अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) के जोखिमों पर मिलकर काम करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसा सहयोग अमेरिका की तकनीकी बढ़त को कमजोर कर सकता है।
ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका इस समय चीन और दूसरे देशों से आगे है। उनके मुताबिक, इस बढ़त को बनाए रखने के लिए अमेरिकी कंपनियों को अपने तरीके से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि चीन के साथ किसी संयुक्त पहल से अमेरिका के अहम secrets साझा होने का जोखिम रहेगा।
6 कंपनियों का स्वैच्छिक समझौता
व्हाइट हाउस में अमेरिकी टेक इंडस्ट्री के 17 नेताओं के साथ दोपहर के भोजन के बाद ट्रंप ने “White House Accord on Super Intelligence” जारी किया। यह 2 पेज का दस्तावेज है, जिसमें signature page भी शामिल है। ट्रंप ने इसे morally binding बताया।
समझौते पर Google, Nvidia, Anthropic, OpenAI, Meta Platforms और SpaceXAI के नेताओं ने हस्ताक्षर किए हैं। दस्तावेज में कंपनियों से 4 स्तरों के controls और audits लागू करने को कहा गया है।
इन उपायों में internal controls शामिल हैं, ताकि AI systems अनजाने में hacking न करें। कंपनियों को external auditors के साथ काम करके यह भी जांचना होगा कि उनके internal controls सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं।
इन 6 कंपनियों के बीच best safety practices तय करने के लिए नियमित बैठकें भी प्रस्तावित हैं। हालांकि, दस्तावेज में इन बैठकों की सटीक frequency नहीं बताई गई है।
चीन के साथ बनी व्यवस्था पर सवाल
यह स्वैच्छिक समझौता ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वॉशिंगटन में हुई high-profile summit के कुछ दिनों बाद आया है। उस बैठक में दोनों देशों ने AI incidents की जानकारी साझा करने के लिए hotline शुरू करने और AI risks पर लगातार बातचीत रखने पर सहमति जताई थी।
अगली बातचीत नवंबर में Shenzhen में होने वाली है। दोनों पक्ष किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। तकनीक के नाम को लेकर भी शुरुआती मतभेद दिख रहा है।
ट्रंप ने मंगलवार को एक executive order पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत अमेरिकी executive branch की सभी agencies को official communications में AI की जगह “superintelligence” यानी SI शब्द इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है। ट्रंप ने कहा कि यह शब्द इस तकनीक की क्षमता और तेजी से बढ़ती ताकत को ज्यादा सही तरीके से बताता है।
उन्होंने यह भी कहा कि शी जिनपिंग को यह शब्द पसंद है। हालांकि, बीजिंग अब तक AI शब्द का ही इस्तेमाल करता रहा है।
साइबर हमले और जैविक हथियारों की चिंता
AI risks पर अमेरिका और चीन के बीच सहयोग की मांग हाल के हफ्तों में बढ़ी है। इसकी एक वजह frontier AI systems के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता है। इनमें cyberattacks और bioweapon development जैसे जोखिम शामिल हैं।
OpenAI और Anthropic से जुड़े हाई-प्रोफाइल incidents के बाद अमेरिकी AI industry पर ज्यादा निगरानी की मांग उठी है। Anthropic के chief executive Dario Amodei और OpenAI के president Greg Brockman भी व्हाइट हाउस की बैठक में शामिल थे।
ट्रंप ने इसके बावजूद कहा कि कंपनियों की self-policing पर्याप्त हो सकती है। उन्होंने अमेरिकी Department of Justice और FBI को ऐसे guardrails का हिस्सा बताया, जो AI कंपनियों को “honest” रखने में मदद करते हैं।
बैठक में Meta के Mark Zuckerberg, Nvidia के Jensen Huang, Tesla के Elon Musk और Amazon के Jeff Bezos भी शामिल थे। अमेरिकी House Speaker Mike Johnson भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
Data centres को लेकर बढ़ता विरोध
ट्रंप प्रशासन AI और उससे जुड़े infrastructure को बढ़ावा दे रहा है। इसमें data centres सबसे अहम हैं। हालांकि, अमेरिका में इनके निर्माण को लेकर public opposition बढ़ रही है।
The New York Times और Siena University के एक poll में 61 per cent likely voters ने AI को power करने वाले data centres के निर्माण का विरोध किया। यह poll इसी महीने की शुरुआत में प्रकाशित हुआ था।
मंगलवार को ट्रंप ने एक अलग executive order पर भी हस्ताक्षर किए। इसके तहत हर federal government agency को अपनी public-facing services America.gov के साथ integrate करना होगा। यह एक-stop-shop website अमेरिकी residents को federal government की जानकारी और services तक आसान पहुंच देने के लिए बनाई गई है।
निष्कर्ष
ट्रंप की नीति AI safety में चीन के साथ सहयोग के बजाय अमेरिकी नेतृत्व और कंपनियों की self-policing पर केंद्रित है। वहीं, दोनों देशों के बीच hotline और नवंबर की बातचीत इस मुद्दे पर सीमित संपर्क का रास्ता खुला रखती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ट्रंप ने चीन के साथ AI सुरक्षा सहयोग क्यों ठुकराया?
ट्रंप का कहना है कि सहयोग से अमेरिका की तकनीकी बढ़त कमजोर हो सकती है और उसके अहम secrets चीन तक पहुंचने का जोखिम रहेगा।
Q. AI सुरक्षा समझौते पर किन कंपनियों ने हस्ताक्षर किए?
Google, Nvidia, Anthropic, OpenAI, Meta Platforms और SpaceXAI इस स्वैच्छिक समझौते में शामिल हैं।
Q. White House Accord on Super Intelligence में क्या है?
दस्तावेज में 4 स्तरों के controls और audits, internal checks, external audits और safety practices पर नियमित बैठकें शामिल हैं।
Q. अमेरिका और चीन AI risks पर कब बातचीत करेंगे?
अगली बातचीत नवंबर में Shenzhen में प्रस्तावित है। दोनों पक्षों ने AI incidents के लिए hotline शुरू करने पर भी सहमति जताई है।
Q. अमेरिका में data centres को लेकर क्या स्थिति है?
एक poll के मुताबिक 61 per cent likely voters ने AI को power करने वाले data centres के निर्माण का विरोध किया।











