ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर उड़ रहे अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मिसाइल से मार गिराया। IRGC के मुताबिक ड्रोन खाड़ी में गिरा।

ईरानी बलों ने इसे अब तक नष्ट किए गए अमेरिकी रीपर का 54वां मामला बताया है। हालांकि, अमेरिकी पक्ष ने इस खास घटना की अभी पुष्टि या खंडन नहीं किया है। ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी मुश्किल बताई गई है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के अहम तेल मार्गों में शामिल है। यहां से रोजाना लाखों बैरल तेल गुजरता है। अमेरिकी ड्रोन इस क्षेत्र में टैंकरों की सुरक्षा और निगरानी के लिए उड़ान भरते हैं। इसलिए किसी ड्रोन के गिराए जाने का दावा सैन्य तनाव के साथ ऊर्जा सुरक्षा से भी जुड़ा है।

अमेरिकी ड्रोन बेड़े पर नुकसान का दावा

वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी से अब तक अमेरिका ने कम से कम 45 एमक्यू-9 रीपर खोए हैं। इस आंकड़े में दुश्मन की फायरिंग, क्रैश, फ्रेंडली फायर और ईरान से दूर हुई घटनाएं भी शामिल हैं।

रिपोर्ट में प्रत्येक रीपर की कीमत लगभग 30 से 50 मिलियन डॉलर के बीच बताई गई है। इसी आधार पर कुल नुकसान 1.3 अरब डॉलर से अधिक होने की बात कही गई है। ये ड्रोन निगरानी के अलावा सटीक हमलों के लिए भी इस्तेमाल होते हैं।

कांग्रेस रिपोर्ट्स में भी इसी आंकड़े का उल्लेख किया गया है। उनके अनुसार ऑपरेशनल रीपर की संख्या पहले के स्तर से काफी नीचे आ गई है। इससे अमेरिकी ड्रोन बेड़े पर दबाव बढ़ने की बात सामने आती है।

ईरान ने एयर डिफेंस मजबूत होने की बात कही

ईरान ने पिछले सप्ताह ब्लूमबर्ग से कहा था कि वसंत के संघर्ष के समय की तुलना में उसकी एयर डिफेंस क्षमता बहुत ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। IRGC के अनुसार नए सिस्टम और इंटीग्रेटेड नेटवर्क की मदद से अमेरिकी ड्रोन को ट्रैक कर नष्ट किया जा रहा है।

वसंत के युद्ध में ईरान की कई रक्षा प्रणालियां क्षतिग्रस्त हुई थीं। इसके बाद मरम्मत और नए उपकरण जोड़कर एयर डिफेंस कवरेज बढ़ाने का दावा किया गया है। ईरान का कहना है कि इससे रीपर जैसे ड्रोन के खिलाफ उसकी क्षमता बढ़ी है।

इस दावे से अमेरिकी अभियानों में ड्रोन की ऊंचाई, उड़ान मार्ग और इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा पर फिर ध्यान जाने की बात सामने आती है। हालांकि, किसी खास घटना के आधार पर पूरे सैन्य संतुलन का आकलन करना संभव नहीं है, क्योंकि दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में उपलब्ध नहीं है।

होर्मुज में तनाव का असर

होर्मुज क्षेत्र में तनाव बढ़ने से शिपिंग पर असर पड़ने और तेल कीमतों के प्रभावित होने की आशंका source में बताई गई है। इस क्षेत्र में ड्रोन और एयर डिफेंस का मुकाबला फरवरी 2026 से चल रहे संघर्ष का अहम हिस्सा बताया गया है।

अमेरिका के लिए रीपर का नुकसान भविष्य के अभियानों की योजना पर असर डाल सकता है। ईरान इसे अपनी प्रतिरोधक क्षमता के प्रदर्शन के रूप में देखता है। घटनाक्रम यह भी दिखाता है कि मजबूत एयर डिफेंस वाले क्षेत्र में लंबे समय तक उड़ने वाले ड्रोन भी निशाने पर आ सकते हैं।

निष्कर्ष

IRGC ने होर्मुज के ऊपर अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर गिराने का दावा किया है, लेकिन अमेरिका ने इसकी पुष्टि नहीं की है। 45 रीपर के नुकसान और 1.3 अरब डॉलर से अधिक के बताए गए नुकसान के बीच यह मामला क्षेत्रीय तनाव, ड्रोन सुरक्षा और ऊर्जा मार्गों पर असर से जुड़ा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. ईरान ने किस ड्रोन को गिराने का दावा किया है?

ईरान की IRGC ने अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मिसाइल से गिराने का दावा किया है।

Q. घटना कहां हुई बताई गई है?

घटना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर हुई बताई गई है। ड्रोन के खाड़ी में गिरने का दावा किया गया है।

Q. क्या अमेरिका ने इस घटना की पुष्टि की है?

नहीं। अमेरिकी पक्ष ने इस विशिष्ट घटना की पुष्टि या खंडन नहीं किया है।

Q. फरवरी से अब तक कितने रीपर खोने की रिपोर्ट है?

वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने कम से कम 45 एमक्यू-9 रीपर खोए हैं।

Q. इन नुकसानों की अनुमानित कीमत कितनी बताई गई है?

कुल नुकसान 1.3 अरब डॉलर से अधिक बताया गया है। एक रीपर की कीमत लगभग 30 से 50 मिलियन डॉलर के बीच बताई गई है।

Q. अमेरिकी रीपर ड्रोन का इस्तेमाल किस काम के लिए होता है?

इनका इस्तेमाल निगरानी और सटीक हमलों के लिए किया जाता है। होर्मुज क्षेत्र में ये टैंकर सुरक्षा और निगरानी से जुड़े हैं।