सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट परिसर में राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के अन्य नेताओं के पहुंचने के दौरान हुई नारेबाजी और कथित हंगामे से जुड़े मामले में हुई। अदालत ने उस विरोध प्रदर्शन के दौरान परिसर में मौजूद सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया है।

सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट मार्च का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "न्यायपालिका को कोई धमका नहीं सकता।" यह टिप्पणी अदालत परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन पर सुनवाई के दौरान सामने आई।

मामला राहुल गांधी और अन्य इंडिया ब्लॉक नेताओं की उन याचिकाओं से भी जुड़ा है, जिनमें SIR से संबंधित निर्णयों को लेकर भारतीय चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए गए हैं। इसी सिलसिले में विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।

अदालत में किसने मुद्दा उठाया

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और सीनियर वकील गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट में विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। गौरव भाटिया ने कहा कि अदालत परिसर में जो हुआ, उससे वकील आहत हैं। उनके अनुसार, 200 वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को पत्र लिखा है।

गौरव भाटिया ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के जरिए अदालत को धमकाने की कोशिश की गई। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अदालत को कोई धमका नहीं सकता। उन्होंने यह भी कहा कि लोग बाहर कुछ भी बोलते हैं, लेकिन अदालत में आने पर उनकी भाषा बदल जाती है।

भाटिया के इस दावे पर कि विपक्ष का विरोध प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट मार्च अदालत पर दबाव बनाने का प्रयास था, मुख्य न्यायाधीश ने इन प्रयासों को कमजोर बताया। उन्होंने कहा, "ये कमजोर प्रयास हैं जिन पर कोई ध्यान नहीं देता। बाहर वे बयान देते हैं। हम कोई अलग-थलग जगह पर नहीं बैठे हैं, हमें भी चीजों की जानकारी है।"

विरोध प्रदर्शन और SIR का मुद्दा

12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। उस दौरान राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने SIR और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिकाएं दायर की थीं।

इस मार्च के दौरान अदालत परिसर में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। आरोप है कि परिसर के अंदर नारेबाजी भी हुई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने उस समय की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।

निष्कर्ष

इस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया और अदालत परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन पर कड़ी टिप्पणी की। मामले से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को नोटिस क्यों जारी किया?

सुप्रीम कोर्ट परिसर में राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के पहुंचने के दौरान हुई नारेबाजी और कथित हंगामे से जुड़े मामले में नोटिस जारी किया गया है।

Q. सुप्रीम कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज को लेकर क्या निर्देश दिया?

अदालत ने विपक्षी विरोध प्रदर्शन के दौरान परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।

Q. सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने क्या कहा?

उन्होंने कहा, "न्यायपालिका को कोई धमका नहीं सकता।" उन्होंने विरोध प्रदर्शन से जुड़े प्रयासों को भी कमजोर बताया।

Q. विरोध प्रदर्शन कब हुआ था?

विपक्षी दलों ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था।

Q. मार्च किन मुद्दों को लेकर निकाला गया था?

मार्च चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े मुद्दों को लेकर निकाला गया था।