कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने उसके नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को गिरफ्तार किया है। पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह के अनुसार, तीनों को जंतर-मंतर मामले में पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने लाया गया। उन्हें सुबह कोर्ट में पेश किए जाने की बात कही गई है।

दिल्ली पुलिस ने अब तक इन गिरफ्तारियों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इसलिए गिरफ्तारी, आरोपों और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।

मामला क्या है

CJP के अनुसार, सौरव दास और आशुतोष रांका जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बावजूद वहां पहुंचे थे। पार्टी ने कहा कि दोनों दीवार फांदकर वहां गए, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। पुलिस ने उन पर जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

रत्ना सिंह ने बताया कि बाद में अजिंक्य शिंदे को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया गया। उनके मुताबिक, तीनों पर बिना अनुमति प्रवेश करने, बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि दिल्ली पुलिस के आधिकारिक बयान के बिना नहीं हुई है।

पार्टी का दावा है कि तीनों को सुबह एससीएम कोर्ट में पेश किया जाएगा। रत्ना सिंह ने उन्हें तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की संभावना जताई है। यह अभी अदालत के फैसले की पुष्टि नहीं है।

रत्ना सिंह ने क्या कहा

रत्ना सिंह ने दिल्ली पुलिस पर एक खास 'रूलबुक' के आधार पर काम करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पुलिस ऊपर से मिले आदेशों के अनुसार कार्रवाई कर रही है और इस प्रक्रिया में कानून को नजरअंदाज किया जा रहा है। यह CJP की ओर से लगाया गया आरोप है, जिसकी पुलिस ने पुष्टि नहीं की है।

उन्होंने दावा किया कि हिरासत में लिए गए लोगों को लंबे समय तक वकीलों से मिलने नहीं दिया गया। पार्टी के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें हिरासत या गिरफ्तारी का कारण भी नहीं बताया गया था। रत्ना सिंह ने कहा कि बाद में गिरफ्तारी की वजह बताई गई, लेकिन वकीलों और पार्टी के वॉलंटियर्स को मिलने की अनुमति नहीं दी गई।

CJP की लीगल हेड ने यह भी कहा कि तीनों को सुबह 3 बजे एक प्राइवेट वैन से पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन लाया गया। पार्टी का दावा है कि देर रात तक उन्हें अपने वकीलों से मिलने नहीं दिया गया।

पुलिस पर लगाए आरोप

रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है और तय प्रदर्शन स्थलों को सूची से हटाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मौके पर मौजूद एसएचओ और अन्य अधिकारियों ने ऊपर से मिले आदेशों के अनुसार काम करने की बात कही।

CJP की ओर से दिल्ली पुलिस पर मनमानी कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती का आरोप लगाया गया है। रत्ना सिंह ने गिरफ्तारियों को गैर-कानूनी बताते हुए कहा कि नेताओं पर लगाए गए आरोपों में बताए गए अपराध वास्तव में नहीं हुए। ये सभी दावे पार्टी और उसकी लीगल हेड की ओर से किए गए हैं।

अदालत में पेशी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि तीनों के खिलाफ आगे क्या कानूनी कदम उठाया जाता है। फिलहाल, न्यायिक हिरासत या जेल भेजे जाने की बात केवल पार्टी की ओर से जताई गई संभावना है।

निष्कर्ष

CJP ने तीन नेताओं की गिरफ्तारी का दावा करते हुए दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और अदालत में होने वाली कार्रवाई से मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. किन नेताओं की गिरफ्तारी का दावा किया गया है?

CJP ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे की गिरफ्तारी का दावा किया है।

Q. गिरफ्तारी किस मामले में बताई गई है?

यह कार्रवाई जंतर-मंतर मामले से जुड़ी बताई गई है।

Q. नेताओं पर कौन से आरोप बताए गए हैं?

पार्टी के अनुसार, आरोपों में बिना अनुमति प्रवेश, बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन और सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालना शामिल है।

Q. उन्हें कहां लाया गया?

रत्ना सिंह के अनुसार, तीनों को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन लाया गया।

Q. क्या दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है?

नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने अभी इस पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।