कम से कम मध्यावधि चुनावों तक यही नीति जारी रहने की उम्मीद है। इसके बाद नए सैन्य अभियान पर फिर विचार किया जा सकता है।

रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका का मानना है कि नौसैनिक नाकेबंदी से ईरान पर दबाव बढ़ा है। इसी दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से लगातार अधिक मात्रा में तेल बाहर निकाला जा रहा है। यह स्थिति युद्ध को समाप्त करने की इच्छा से भी जोड़ी जा रही है।

अमेरिकी नौसेना द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगें हटाने को एक अमेरिकी अधिकारी ने संघर्ष का निर्णायक मोड़ बताया। उनके अनुसार, इस कार्रवाई ने ईरान के दबाव बनाने की क्षमता को काफी हद तक कमजोर किया है।

होर्मुज से जहाजों की आवाजाही सीमित

शिपिंग डेटा के मुताबिक, मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से 5 कमोडिटी जहाज गुजरे। यह संख्या एक दिन पहले के मुकाबले लगभग अपरिवर्तित रही, लेकिन सामान्य औसत से काफी कम बताई गई है।

शिप-ट्रैकिंग कंपनी Kpler के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, 2 लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस टैंकर और बिटुमेन ले जा रहा 1 टैंकर जलडमरूमध्य से बाहर निकला। इसी दौरान खाली प्रोडक्ट टैंकर इस जलमार्ग में दाखिल हुए।

होर्मुज से तेल की आवाजाही और ईरान पर आर्थिक दबाव, अमेरिका की मौजूदा नीति के अहम हिस्से बने हुए हैं। सैन्य कार्रवाई का विकल्प पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है, लेकिन फिलहाल प्राथमिकता युद्ध अभियानों के बजाय दबाव बनाए रखने की है।