टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने 11वीं गिरफ्तारी की है। सोनीपत जिले के गांव हरसाना निवासी प्रांजल को इंदौर से पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि वह शूटरों तक हथियार और जिंदा कारतूस पहुंचाने में शामिल था।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, प्रांजल से मिली जानकारी के आधार पर गुजरात के सूरत से तीन अवैध हथियार और 10 कारतूस बरामद किए गए। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की सप्लाई और फायरिंग की साजिश में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी।
इस मामले में गिरफ्तार 11 आरोपियों में आठ सोनीपत जिले के रहने वाले बताए गए हैं। प्रांजल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई और कहा कि उसे गलत तरीके से हिरासत में लिया गया है।
परिवार का दावा और पुलिस की कार्रवाई
परिजनों के अनुसार, प्रांजल इंदौर में अपने उस भाई के पास था, जो एक अस्पताल में भर्ती है और जिसका इलाज चल रहा है। परिवार का कहना है कि वह भाई की देखभाल के लिए इंदौर गया था। इसी दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार किया।
परिजन प्रांजल को निर्दोष बता रहे हैं। उनका दावा है कि उसका टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले से कोई संबंध नहीं है। बचाव पक्ष ने अदालत में भी इसी आधार पर पुलिस कस्टडी का विरोध किया। उसका तर्क था कि यदि प्रांजल फायरिंग की साजिश में शामिल होता, तो वह उस समय इंदौर में अपने भाई के पास नहीं होता।
जांच में प्रांजल का संबंध पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी कुणाल से भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, पानीपत में हुई फायरिंग की घटना में कुणाल के साथ प्रांजल का नाम भी सामने आया था। दोनों के बीच बातचीत होने की बात भी जांच में सामने आई है।
अदालत में क्राइम ब्रांच की दलील
प्रांजल ठाकराल को किला कोर्ट में पेश किया गया। क्राइम ब्रांच ने अदालत को बताया कि वह सीधे तौर पर अनिल पंडित के संपर्क में था। एजेंसी के अनुसार, बातचीत के जरिए उसने गोली चलाने वाले आरोपियों तक हथियार पहुंचाने में मदद की। पुलिस ने कहा कि संपर्क अलग-अलग एप्लिकेशन और फोन के माध्यम से किया गया था।
क्राइम ब्रांच ने अदालत से जांच के लिए प्रांजल की पुलिस कस्टडी मांगी। एजेंसी को यह पता लगाना है कि वह अनिल पंडित के संपर्क में कैसे आया और शूटरों तक हथियार पहुंचाने में उसकी क्या भूमिका रही। बचाव पक्ष ने इस मांग का विरोध किया और इंदौर में भाई के इलाज से जुड़ी स्थिति का हवाला दिया।
क्राइम ब्रांच ने अदालत में बताया कि प्रांजल पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत संगठित अपराध का आरोप है। एजेंसी ने कहा कि मामले में उसकी भूमिका की जांच के लिए पुलिस कस्टडी जरूरी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने प्रांजल ठाकराल को 31 अक्टूबर तक क्राइम ब्रांच की कस्टडी में भेज दिया।
जांच का मौजूदा आधार
पुलिस की जांच में फिलहाल तीन प्रमुख कड़ियां सामने रखी गई हैं। इनमें सूरत से हथियार और कारतूस की बरामदगी, अनिल पंडित के साथ कथित संपर्क और कुणाल के साथ प्रांजल का संबंध शामिल है। इन दावों के आधार पर एजेंसी उसकी भूमिका की पड़ताल कर रही है।
दूसरी ओर, परिवार लगातार कह रहा है कि प्रांजल निर्दोष है और उसका फायरिंग की घटना से कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए मामले में पुलिस के आरोप और परिवार के दावे, दोनों अलग-अलग बने हुए हैं। अदालत ने जांच आगे बढ़ाने के लिए उसे 31 अक्टूबर तक क्राइम ब्रांच की कस्टडी में भेजा है।
निष्कर्ष
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में प्रांजल की गिरफ्तारी के बाद गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 11 हो गई है। पुलिस हथियारों की बरामदगी और कथित संपर्कों के आधार पर उसकी भूमिका की जांच कर रही है, जबकि परिवार उसकी बेगुनाही का दावा कर रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं?
मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 11वीं गिरफ्तारी की है।
Q. प्रांजल को कहां से गिरफ्तार किया गया?
प्रांजल को इंदौर से गिरफ्तार किया गया। वह सोनीपत के गांव हरसाना का निवासी है।
Q. प्रांजल से जुड़े सुरागों पर क्या बरामद हुआ?
पुलिस के मुताबिक, उसकी निशानदेही पर सूरत से तीन अवैध हथियार और 10 कारतूस मिले हैं।
Q. परिवार ने गिरफ्तारी पर क्या कहा है?
परिवार ने प्रांजल को निर्दोष बताया है। उसका दावा है कि वह इंदौर में अस्पताल में भर्ती अपने भाई के पास था।
Q. अदालत ने प्रांजल के बारे में क्या आदेश दिया?
अदालत ने प्रांजल ठाकराल को 31 अक्टूबर तक क्राइम ब्रांच की कस्टडी में भेज दिया है।





