अभिनेता प्रकाश राज ने सरकार बदलने की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने साफ कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन चुनाव और संवैधानिक तरीकों से ही होना चाहिए। उनके मुताबिक देश के नागरिकों के पास वोट देने, सवाल पूछने और शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है।

प्रकाश राज ने इस लोकतांत्रिक लड़ाई को उत्तर प्रदेश से लेकर 2029 के लोकसभा चुनाव तक जारी रखने की बात कही। उन्होंने भारत की तुलना नेपाल और बांग्लादेश से किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के पास संविधान और लोकतांत्रिक विरासत है।

राज ने डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी और भगत सिंह की विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में राजनीतिक बदलाव हथियारों के जरिए नहीं, बल्कि संविधान, वोट और विरोध के अधिकार के इस्तेमाल से होना चाहिए।

तिरंगा मार्च से पहले हिरासत पर सवाल

दिल्ली में प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने पर भी प्रकाश राज ने सवाल उठाए। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। वह वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रही है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रही है।

प्रकाश राज ने कहा कि अगर तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को हिरासत में लिया जा रहा है, तो नागरिकों को इस पर सवाल करना चाहिए। उन्होंने आशुतोष रंका का जिक्र करते हुए जंतर-मंतर पर तिरंगा लेकर जाने वाले व्यक्ति को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने और हिरासत की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

उन्होंने पूछा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोग आतंकवादी हैं क्या। राज ने लोगों से अपील की कि वे जहां हैं, वहीं से तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर 2 लोगों को तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार किया गया है, तो आगे कितने लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।

सरकार और निर्वाचन आयोग से जवाब की मांग

ज्ञानेश कुमार को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रकाश राज ने कहा कि सरकार को आरोपों का जवाब देना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर आरोप गलत हैं तो संबंधित लोगों को सामने आकर सबूतों के साथ अपना पक्ष रखना चाहिए।

राज ने सवाल किया कि सवाल पूछने वालों को रोकने के लिए इतनी ताकत का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर प्रदर्शनकारियों को चुप कराने के लिए बल प्रयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि बात करने के बजाय मारपीट की जा रही है।

तिरंगा मार्च के संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हर घर तिरंगा' अभियान का भी जिक्र किया। प्रकाश राज ने पूछा कि जब युवा तिरंगे के साथ चलना चाहते हैं, तो उन्हें रोका क्यों जा रहा है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों और महिलाओं के खिलाफ पुलिस हिंसा का आरोप लगाया। साथ ही विपक्षी दलों से शीतकालीन सत्र में यह मुद्दा संसद में उठाने की अपील की।

शांतिपूर्ण विरोध पर जोर

नेहा बोरा और प्रशांत भूषण की सत्ता परिवर्तन से जुड़ी टिप्पणियों और नेपाल-बांग्लादेश के उदाहरणों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रकाश राज ने कहा कि भारत में बदलाव शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। उन्होंने सत्ता परिवर्तन को गांधीजी के रास्ते से जोड़ते हुए कहा कि युवाओं के शांतिपूर्ण विरोध को हिंसा से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

ध्रुव राठी की सशस्त्र बलों और पुलिस से जुड़ी अपील पर भी राज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुलिस और सशस्त्र बल देश के नागरिक हैं, किसी सरकार या राजनीतिक दल के नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में बैठे लोग हमेशा सत्ता में नहीं रहेंगे और उनसे भी सवाल पूछे जाएंगे।

सौरभ दास और आशुतोष रंका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद आगे के प्रदर्शनों पर प्रकाश राज ने कहा कि उनकी कोई अलग रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना जारी रहेगा और पूरे देश की आवाज को दबाना संभव नहीं है।

निष्कर्ष

प्रकाश राज ने सत्ता बदलने की मांग का समर्थन किया, लेकिन इसे चुनाव, संविधान और शांतिपूर्ण विरोध तक सीमित रखने पर जोर दिया। उन्होंने तिरंगा मार्च से पहले हिरासत, चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. प्रकाश राज ने सत्ता परिवर्तन को लेकर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन होना चाहिए, लेकिन भारत में यह चुनाव और संवैधानिक तरीकों से शांतिपूर्ण ढंग से होगा।

Q. उन्होंने भारत की तुलना किन देशों से किए जाने का जिक्र किया?

उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के पास संविधान और लोकतांत्रिक अधिकार हैं।

Q. तिरंगा मार्च से पहले किसे हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है?

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली में प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है।

Q. कॉकरोच जनता पार्टी किस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रही है?

पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन में कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठा रही है।

Q. प्रकाश राज ने प्रदर्शनकारियों से क्या अपील की?

उन्होंने लोगों से जहां वे हैं, वहीं से तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।

Q. आगे के प्रदर्शनों को लेकर प्रकाश राज ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि सवाल पूछना जारी रहेगा और पूरे देश की आवाज को दबाना संभव नहीं है।