रूस और पाकिस्तान के बीच संबंधों में हाल के दिनों में तेजी दिखाई दे रही है। रूसी गृह मंत्री व्लादिमीर कोलोकोल्टसेव की पाकिस्तान यात्रा के बाद दोनों देशों ने सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और आर्थिक सहयोग से जुड़े कई क्षेत्रों में आगे बढ़ने पर सहमति जताई है। इस नजदीकी को भारत और अफगानिस्तान के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।

दोनों देश प्रत्यर्पण संधि करने की तैयारी में हैं। इसके अलावा साइबर अपराध, पुलिस सहयोग और वीजा से जुड़े समझौतों पर भी सहमति बनी है। पाकिस्तान लंबे समय से अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस से तेल आयात करने की इच्छा जताता रहा है। हालांकि, अभी तक दोनों देशों के बीच कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ है।

रूसी गृह मंत्री की पाकिस्तान यात्रा

व्लादिमीर कोलोकोल्टसेव 12 अक्टूबर को पाकिस्तान पहुंचे थे। यह किसी रूसी गृह मंत्री की पाकिस्तान की पहली ऐसी यात्रा थी। यात्रा के दौरान आंतरिक सुरक्षा, कानून लागू करने वाली एजेंसियों और आतंकवाद विरोधी गतिविधियों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

दोनों पक्षों ने आपसी हित वाले क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने 'री-एडमिशन एग्रीमेंट' यानी वापसी समझौते को जल्द लागू करने का फैसला भी किया। इसके तहत दोनों देशों के बीच संबंधित प्रक्रियाओं में सहयोग का रास्ता तैयार होगा।

बैठक में एंटी-नारकोटिक्स फोर्स और रूस की संबंधित संस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। दोनों देशों के आंतरिक मामलों के मंत्रालयों से जुड़े वर्किंग ग्रुप एक-दूसरे के देश का दौरा करेंगे। इन समूहों के जरिए सुरक्षा और कानून प्रवर्तन से जुड़े सहयोग पर आगे बातचीत होनी है।

पुतिन ने संबंधों को बताया सकारात्मक

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कई मौकों पर पाकिस्तान के साथ संबंधों की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग की बड़ी संभावनाओं की बात कही है। पुतिन के मुताबिक पाकिस्तान एक बड़ा देश है और उसके कई देशों के साथ बहुआयामी संबंध हैं।

रूसी राष्ट्रपति ने यह भी कहा है कि मॉस्को और इस्लामाबाद के रिश्ते दोनों के लिए लाभकारी हैं और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। रूस और पाकिस्तान के बीच बढ़ती बातचीत में ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा सहयोग प्रमुख क्षेत्र बने हुए हैं।

रूस पाकिस्तान के करीब क्यों आ रहा है?

विशेषज्ञों के अनुसार, रूस और पाकिस्तान के संबंधों को अवसरवादी नजरिए से भी देखा जा रहा है। पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बीच रूस नए व्यापारिक बाजारों की तलाश कर रहा है। इस संदर्भ में पाकिस्तान को संभावित ग्राहक के रूप में देखा जा रहा है।

अफगानिस्तान में स्थिरता और मध्य एशिया में अपना प्रभाव बनाए रखना भी रूस की प्राथमिकताओं में शामिल बताया जाता है। इन्हीं कारणों से मॉस्को पाकिस्तान के साथ अपने संपर्क मजबूत कर रहा है। हालांकि, दोनों देशों के बीच अभी कोई बड़ा समझौता सामने नहीं आया है।

भारत पर संभावित असर

भारत रूस और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संपर्क पर नजर रखे हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होते हैं, तो इसका असर भारत पर पड़ सकता है। भारत बड़े पैमाने पर रूसी हथियारों और सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल करता है।

रूस कई बार कह चुका है कि भारत के साथ उसके संबंध बेहद मजबूत हैं। मॉस्को का यह भी कहना रहा है कि पाकिस्तान के साथ उसके रिश्तों से भारत के हित प्रभावित नहीं होंगे। रूस ने भारत को यह आश्वासन भी दिया है कि वह भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की अनदेखी करके पाकिस्तान के साथ बड़े घातक रक्षा सौदे नहीं करेगा।

नई दिल्ली में हुई हालिया द्विपक्षीय सुरक्षा बैठकों में दोनों पक्षों ने सुरक्षा संतुलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। ऐसे में पाकिस्तान के साथ रूस की बढ़ती बातचीत भारत के लिए सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनी हुई है।

निष्कर्ष

रूस और पाकिस्तान के बीच सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा और कानून प्रवर्तन से जुड़े संपर्क बढ़ रहे हैं। प्रत्यर्पण संधि और संबंधित संस्थाओं के बीच सहयोग पर आगे बढ़ने की तैयारी है। रूस भारत के साथ अपने मजबूत संबंधों का आश्वासन दे रहा है, लेकिन भारत इस बदलते समीकरण पर करीबी नजर बनाए हुए है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. रूस और पाकिस्तान के बीच किस संधि की तैयारी है?

दोनों देश प्रत्यर्पण संधि करने की तैयारी में हैं। इसके साथ वापसी समझौते को जल्द लागू करने पर भी सहमति बनी है।

Q. रूसी गृह मंत्री ने पाकिस्तान का दौरा कब किया?

व्लादिमीर कोलोकोल्टसेव 12 अक्टूबर को पाकिस्तान पहुंचे थे। यह किसी रूसी गृह मंत्री की पाकिस्तान की पहली ऐसी यात्रा थी।

Q. यात्रा के दौरान किन क्षेत्रों में सहयोग पर जोर दिया गया?

आंतरिक सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और आतंकवाद विरोधी गतिविधियों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। साइबर अपराध, पुलिस सहयोग और वीजा से जुड़े समझौतों पर भी सहमति बनी।

Q. क्या रूस और पाकिस्तान के बीच कोई बड़ा समझौता हो चुका है?

अभी तक दोनों देशों के बीच कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ है। हालांकि, कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की सहमति बनी है।

Q. भारत रूस-पाकिस्तान संबंधों को लेकर चिंतित क्यों है?

भारत बड़े पैमाने पर रूसी हथियारों और सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान के साथ रूस के मजबूत होते संबंध भारत के सुरक्षा समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं।

Q. रूस ने भारत को क्या आश्वासन दिया है?

रूस ने कहा है कि भारत के साथ उसके संबंध बहुत मजबूत हैं। उसने यह आश्वासन भी दिया है कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की अनदेखी करके पाकिस्तान के साथ बड़े घातक रक्षा सौदे नहीं करेगा।