महा अष्टमी को लेकर इस बार तारीख का असमंजस है। पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर की सुबह 08:27 बजे शुरू होकर 19 अक्टूबर की सुबह 10:51 बजे तक रहेगी। इसलिए यह तिथि दोनों दिनों में पड़ रही है।
द्रिक पंचांग के अनुसार दुर्गा अष्टमी यानी महा अष्टमी 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी। वहीं कुछ पंचांगों और ज्योतिषियों के मत में 18 अक्टूबर को भी यह पर्व मनाया जा सकता है। इसके पीछे रात्रि पूजा और उदया तिथि को लेकर अलग-अलग मान्यताएं बताई गई हैं।
जो लोग अष्टमी की रात होने वाली पूजा को महत्व देते हैं, वे 18 अक्टूबर को पर्व मना सकते हैं। उदया तिथि को प्राथमिकता देने वाले लोग 19 अक्टूबर को पूजा करेंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों दिन अष्टमी तिथि रहने से 18 या 19 अक्टूबर में से किसी भी दिन महा अष्टमी मनाई जा सकती है।
18 अक्टूबर के प्रमुख शुभ मुहूर्त
18 अक्टूबर को पूजा की योजना बनाने वाले लोगों के लिए दिए गए मुहूर्त इस प्रकार हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:43 बजे से 05:33 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:08 बजे से 06:24 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 07:24 बजे से 09:12 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:00 बजे से 02:46 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:49 बजे से 06:14 बजे तक
- सायाह्न सन्ध्या: शाम 05:49 बजे से 07:04 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: दोपहर 12:49 बजे से 19 अक्टूबर की सुबह 06:24 बजे तक
कन्या पूजन का समय
18 अक्टूबर को कन्या पूजन का समय सुबह 08:27 बजे से शाम 05:49 बजे तक बताया गया है। इस अवधि में सुविधानुसार किसी भी समय कन्या पूजन किया जा सकता है।
दिए गए विवरण के अनुसार, कन्या पूजन के लिए सुबह 10:30 बजे से पहले का समय सबसे उत्तम माना गया है।
हवन पूजन कब करें
18 अक्टूबर को हवन पूजन का शुभ समय भी सुबह 08:27 बजे से शाम 05:49 बजे तक रहेगा। हवन से पहले माता महागौरी की विधि-विधान से पूजा करने की जानकारी दी गई है। इसके बाद उन्हें हलवा, पूरी और चने का भोग लगाया जाता है।
परिवार के साथ हवन करने के लिए अभिजित मुहूर्त को भी शुभ बताया गया है। 18 अक्टूबर के लिए यह समय सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक है।
निष्कर्ष
अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर की सुबह से 19 अक्टूबर की सुबह तक रहने के कारण दोनों तारीखों को लेकर अलग-अलग मत हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, महा अष्टमी, कन्या पूजन और हवन 18 या 19 अक्टूबर को सुविधा के अनुसार किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. महा अष्टमी 18 अक्टूबर को है या 19 अक्टूबर को?
पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि दोनों दिनों में रहेगी। इसलिए 18 या 19 अक्टूबर को महा अष्टमी मनाई जा सकती है।
Q. द्रिक पंचांग के अनुसार महा अष्टमी कब मनाई जाएगी?
द्रिक पंचांग के अनुसार महा अष्टमी 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी।
Q. 18 अक्टूबर को कन्या पूजन का समय क्या है?
कन्या पूजन सुबह 08:27 बजे से शाम 05:49 बजे तक किया जा सकता है। सुबह 10:30 बजे से पहले का समय सबसे उत्तम बताया गया है।
Q. 18 अक्टूबर को हवन का शुभ समय क्या है?
हवन पूजन का समय सुबह 08:27 बजे से शाम 05:49 बजे तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक है।
Q. हवन से पहले किसकी पूजा करनी है?
हवन से पहले माता महागौरी की विधि-विधान से पूजा करने की जानकारी दी गई है। उन्हें हलवा, पूरी और चने का भोग लगाया जाता है।






