दिल्ली पुलिस ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को उनकी दादी सावित्रीबाई शंकरराव दीपके के निधन की जानकारी दी। पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि हिरासत के कारण दीपके को यह खबर नहीं बताई गई।

सावित्रीबाई शंकरराव दीपके का महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव में शनिवार सुबह करीब सुबह 11:30 बजे निधन हुआ। वह 85 वर्ष की थीं। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, वह लंबे समय से बीमार थीं। उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह 10 बजे निर्धारित किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, दीपके को निधन की सूचना संवेदनशीलता के साथ तुरंत दी गई। उन्हें अंतिम संस्कार का समय भी बताया गया। दिल्ली पुलिस ने मानवीय आधार पर उनके गृह नगर जाने के लिए संभावित मदद की पेशकश की।

दीपके को हिरासत में लेने की वजह

अभिजीत दीपके, CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका के साथ मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। तीनों नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने आए थे।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। इसी आह्वान के मद्देनजर दीपके को हिरासत में लिया गया। CJP का दावा है कि तीनों नेताओं को विमान के राष्ट्रीय राजधानी में उतरने के तुरंत बाद उसके अंदर से हिरासत में लिया गया था।

दीपके के एक चचेरे भाई के अनुसार, हिरासत के कारण परिवार शुरुआत में उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा था। उनके माता-पिता को निधन की सूचना दे दी गई थी और वे गांव के लिए रवाना हो रहे थे।

परिवार से जुड़ी जानकारी

पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, दीपके ने 15 अगस्त को हिंगोली जिले में 'स्कूल ठीक करो' अभियान शुरू करते समय अपनी दादी से मुलाकात की थी। इसके बाद भी वह उनसे एक बार मिले थे। हालांकि, पिछले 20-25 दिनों से उनकी दादी से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई थी।

इसी बीच, शनिवार को दिल्ली में करीब 3,000 लोगों को हिरासत में लिया गया। भारी सुरक्षा के बावजूद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाया गया था, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी।

निष्कर्ष

दिल्ली पुलिस के अनुसार, अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की सूचना और अंतिम संस्कार का समय बता दिया गया था। पुलिस ने उनके गृह नगर जाने में मानवीय मदद की पेशकश की, जबकि CJP ने हिरासत की परिस्थितियों को लेकर अलग दावा किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. अभिजीत दीपके की दादी का निधन कब और कहां हुआ?

सावित्रीबाई शंकरराव दीपके का महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव में शनिवार सुबह करीब सुबह 11:30 बजे निधन हुआ।

Q. उनकी दादी की उम्र कितनी थी?

वह 85 वर्ष की थीं। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, वह लंबे समय से बीमार थीं।

Q. दिल्ली पुलिस ने दीपके को क्या बताया?

पुलिस ने उन्हें निधन की सूचना दी और अंतिम संस्कार का समय बताया। पुलिस के अनुसार, सूचना संवेदनशीलता के साथ तुरंत दी गई।

Q. पुलिस ने दीपके के लिए क्या मदद पेश की?

दिल्ली पुलिस ने मानवीय आधार पर उन्हें अपने गृह नगर जाने में संभावित मदद की पेशकश की।

Q. दीपके को हिरासत में क्यों लिया गया था?

पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। इसी प्रदर्शन के आह्वान के मद्देनजर उन्हें हिरासत में लिया गया।

Q. प्रस्तावित प्रदर्शन किस मांग को लेकर था?

प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाया गया था।