पंजाब पुलिस ने एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मुख्य आरोपी को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पंजाब और राजस्थान पुलिस के संयुक्त अभियान में हुई। झोटा की मानसा के एक मेडिकल स्टोर पर विवाद के दौरान गोली लगने के बाद मौत हो गई थी।

पुलिस के अनुसार, मंगलवार को झोटा और कुछ अन्य लोग एक व्यक्ति को मादक पदार्थ बेचने के आरोप को लेकर मेडिकल स्टोर संचालक से सवाल कर रहे थे। झोटा इस बहस को अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड भी कर रहे थे। इसी दौरान कथित तौर पर फायरिंग हुई।

झोटा को बाद में पास की एक दुकान में खून से लथपथ पाया गया। उन्हें मानसा सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के समय वह ड्रग्स की बिक्री को लेकर लाइवस्ट्रीम कर रहे थे।

विवाद कैसे शुरू हुआ

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, झोटा ने मेडिकल स्टोर पर एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशे की दवाइयां बेचे जाने का आरोप लगाते हुए दुकानदार से पूछताछ की थी। बहस के दौरान दुकान के मालिक ने कथित तौर पर पिस्तौल निकाल ली। इसके बाद झोटा और उनके साथियों पर गोली चलाने का आरोप है।

इंटरनेट पर सामने आए 5 मिनट 49 सेकंड के वीडियो में झोटा को दुकानदार से पिस्तौल नीचे रखने के लिए कहते सुना जा सकता है। वीडियो में वह औषधि निरीक्षक को बुलाने की बात भी कहते सुनाई देते हैं। एक अन्य वीडियो में मेडिकल स्टोर मालिक हथियार लहराते हुए दुकान से बाहर आता और भाग रहे झोटा का पीछा करता दिखाई देता है।

पुलिस ने बताया कि गोली चलने के बाद झोटा और उनके साथी दुकान से बाहर आ गए थे। कुछ देर बाद झोटा पास की दुकान में घायल हालत में मिले। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

आरोपी और पुराना मामला

पुलिस जिस मुख्य आरोपी की तलाश कर रही थी, उसकी पहचान मेडिकल स्टोर मालिक अश्वनी कुमार के रूप में बताई गई है। उस पर परविंदर सिंह उर्फ झोटा और उनके साथियों पर गोली चलाने का आरोप है। अब उसे सालासर से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।

अश्वनी कुमार का नाम 2023 के 1 मामले में भी आया था। उस समय झोटा और उनके समर्थकों ने उसे जूतों की माला पहनाकर बाजार में घुमाया था। यह घटना एक व्यक्ति के प्रतिबंधित कैप्सूल के साथ पकड़े जाने के बाद हुई थी। उस मामले में अश्वनी कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। झोटा पर मारपीट और जबरदस्ती दुकान में घुसने का मामला दर्ज किया गया था।

झोटा लंबे समय से मानसा इलाके में ड्रग्स के खिलाफ अभियान चला रहे थे। वह नशे की चीजों की खुलेआम बिक्री को उजागर करने के लिए सोशल मीडिया लाइवस्ट्रीम का इस्तेमाल करते थे।

राजनीतिक विवाद

हत्या के बाद पंजाब में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। विपक्षी नेताओं ने भगवंत मान की आम आदमी पार्टी सरकार पर ड्रग्स के खतरे से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है।

# निष्कर्ष

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पंजाब और राजस्थान पुलिस के संयुक्त अभियान में हुई है। मामला ड्रग्स की कथित बिक्री को लेकर हुए विवाद, फायरिंग और झोटा की मौत से जुड़ा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में मुख्य आरोपी कौन है?

मुख्य आरोपी के रूप में मेडिकल स्टोर मालिक अश्वनी कुमार का नाम बताया गया है। उस पर झोटा और उनके साथियों पर गोली चलाने का आरोप है।

Q. मुख्य आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?

पंजाब पुलिस ने उसे राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया है। कार्रवाई पंजाब और राजस्थान पुलिस के संयुक्त अभियान में हुई।

Q. झोटा को गोली कब और कहां लगी?

झोटा को मंगलवार को मानसा के एक मेडिकल स्टोर पर हुए विवाद के दौरान गोली लगी थी।

Q. विवाद किस बात को लेकर हुआ था?

झोटा और उनके साथियों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशे की दवाइयां बेचे जाने के आरोप को लेकर दुकानदार से सवाल किया था।

Q. झोटा की मौत कैसे हुई?

गोली लगने के बाद उन्हें मानसा सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।