पटना में नीलम देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने उन्हें आवास खाली करने के लिए 25 नवंबर, 2026 तक का समय दिया है। यह कार्रवाई मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी के खिलाफ जेडीयू के कदमों के बीच हुई है।
नीलम देवी को पटना के मॉल रोड स्थित आवास संख्या-1 आवंटित था। विभाग के अनुसार, उन्हें राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सदस्य के तौर पर उप मंत्री का दर्जा मिलने के बाद यह आवास दिया गया था। आवास आवंटन 19 मई, 2026 के विभागीय कार्यालय आदेश के तहत हुआ था।
आवास खाली करने की वजह
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की अधिसूचना संख्या-578 के जरिए समिति के सदस्य के रूप में नीलम देवी का मनोनयन तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया। यह अधिसूचना 26 अक्टूबर, 2026 को जारी हुई थी। इसके बाद सरकारी आवास में रहने की पात्रता पर भवन निर्माण विभाग ने नियमों का हवाला दिया।
विभाग के पत्र में आवास आवंटन (पटना केन्द्रीय पूल) नियमावली, 1986 के नियम-11(2) का उल्लेख है। इसके अनुसार, सेवा समाप्ति के बाद सरकारी आवास में रहने की अनुमन्य अवधि एक माह है। विभाग ने कहा कि यह अवधि 25 नवंबर, 2026 को समाप्त हो रही है।
संयुक्त सचिव-सह-भू-सम्पदा पदाधिकारी ने नीलम देवी से तय तारीख तक आवास खाली करने का अनुरोध किया है। नोटिस में सरकारी बंगले से जुड़ी आगे की प्रक्रिया के तौर पर निर्धारित समयसीमा का पालन करने को कहा गया है।
जेडीयू ने अब तक क्या कदम उठाए
अनंत सिंह और नीलम देवी के खिलाफ जेडीयू की पहली कार्रवाई पार्टी से निष्कासन थी। पार्टी ने दोनों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते 6 साल के लिए निष्कासित किया। यह कदम 24 अक्टूबर को उठाया गया था।
इसके बाद जेडीयू ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा। पत्र के जरिए पार्टी से निष्कासन की जानकारी दी गई और उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की गई।
जेडीयू ने सरकार से नीलम देवी को मिला राज्य मंत्री का दर्जा वापस लेने को भी कहा। इसके बाद उनका समिति सदस्य के रूप में मनोनयन निरस्त किया गया। सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस इसी क्रम में जेडीयू की ओर से बताया गया तीसरा कदम है।
नीलम देवी के आवास का मामला
नीलम देवी को सरकारी आवास समिति में सदस्य रहते हुए मिला था। समिति से उनका मनोनयन समाप्त होने के बाद भवन निर्माण विभाग ने सरकारी आवास में रहने की अवधि संबंधी नियम लागू किया। विभाग ने इसी आधार पर 25 नवंबर, 2026 तक आवास खाली करने की समयसीमा तय की है।
इस मामले में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नोटिस सरकारी आवास के आवंटन और समिति सदस्य के रूप में मिले दर्जे से जुड़ा है। अनंत सिंह की पार्टी सदस्यता और विधानसभा सदस्यता से संबंधित कार्रवाई अलग-अलग प्रक्रियाओं के तहत बताई गई है।
निष्कर्ष
नीलम देवी को पटना के मॉल रोड स्थित सरकारी बंगला 25 नवंबर, 2026 तक खाली करना है। यह नोटिस समिति सदस्य के रूप में उनका मनोनयन निरस्त होने और सरकारी आवास में रहने की एक माह की अनुमन्य अवधि पूरी होने के आधार पर जारी किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. नीलम देवी को बंगला कब तक खाली करना है?
उन्हें 25 नवंबर, 2026 तक सरकारी आवास खाली करने को कहा गया है।
Q. बंगला कहां स्थित है?
यह आवास पटना के मॉल रोड पर स्थित है। आवास संख्या-1 का उल्लेख नोटिस में किया गया है।
Q. नीलम देवी को सरकारी आवास क्यों मिला था?
उन्हें राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सदस्य के रूप में उप मंत्री का दर्जा मिलने के बाद आवास आवंटित किया गया था।
Q. नीलम देवी का समिति से संबंध कब समाप्त हुआ?
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की 26 अक्टूबर, 2026 की अधिसूचना के जरिए उनका मनोनयन तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया।
Q. सरकारी आवास में रहने की अनुमन्य अवधि कितनी है?
नियम-11(2) के तहत सेवा समाप्ति के बाद सरकारी आवास में रहने की अनुमन्य अवधि एक माह बताई गई है।
Q. जेडीयू ने अनंत सिंह और नीलम देवी के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
दोनों को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया। जेडीयू ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की और नीलम देवी का राज्य मंत्री का दर्जा वापस कराया।






