उत्तराखंड के टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में आयोजित कुंजापुरी मेले के रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान विवाद हो गया। राज्य के वन मंत्री और नरेंद्रनगर से विधायक सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और उन्होंने गायक से गाना रोकने को कहा।
मंत्री ने दलेर मेहंदी की कथित नशे की हालत पर आपत्ति जताई। वायरल वीडियो में उन्हें कहते सुना जा सकता है, “बोल तो जा नहीं रहा, गाना क्या गाओगे?” इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के बीच यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया।
मंच पर क्या हुआ
नवरात्रि के मौके पर आयोजित इस मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और उन्हें कार्यक्रम आगे जारी नहीं रखने के लिए कहा। मंत्री की नाराजगी का कारण गायक के कथित तौर पर नशे में होने को बताया गया है।
मंत्री का कहना था कि यह आयोजन मां दुर्गा की आराधना से जुड़ा है। उनके मुताबिक ऐसे धार्मिक अवसर पर कलाकारों को मर्यादा और गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। इसी बात को लेकर उन्होंने मंच से ही दलेर मेहंदी को टोका।
हालांकि, दलेर मेहंदी की वास्तविक स्थिति और उनके कथित नशे में होने की बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए उपलब्ध वीडियो और मंत्री की आपत्ति के आधार पर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
वायरल वीडियो के बाद बहस
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग धार्मिक आयोजन की गरिमा बनाए रखने के लिए मंत्री के हस्तक्षेप का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि नवरात्रि जैसे अवसरों पर अनुशासन और धार्मिक भावनाओं का सम्मान जरूरी है।
वहीं, पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी जारी है। चर्चा का केंद्र मंत्री का मंच पर पहुंचना, गायक को प्रस्तुति रोकने के लिए कहना और कथित नशे से जुड़ा दावा है। दलेर मेहंदी की ओर से इस घटनाक्रम पर कोई प्रतिक्रिया सामने की जानकारी अभी नहीं है।
कुंजापुरी मेले का महत्व
टिहरी जिले का कुंजापुरी मेला धार्मिक आस्था और स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा आयोजन है। नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भागीदारी होती है और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
इसी वजह से मेले के मंच पर हुई यह घटना आयोजन की मर्यादा और कलाकारों की जिम्मेदारी को लेकर चर्चा का कारण बनी है। कार्यक्रम में धार्मिक माहौल और सांस्कृतिक प्रस्तुति के बीच संतुलन को लेकर भी लोगों की राय सामने आ रही है।
दलेर मेहंदी का संगीत करियर
दलेर मेहंदी पंजाबी पॉप संगीत के चर्चित गायकों में शामिल हैं। नब्बे के दशक में ऊर्जावान अंदाज, दमदार आवाज और भांगड़ा शैली के कारण उन्हें बड़ी पहचान मिली। “बोलो ता रा रा”, “तुनक तुनक तुन”, “हो जाएगी बल्ले-बल्ले” और “दरदी रब रब करदी” उनके लोकप्रिय गीतों में गिने जाते हैं।
उन्होंने बॉलीवुड के लिए भी कई चर्चित गाने गाए हैं। “मृत्युदाता” का “ना ना ना ना रे” और “रंग दे बसंती” से जुड़े गीतों ने हिंदी फिल्म संगीत में उनकी पहचान मजबूत की। “दंगल” का “धाकड़”, “उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक” का “जग्गा जितेया” और “बाहुबली 2” का “जियो रे बाहुबली” उनकी आवाज को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाले गीतों में शामिल हैं।
निष्कर्ष
कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान सुबोध उनियाल ने कथित नशे पर आपत्ति जताते हुए उन्हें रोक दिया। वायरल वीडियो और मंत्री के बयान से विवाद चर्चा में है, लेकिन गायक की स्थिति से जुड़े दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. कुंजापुरी मेले में विवाद किसके बीच हुआ?
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल के बीच बहस हुई।
Q. मंत्री ने दलेर मेहंदी को मंच पर क्या कहा?
वायरल वीडियो में मंत्री को कहते सुना जा सकता है, “बोल तो जा नहीं रहा, गाना क्या गाओगे?”
Q. मंत्री ने प्रस्तुति क्यों रुकवाई?
मंत्री ने दलेर मेहंदी के कथित तौर पर नशे में होने पर आपत्ति जताई और धार्मिक आयोजन की मर्यादा का हवाला दिया।
Q. क्या दलेर मेहंदी के नशे में होने की पुष्टि हुई है?
नहीं, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Q. कुंजापुरी मेला कहां आयोजित हुआ?
कुंजापुरी मेला उत्तराखंड के टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में आयोजित हुआ।
Q. यह मेला किस अवसर पर आयोजित किया गया था?
यह आयोजन नवरात्रि के मौके पर हुआ था और इसमें धार्मिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे।





