राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के 11 नेताओं की चुनाव आयोग के खिलाफ दाखिल याचिका फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सकेगी। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने इसमें 14 तकनीकी और दस्तावेजी कमियां बताई हैं। इन कमियों को दूर करने के बाद ही केस को सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाएगा।
रजिस्ट्री के मुताबिक, याचिका में नौ याचिकाकर्ताओं के वकालतनामे नहीं लगाए गए हैं। पुराने फैसले की कॉपी भी दस्तावेजों के साथ नहीं है। इसके अलावा कोर्ट फीस के तौर पर ₹220 कम जमा किए गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आईडी कार्ड की कॉपी भी धुंधली बताई गई है।
याचिका में लोगों को नाम से प्रतिवादी बनाए जाने को भी रजिस्ट्री ने एक कमी के रूप में दर्ज किया है। धुंधले दस्तावेजों और बाकी तकनीकी आपत्तियों को ठीक किए जाने के बाद ही मामले की सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
12 अक्टूबर को दाखिल हुई थी याचिका
राहुल गांधी की कानूनी टीम ने यह याचिका 12 अक्टूबर को शाम सुबह 4:37 बजे दाखिल की थी। याचिका चुनाव आयोग की कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों को लेकर दायर की गई थी और इसे सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में दर्ज किया गया था।
यह केवल राहुल गांधी की याचिका नहीं है। इसे इंडिया गठबंधन के 11 नेताओं ने संयुक्त रूप से दाखिल किया है। याचिकाकर्ताओं में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सौगत रॉय, अखिलेश यादव, तेजस्वी प्रसाद यादव, संजय राउत, एमए बेबी, डी. राजा, महुआ माजी, सुप्रिया सुले और ई. टी. मोहम्मद बशीर शामिल हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी की जिम्मेदारी अधिवक्ता प्रसन्ना एस. की थी। हालांकि, याचिका की पूरी कॉपी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
चार पक्षों को बनाया गया प्रतिवादी
याचिका में चार पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। इनमें भारतीय चुनाव आयोग, चुनाव आयोग के अधिकारी ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी शामिल हैं।
याचिका में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़े सवाल उठाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसमें हाल के चुनावों में कथित अनियमितताओं, वोटर लिस्ट और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों का उल्लेख होने की बात कही गई है।
फिलहाल रजिस्ट्री की आपत्तियों के कारण मामला सुनवाई की सूची तक नहीं पहुंचा है। याचिका से जुड़ी कमियां दूर होने के बाद ही इसके सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
निष्कर्ष
राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के 11 नेताओं की चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका में सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने 14 कमियां बताई हैं। वकालतनामे, दस्तावेज, प्रतिवादी संबंधी विवरण और कोर्ट फीस से जुड़ी आपत्तियां दूर होने के बाद ही मामले पर सुनवाई के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. इस याचिका में कितनी कमियां बताई गई हैं?
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने याचिका में 14 तकनीकी और दस्तावेजी कमियां बताई हैं।
Q. याचिका में मुख्य खामियां क्या हैं?
नौ याचिकाकर्ताओं के वकालतनामे नहीं हैं। पुराने फैसले की कॉपी, धुंधले दस्तावेज और ₹220 की कम कोर्ट फीस से जुड़ी आपत्तियां भी हैं।
Q. याचिका कब दाखिल की गई थी?
याचिका 12 अक्टूबर को शाम सुबह 4:37 बजे दाखिल की गई थी।
Q. याचिका किसने दाखिल की है?
इंडिया गठबंधन के 11 नेताओं ने इसे संयुक्त रूप से दाखिल किया है। इनमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल हैं।
Q. याचिका में किन्हें प्रतिवादी बनाया गया है?
भारतीय चुनाव आयोग के साथ ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को प्रतिवादी बनाया गया है।
Q. अब मामले में आगे क्या होगा?
रजिस्ट्री की कमियां दूर होने के बाद ही मामला सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो सकेगा।








