दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और AISA की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हंगामे के साथ शुरू हुई। नेहा बोरा के बोलना शुरू करते ही कुछ लोगों ने 'बंद करो' के नारे लगाए। अभिजीत दीपके ने वहां मौजूद लोगों को शांत कराने की कोशिश की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडवोकेट कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण और अभिनेता प्रकाश राज भी शामिल थे।
नेहा बोरा ने कहा कि यह लड़ाई दिल्ली के जंतर-मंतर, मुंबई के शिवाजी पार्क और देश के अलग-अलग हिस्सों में जारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को हिरासत में लेने या मारपीट करने से आंदोलन नहीं रुकेगा।
अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में फिर प्रदर्शन करेगी। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। दीपके ने आरोप लगाया कि इसके पीछे 'वन नेशन, वन पार्टी' और 'वन नेशन, वन लीडर' की मंशा है।
उन्होंने कहा कि आशुतोष और सौरव को तिरंगा लहराने के लिए हिरासत में लिया गया। दीपके ने सवाल उठाया कि ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं और सरकार उन्हें क्यों बचा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2024 में INDIA गठबंधन और भाजपा के बीच वोटों का अंतर करीब 2% था, जबकि 14% वोट डिलीट कर दिए गए।
कनॉट प्लेस के प्रदर्शन पर व्यापारियों की आपत्ति
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कनॉट प्लेस में CJP के 'लहरा दो तिरंगा मार्च' को अनुमति नहीं देने की मांग की है। गोयल ने कहा कि प्रदर्शन को लेकर दिल्ली के करीब 20 लाख व्यापारियों में चिंता है। उन्होंने दावा किया कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से कारोबार को 2,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।
दिल्ली हाईकोर्ट कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील सचिन पुरी ने कहा कि प्रदर्शन सेंट्रल पार्क के बीच में आयोजित किया जा रहा है और इससे इलाके में परेशानी हो सकती है। उन्होंने दशहरा सप्ताहांत का हवाला देकर आयोजन रोकने की मांग की।
हिरासत और प्रदर्शन स्थल को लेकर विवाद
दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया। दोनों को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। इससे पहले CJP फाउंडर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से हिरासत में लिया गया था।
तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया। इसके बाद उन्हें 50-50 हजार रुपए के जमानती मुचलके पर रिहा किया गया। रिहाई की शर्त के तहत उन्हें 1 साल तक शांति बनाए रखने और ऐसा कोई काम नहीं करने के लिए बॉन्ड साइन करना था, जिससे शांति भंग हो।
केंद्र सरकार ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया। गृह मंत्रालय की कमेटी की सिफारिश पर रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड प्रदर्शन स्थलों के तौर पर बनाए गए हैं। CJP ने 12 अक्टूबर को CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर रोक की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने इनकार कर दिया था।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की विचारधारा को बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों से प्रेरित बताया। उन्होंने एक वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया कि नेहा बोरा भारत में भी बांग्लादेश जैसा आंदोलन चाहती हैं।
इन दावों के बीच CJP और AISA की प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदर्शन, हिरासत और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों पर चर्चा हुई। कनॉट प्लेस में प्रस्तावित आयोजन को लेकर अदालत की सुनवाई और व्यापारियों की आपत्ति अब इस विवाद का अगला प्रमुख पहलू है।
निष्कर्ष
CJP और AISA की प्रेस कॉन्फ्रेंस में नारेबाजी के बाद कनॉट प्लेस के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और कारोबारी विवाद बढ़ गया है। आयोजन की अनुमति, अदालत की सुनवाई और प्रदर्शन स्थल से जुड़े फैसले पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या हुआ?
नेहा बोरा के बोलना शुरू करते ही कुछ लोगों ने 'बंद करो' के नारे लगाए। अभिजीत दीपके ने हंगामा शांत कराने की कोशिश की।
Q. CJP किस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रही है?
CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में प्रदर्शन कर रही है।
Q. कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन की तारीख क्या है?
अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में फिर प्रदर्शन करेगी।
Q. व्यापारियों ने क्या मांग की है?
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर प्रदर्शन को अनुमति नहीं देने की मांग की है।
Q. प्रदर्शन से कारोबार को कितना नुकसान होने का दावा किया गया?
बृजेश गोयल ने दावा किया कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से कारोबार को 2,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
Q. अदालत ने किन लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा?
दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
Q. जंतर-मंतर को लेकर क्या फैसला हुआ?
केंद्र सरकार ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया।




