मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। CJP और विपक्षी नेता उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी राजनीतिक विवाद के बीच उनके शैक्षणिक सफर और प्रशासनिक करियर की भी चर्चा हो रही है।

सितंबर 2026 के तीसरे हफ्ते में इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग के अंदरूनी कामकाज को सार्वजनिक चर्चा और सियासी विवाद के केंद्र में ला दिया। इसके बाद ज्ञानेश कुमार का पहले का शैक्षणिक और प्रशासनिक सफर भी ध्यान में आया है।

आगरा से शुरू हुई पढ़ाई

साल 1964 में उत्तर प्रदेश के आगरा में जन्मे ज्ञानेश कुमार की शुरुआती शिक्षा इसी राज्य में हुई। उनकी पढ़ाई आगरा के अलावा गोरखपुर, लखनऊ और कानपुर से भी जुड़ी रही।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 1979 में हाई स्कूल और 1981 में इंटरमीडिएट की उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा में टॉप किया था। लखनऊ से अपने जुड़ाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि उन्होंने वहां पढ़ाई की और कई साल की सार्वजनिक सेवा के बाद उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को संदेश देने लौटे।

लखनऊ के बाद उन्होंने IIT कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी की पढ़ाई की। संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, उनका संबंध 1985 की BT/CE ग्रेजुएटिंग क्लास से है। इसी साल उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और सिविल सेवा की तैयारी शुरू की।

IIT कानपुर की आधिकारिक प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने भारत में ICFAI से बिजनेस फाइनेंस की पढ़ाई की। इसके अलावा हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के हार्वर्ड इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट में एनवायरमेंटल इकोनॉमिक्स का अध्ययन भी किया।

IAS सेवा में केरल कैडर

ज्ञानेश कुमार का प्रशासनिक करियर 1988 बैच के IAS अधिकारी के रूप में शुरू हुआ। उन्हें केरल कैडर मिला। वहां उन्होंने कई प्रशासनिक और विकास से जुड़े पदों पर जिम्मेदारी संभाली।

उनकी जिम्मेदारियों में कॉरपोरेशन ऑफ कोचिन के म्युनिसिपल कमिश्नर, केरल स्टेट कोऑपरेटिव बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और एर्नाकुलम के जिला कलेक्टर का पद शामिल रहा। उन्होंने गोश्री आइलैंड्स डेवलपमेंट अथॉरिटी के सचिव और त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट डेवलपमेंट सोसायटी के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में भी काम किया।

नई दिल्ली में उन्होंने केरल हाउस के रेजिडेंट कमिश्नर की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद केंद्र सरकार में भी उन्होंने वरिष्ठ पदों पर काम किया। गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव के रूप में उनका कार्यकाल जम्मू-कश्मीर और अयोध्या से जुड़े बड़े घटनाक्रमों के दौरान रहा।

निर्वाचन आयोग तक पहुंच

31 जनवरी, 2024 को सरकारी सेवा से रिटायर होने के बाद उन्हें 15 मार्च 2024 को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान इस पद पर काम किया।

19 फरवरी 2025 को ज्ञानेश कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पद संभाला। वह इस पद पर पहुंचने वाले 26वें व्यक्ति बने। इस तरह उनका करियर उत्तर प्रदेश की स्कूली पढ़ाई, IIT कानपुर की इंजीनियरिंग, केरल प्रशासन और केंद्र सरकार की जिम्मेदारियों से होते हुए निर्वाचन आयोग के शीर्ष पद तक पहुंचा।

निष्कर्ष

ज्ञानेश कुमार का शैक्षणिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड अभी जारी राजनीतिक बहस के बीच चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका सफर यूपी बोर्ड की उपलब्धियों से शुरू होकर इंजीनियरिंग, IAS सेवा और मुख्य चुनाव आयुक्त के पद तक पहुंचा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. ज्ञानेश कुमार का जन्म कहां हुआ था?

उनका जन्म 1964 में उत्तर प्रदेश के आगरा में हुआ था।

Q. उन्होंने स्कूली शिक्षा में क्या उपलब्धि हासिल की थी?

उन्होंने 1979 में हाई स्कूल और 1981 में इंटरमीडिएट की उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा में टॉप किया था।

Q. ज्ञानेश कुमार ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई कहां से की?

उन्होंने IIT कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी की पढ़ाई की।

Q. वह किस बैच के IAS अधिकारी हैं?

वह 1988 बैच के IAS अधिकारी हैं और उन्हें केरल कैडर मिला था।

Q. उन्हें चुनाव आयुक्त कब नियुक्त किया गया था?

सरकारी सेवा से रिटायर होने के बाद उन्हें 15 मार्च 2024 को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया था।

Q. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त का पद कब संभाला?

उन्होंने 19 फरवरी 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त का पद संभाला।

Q. वह इस पद पर पहुंचने वाले कौन से व्यक्ति हैं?

वह मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर पहुंचने वाले 26वें व्यक्ति हैं।