लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार मॉडल श्रद्धा दुबे से जुड़ी पुलिस कार्रवाई के बीच उसके पूर्व ड्राइवर के बयान सामने आए हैं। ड्राइवर ने श्रद्धा की दिनचर्या, लोगों से मेलजोल और कथित तौर पर धमकी देने को लेकर कई दावे किए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पूर्व ड्राइवर के मुताबिक उसने करीब 5 महीने पहले एक परिचित के जरिये श्रद्धा की एसयूवी चलाने का काम शुरू किया था। उसने 7 दिन बाद नौकरी छोड़ दी। ड्राइवर का दावा है कि मेहनताने के 1800 रुपये मांगने पर उसे जान से मरवाने की धमकी दी गई। इसके बाद उसने भुगतान की मांग छोड़ दी।

ड्राइवर ने बताया कि श्रद्धा की दिनचर्या दोपहर से शुरू होती थी। उसके अनुसार वह कभी समाजसेविका के रूप में राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के साथ दिखाई देती थी और कभी रसूखदार लोगों के साथ रहती थी। ड्राइवर ने यह भी दावा किया कि वह देर रात तक क्लब और बार में पार्टी करती थी।

पूर्व ड्राइवर ने लगाए ये आरोप

ड्राइवर के दावे के अनुसार श्रद्धा लोगों से नजदीकी बढ़ाने के बाद उनकी निजी जानकारी और फोटो जुटाती थी। इसके बाद वह कथित रूप से ब्लैकमेल करती और पुलिस में शिकायत या रसूखदारों से संबंध होने का हवाला देकर जेल भेजने की धमकी देती थी।

उसने यह भी आरोप लगाया कि श्रद्धा कुछ प्रभावशाली लोगों के सामने अपनी मजबूरी बताकर मदद मांगती थी। ड्राइवर के मुताबिक, बाद में वह उनसे रुपये लेने की कोशिश करती थी। ये सभी बातें पूर्व ड्राइवर के बयान पर आधारित हैं।

ड्राइवर ने महंगे पार्लर में भुगतान से जुड़े दावे भी किए। उसके अनुसार श्रद्धा मेकअप कराने के बाद पार्लर संचालक को सीधे भुगतान नहीं करती थी और फोन पर किसी अन्य व्यक्ति से बात करा देती थी। उसने वाहन में डीजल भरवाने का भुगतान भी किसी दूसरे व्यक्ति के ऑनलाइन करने की बात कही।

फ्लैट पर सहारनपुर कोर्ट का नोटिस

रविवार दोपहर श्रद्धा के बालू अड्डा स्थित फ्लैट पर सहारनपुर के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट का नोटिस चस्पा किया गया। कोर्ट ने श्रद्धा को अपना पक्ष रखने के लिए 31 अक्तूबर तक का समय दिया है।

यह नोटिस एक लग्जरी कार से जुड़े मामले में जारी हुआ है। सहारनपुर पुलिस ने 2024 में श्रद्धा के करीबी दोस्त और साइबर अपराध के आरोपी अंकित जायसवाल को 90.59 लाख रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार किया था। डॉक्टर प्रभात वर्मा ने अंकित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने अंकित समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि ठगी की रकम से स्कोडा कार खरीदी गई और उसे श्रद्धा दुबे के नाम पर पंजीकृत कराया गया। कार दिल्ली के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली है और साइबर क्राइम थाना पुलिस ने उसे जब्त किया था।

कार को रिलीज कराने के लिए सहारनपुर की अदालत में अर्जी दाखिल की गई थी। इसी प्रक्रिया में श्रद्धा के नाम नोटिस जारी कर उन्हें 31 अक्तूबर को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। कार फिलहाल थाने की कस्टडी में खड़ी है।

हजरतगंज पुलिस ने हत्या के मामले में फरार श्रद्धा के फ्लैट को सील भी कर दिया है। इस तरह एक ओर पुलिस की कार्रवाई जारी है, वहीं दूसरी ओर सहारनपुर कोर्ट की प्रक्रिया में श्रद्धा का पक्ष सामने आना बाकी है।

निष्कर्ष

श्रद्धा दुबे के पूर्व ड्राइवर ने उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उनके फ्लैट पर सहारनपुर कोर्ट का नोटिस चस्पा हुआ है और हजरतगंज पुलिस ने उसे सील किया है। अदालत में श्रद्धा का पक्ष 31 अक्तूबर को सामने आना है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. श्रद्धा दुबे किस मामले में फरार हैं?

वह लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार बताई गई हैं।

Q. पूर्व ड्राइवर ने क्या दावा किया है?

उसने श्रद्धा की दिनचर्या, लोगों से संबंध, भुगतान और कथित धमकियों को लेकर कई दावे किए हैं।

Q. पूर्व ड्राइवर ने नौकरी कितने समय बाद छोड़ी?

उसके अनुसार उसने 7 दिन में नौकरी छोड़ दी थी।

Q. श्रद्धा के फ्लैट पर किस अदालत का नोटिस चस्पा हुआ?

नोटिस सहारनपुर के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट से जारी हुआ है।

Q. श्रद्धा को अदालत में कब पक्ष रखना है?

नोटिस के अनुसार उन्हें 31 अक्तूबर तक अपना पक्ष रखना है।

Q. कार किस मामले से जुड़ी है?

कार 2024 में सामने आई 90.59 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले से जुड़ी है।

Q. कार किसके नाम पर पंजीकृत है?

पुलिस की जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, कार श्रद्धा दुबे के नाम पर पंजीकृत है।

Q. श्रद्धा के फ्लैट पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

हजरतगंज पुलिस ने हत्या के मामले में फ्लैट सील कर दिया है।