सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों के नेताओं की याचिका पर भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जवाब मांगा है। याचिका में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, यानी SIR, और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को चुनौती दी गई है।

इस मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला की पीठ कर रही है। अदालत ने कहा कि नोटिस जारी किया जा रहा है और मामले को पहले से लंबित मामलों के साथ जोड़ा जाएगा।

हालांकि, नोटिस जारी करने के साथ अदालत ने एक शर्त भी रखी है। पीठ ने कहा कि अगली सुनवाई में एक याचिकाकर्ता से उसके आचरण के बारे में सफाई मांगी जाएगी। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि नोटिस जारी होने का अर्थ किसी बात की निंदा करना नहीं है।

अदालत के अनुसार, संबंधित याचिकाकर्ता के मामले में नोटिस को फिलहाल अस्थायी तौर पर स्वीकार किया जाएगा। इसके लिए उसे अपने आचरण पर सफाई पेश करनी होगी। सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किस नेता से जवाब या सफाई मांगी जाएगी।

याचिका में विपक्ष की मांगें

याचिका में रिटायर्ड जजों और एक्सपर्ट्स की स्वतंत्र जांच समिति बनाने की मांग की गई है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि ऐसी समिति SIR के दौरान हटाए गए नामों का ऑडिट कर सकती है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि किसी मतदाता का नाम बिना नोटिस और सुनवाई के नहीं हटाया जाना चाहिए। इसके अलावा, आगामी चुनावी राज्यों में पात्र लोगों को कानून के मुताबिक आखिरी तारीख तक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की अनुमति देने का निर्देश मांगा गया है।

इस याचिका में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, राकांपा एसपी नेता सुप्रिया सुले, शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत और भाकपा नेता डी राजा भी शामिल हैं।

दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन

याचिका से पहले INDIA अलायंस के नेता दिल्ली में लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। 6 अक्टूबर से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी दलों के सांसदों ने कार्रवाई शुरू की थी। पहले दिन मार्च निकाला गया और दूसरे दिन धरना दिया गया। इसके बाद भी पार्टियों का प्रदर्शन जारी रहा।

राहुल गांधी ने आगे बड़े प्रदर्शन की तैयारी की बात कही है। हालांकि, उन्होंने इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की।

सुप्रीम कोर्ट का नोटिस अब चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त का पक्ष सामने आने की प्रक्रिया शुरू करता है। याचिका में उठाए गए मुद्दों पर अदालत का अगला रुख आयोग के जवाब और आगे की सुनवाई से स्पष्ट होगा।

निष्कर्ष

सुप्रीम कोर्ट ने SIR और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर विपक्षी नेताओं की याचिका पर चुनाव आयोग तथा ज्ञानेश कुमार से जवाब मांगा है। साथ ही, एक याचिकाकर्ता के आचरण पर अगली सुनवाई में सफाई की शर्त रखी गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. सुप्रीम कोर्ट ने किससे जवाब मांगा है?

भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जवाब मांगा गया है।

Q. याचिका में किस प्रक्रिया को चुनौती दी गई है?

याचिका में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, यानी SIR, को चुनौती दी गई है।

Q. विपक्षी नेताओं ने जांच के लिए क्या मांग की है?

उन्होंने रिटायर्ड जजों और एक्सपर्ट्स की स्वतंत्र जांच समिति बनाने की मांग की है।

Q. मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर क्या मांग है?

याचिका में बिना नोटिस और सुनवाई के किसी का नाम नहीं हटाने की मांग की गई है।

Q. अदालत ने याचिकाकर्ता के बारे में क्या कहा?

अदालत ने कहा कि एक याचिकाकर्ता से अगली सुनवाई में उसके आचरण पर सफाई मांगी जाएगी।

Q. दिल्ली में विपक्षी दलों ने कब से प्रदर्शन किया?

INDIA अलायंस के नेताओं ने 6 अक्टूबर से दिल्ली में प्रदर्शन शुरू किया था।