अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अंतिम रूप दिए जाने के बेहद करीब है। यह बयान उनके भारत दौरे से पहले आया है। रुबियो 19 से 22 अक्टूबर तक भारत में रहेंगे और 20 अक्टूबर को मुंबई में विदेश मंत्री एस जयशंकर से बातचीत करेंगे।

रुबियो ने रूस से तेल और गैस खरीद से जुड़े सवालों पर भी अमेरिकी रुख समझाया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ी, क्योंकि उसका असर वैश्विक आपूर्ति और कीमतों पर पड़ रहा था। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसलों में कई जटिल परिस्थितियों को ध्यान में रखना पड़ता है।

उन्होंने भारत के साथ प्रस्तावित समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देश ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं और बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। रुबियो ने यह भी कहा कि विदेश नीति बनाते समय ऊर्जा, भौगोलिक स्थिति और दूसरे जरूरी पहलुओं के बीच संतुलन बनाना पड़ता है।

मुंबई में जयशंकर से बातचीत

मुंबई में होने वाली बैठक का उद्देश्य भारत-अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना बताया गया है। बातचीत में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों तथा द्विपक्षीय सहयोग के दूसरे क्षेत्रों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

दोनों पक्ष क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा कर सकते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय बातचीत जारी रखने और साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का अवसर देगी।

रुबियो की मुंबई यात्रा के दौरान वह अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ से जुड़े समारोह में गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर भी शामिल होंगे। उनकी यात्रा के कार्यक्रम में जामनगर और मुंबई का दौरा शामिल है।

यूएई के विदेश मंत्री से भी मुलाकात

रुबियो की मेजबानी से पहले जयशंकर संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। शेख अब्दुल्ला इस समय भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 19-20 अक्टूबर 2026 को जयशंकर यूएई के विदेश मंत्री की यात्रा के दौरान उनकी मेजबानी करेंगे। इसके बाद 20 अक्टूबर को वह रुबियो के साथ बातचीत करेंगे।

मध्य एशिया दौरे का संदर्भ

भारत आने से पहले रुबियो मध्य एशिया के प्रमुख देशों के साथ बातचीत शुरू करेंगे। वह रविवार देर रात उज्बेकिस्तान के समरकंद पहुंचे। उनके साथ 200 बिजनेस एग्जीक्यूटिव्स का प्रतिनिधिमंडल भी है।

समरकंद का पुराना शहर चीन और पश्चिम के बीच ऐतिहासिक पड़ाव रहा है। यात्रा के दौरान चीन के साथ मौजूदा प्रतिद्वंद्विता और मध्य एशिया से जुड़े मुद्दों पर बातचीत का संदर्भ भी सामने आया है। यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध बताया गया है और यहां चीन एक प्रमुख प्रतिस्पर्धी के रूप में मौजूद है।

विशेषज्ञ ने बताया महत्वपूर्ण दौरा

मिंट की एक रिपोर्ट में विदेश मामलों के विशेषज्ञ रॉबिंदर सचदेव ने रुबियो की जामनगर और मुंबई यात्रा को भारत-अमेरिका संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने यात्रा के पीछे आर्थिक और राजनीतिक उद्देश्यों का उल्लेख किया, जिनका संबंध कॉर्पोरेट निवेश और अमेरिका के आगामी मध्यावधि घटनाक्रमों से बताया गया है।

सचदेव ने जामनगर यात्रा को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि रुबियो के दौरे के उद्देश्य भारत-अमेरिका संबंधों के लिए सकारात्मक हैं। उन्होंने दोनों देशों के राजनीतिक और कॉर्पोरेट संबंधों का भी विश्लेषण किया।

निष्कर्ष

रुबियो के बयान से संकेत मिलता है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत अंतिम चरण के करीब है। मुंबई में जयशंकर और रुबियो की बैठक में व्यापार के साथ ऊर्जा, रक्षा, निवेश और तकनीक से जुड़े मुद्दे भी एजेंडे में रहने की उम्मीद है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मार्को रुबियो भारत कब आ रहे हैं?

मार्को रुबियो 19 से 22 अक्टूबर तक भारत दौरे पर रहेंगे।

Q. रुबियो और जयशंकर की मुलाकात कब होगी?

दोनों की बातचीत 20 अक्टूबर को मुंबई में होगी।

Q. ट्रेड डील पर रुबियो ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम रूप दिए जाने के बेहद करीब है।

Q. बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है?

ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों तथा द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की उम्मीद है।

Q. रुबियो ने रूस से तेल और गैस पर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि वैश्विक आपूर्ति और कीमतों पर असर के कारण पिछले कुछ महीनों में प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ी।

Q. जयशंकर रुबियो से पहले किससे मिलेंगे?

जयशंकर संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे।

Q. रुबियो भारत आने से पहले कहां पहुंचे?

वह उज्बेकिस्तान के समरकंद पहुंचे।

Q. रुबियो के साथ कितने बिजनेस एग्जीक्यूटिव्स का प्रतिनिधिमंडल है?

उनके साथ 200 बिजनेस एग्जीक्यूटिव्स का प्रतिनिधिमंडल है।