ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा ने मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धमकी मिलने का दावा किया है। उनके मुताबिक, शनिवार को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने पहुंचने के दौरान थाने के बाहर 50-60 लोग मौजूद थे।

नेहा बोरा ने अपने एक्स हैंडल पर साझा वीडियो में कहा कि भीड़ लाउडस्पीकर से उनके खिलाफ ऐलान कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां उन्हें धमकी दी गई और उनके खिलाफ नारे लगाए गए। यह दावा नेहा बोरा ने खुद वीडियो में किया है।

पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप

नेहा बोरा ने कहा कि पुलिस स्टेशन के बाहर इतनी बड़ी भीड़ मौजूद होने के बावजूद पुलिस ने उसे हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि आम लोगों के नारे लगाने को शांति भंग मानने और थाने के बाहर मौजूद भीड़ पर कार्रवाई न करने का अलग-अलग आधार क्या है।

उनके बयान के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच और एसआईआर रोकने की मांग उठाई जा रही थी। नेहा बोरा ने इस कार्रवाई को शांति व्यवस्था से जुड़े सवाल के रूप में रखा।

हाई कोर्ट के बाद एसईएम के सामने पेशी

नेहा बोरा शनिवार को हाई कोर्ट में अपनी याचिका खारिज होने के बाद एसईएम के सामने पेश होने मंदिर मार्ग थाने पहुंची थीं। सुनवाई के दौरान एसईएम ने दिल्ली पुलिस को उनके वकील को संबंधित दस्तावेज देने का निर्देश दिया। वकील को जवाब दाखिल करने के लिए समय भी दिया गया है।

इस मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को तय की गई है। नेहा बोरा एसईएम के सामने पीस बॉन्ड भरने से इनकार कर रही हैं।

हिरासत और विरोध प्रदर्शनों का संदर्भ

दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा को राजधानी में 'लहरा दो तिरंगा' मार्च में शामिल होने के दौरान हिरासत में लिया था। इस दौरान उन्हें नोटिस जारी किया गया था। बाद में उन्होंने उस नोटिस को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई।

नेहा बोरा हाल में राजधानी में हुए अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों में शामिल रही हैं। इन प्रदर्शनों में एसआईआर को लेकर कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार के इस्तीफे की मांग की गई है।

निष्कर्ष

नेहा बोरा ने मंदिर मार्ग थाने के बाहर धमकी और पुलिस की निष्क्रियता का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, एसईएम की कार्यवाही में दस्तावेज देने और जवाब दाखिल करने के लिए समय दिए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. नेहा बोरा ने क्या आरोप लगाया है?

नेहा बोरा ने दावा किया है कि मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर 50-60 लोगों ने उन्हें धमकी दी। उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।

Q. नेहा बोरा थाने क्यों पहुंची थीं?

वह हाई कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने पहुंची थीं।

Q. एसईएम की सुनवाई में क्या निर्देश दिया गया?

एसईएम ने दिल्ली पुलिस को नेहा बोरा के वकील को संबंधित दस्तावेज देने का निर्देश दिया। जवाब दाखिल करने के लिए समय भी दिया गया।

Q. मामले की अगली सुनवाई कब है?

मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को तय की गई है।

Q. नेहा बोरा पीस बॉन्ड के बारे में क्या कर रही हैं?

नेहा बोरा एसईएम के सामने पीस बॉन्ड भरने से इनकार कर रही हैं।

Q. नेहा बोरा को पहले कब हिरासत में लिया गया था?

दिल्ली पुलिस ने उन्हें 'लहरा दो तिरंगा' मार्च में शामिल होने के दौरान हिरासत में लिया था।