अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई है। फ्लोरिडा की एक रैली में उन्होंने कहा कि अमेरिका एक और छोटा 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' कर सकता है। ट्रम्प ने इस संभावित कार्रवाई की तारीख या तरीका नहीं बताया।

अमेरिकी सेना ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू हुए युद्ध को 'एपिक फ्यूरी' नाम दिया था। अब ट्रम्प के ताजा बयान के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर बढ़ने की आशंका सामने आई है।

ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और इजराइल ने दोबारा हमला किया तो खाड़ी देशों में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट और संचार केबल को निशाना बनाया जा सकता है। इससे इंटरनेट सेवाओं के साथ बैंकिंग और ऑनलाइन कारोबार भी प्रभावित हो सकते हैं।

केबल काटने और मरम्मत रोकने की चेतावनी

ईरान के दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि नए हमले की स्थिति में समुद्र के नीचे मौजूद संचार केबल पर कार्रवाई की योजना है। अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि हमला किस जगह और किस तरीके से किया जाएगा।

एक अधिकारी ने कहा कि ईरान केवल केबल काटने तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि उनकी मरम्मत में भी रुकावट डाल सकता है। ऐसे कदम से इंटरनेट और दूसरी संचार सेवाओं पर असर लंबे समय तक बने रहने की बात कही गई है।

ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के राजनीतिक मामलों के उप प्रमुख यदुल्लाह जवानी ने बुधवार को कहा था कि ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला होने पर होर्मुज के नीचे से गुजरने वाली सात प्रमुख इंटरनेट केबल को निशाना बनाया जा सकता है।

ईरानी अधिकारी मोहसिन रजाई ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सुविधाओं पर हमले की भी चेतावनी दी है।

ट्रम्प ने युद्ध जल्द खत्म करने की बात कही

इससे पहले व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका युद्ध को बहुत जल्दी खत्म कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सवाल यह है कि इसे पूरी तरह खत्म किया जाए या धीरे-धीरे कमजोर पड़ने दिया जाए।

ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आवाजाही जारी रहने की बात कही और कहा कि अमेरिका को वह सब मिल रहा है जो वह चाहता है। यह समुद्री रास्ता दुनिया में तेल की सप्लाई के लिए अहम माना जाता है।

ट्रम्प पहले युद्ध की समयसीमा पर अलग-अलग बयान दे चुके हैं। अक्टूबर की शुरुआत में उन्होंने कहा था कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा। इन चुनावों से अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा, यह तय होना है।

द न्यूयॉर्क टाइम्स ने 21 अक्टूबर की एक रिपोर्ट में बताया था कि अमेरिकी और इजराइली सेनाओं ने मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर दोबारा हमले की योजना बनाई है। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि संभावित निशानों में ईरान के ऊर्जा ठिकाने, परमाणु केंद्र और मिसाइल-ड्रोन का भंडार शामिल हैं।

क्षेत्रीय और आर्थिक असर की चिंता

ईरान पर संभावित नए हमले के बीच कई देशों के विदेश मंत्रियों ने शुक्रवार को चेताया कि इससे युद्ध पूरे क्षेत्र में फैल सकता है और आर्थिक नुकसान बढ़ सकता है।

ईरान की नौसेना ने 24 घंटे के भीतर सात जहाजों को नुकसान पहुंचाने की जानकारी दी है। इनमें तेल ले जा रहे चार जहाज शामिल हैं, जिन पर एक साथ हमला हुआ और आग लग गई। युद्ध के बाद होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही 99% घटने की बात भी सामने आई है।

निष्कर्ष

ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ संभावित नए सैन्य अभियान का संकेत दिया है, जबकि ईरान ने इंटरनेट केबल, डेटा सेंटर और दूसरे बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। इससे क्षेत्रीय सुरक्षा, संचार सेवाओं और तेल आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. ट्रम्प ने ईरान के बारे में क्या कहा?

ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ एक और छोटा 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' करने की संभावना जताई। उन्होंने कार्रवाई की तारीख या तरीका नहीं बताया।

Q. ईरान ने किस चीज को निशाना बनाने की चेतावनी दी है?

ईरान ने खाड़ी देशों में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट और संचार केबल को निशाना बनाने की चेतावनी दी है।

Q. केबल पर हमले का क्या असर हो सकता है?

इससे इंटरनेट सेवाओं, बैंकिंग और ऑनलाइन कारोबार पर असर पड़ सकता है। संचार सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित रहने की भी बात कही गई है।

Q. होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी चिंता क्या है?

ट्रम्प ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आवाजाही जारी है। युद्ध के बाद वहां से तेल टैंकरों की आवाजाही 99% घटने की बात भी सामने आई है।

Q. संभावित हमले के निशानों में क्या शामिल बताया गया है?

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में ऊर्जा ठिकानों, परमाणु केंद्रों और मिसाइल-ड्रोन के भंडार का उल्लेख किया गया है।