राजनयिक अनुज स्वरूप ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की थर्ड कमेटी की बैठक के दौरान भारत का पक्ष रखा। उन्होंने शांतिपूर्ण सभा और संगठन बनाने की स्वतंत्रता पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिवेदक जीना रोमेरो की रिपोर्ट को खारिज किया।

अनुज स्वरूप ने कहा कि बिना पुष्टि वाली सुनी-सुनाई बातों पर आधारित मनमानी रिपोर्टें संयुक्त राष्ट्र और उससे जुड़ी संस्थाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती हैं। उनके मुताबिक, गुमनाम और अप्रमाणित आरोप किसी निष्कर्ष का सबूत नहीं हो सकते।

जीना रोमेरो की रिपोर्ट पर भारत की आपत्ति

बैठक में भारत की ओर से बोलते हुए स्वरूप ने रिपोर्ट में लगाए गए व्यापक आरोपों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी के खिलाफ गुमनाम दावों के आधार पर आरोप लगाना पर्याप्त प्रमाण नहीं है।

उन्होंने ऐसी रिपोर्टिंग को सुनी-सुनाई बातों को संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट का रूप देने जैसा बताया। भारत के प्रतिनिधिमंडल ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज करने की बात कही।

कौन हैं अनुज स्वरूप?

अनुज स्वरूप 2016 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं। वह अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास में तीसरे सचिव के रूप में काम कर चुके हैं।

उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। भारतीय लोक सेवा में आने से पहले वह 5 साल तक एनटीपीसी में भी सेवा दे चुके हैं।

लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उनकी स्कूली शिक्षा दिल्ली के द लॉरेंस पब्लिक स्कूल, जनकपुरी से हुई।

स्वरूप का मौजूदा बयान संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों में इस्तेमाल किए गए दावों और उनके आधार को लेकर भारत की आपत्ति को सामने रखता है। इस बैठक में उनका मुख्य जोर पुष्टि, प्रमाण और रिपोर्टिंग की विश्वसनीयता पर रहा।

निष्कर्ष

अनुज स्वरूप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की थर्ड कमेटी में भारत की ओर से जीना रोमेरो की रिपोर्ट पर आपत्ति जताई। उन्होंने गुमनाम और अप्रमाणित आरोपों को आधार बनाकर तैयार रिपोर्टों से संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता प्रभावित होने की बात कही।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. अनुज स्वरूप ने किस बैठक में भारत का पक्ष रखा?

न्यूयॉर्क में हुई संयुक्त राष्ट्र महासभा की थर्ड कमेटी की बैठक में उन्होंने भारत का पक्ष रखा।

Q. उन्होंने किस रिपोर्ट पर आपत्ति जताई?

उन्होंने शांतिपूर्ण सभा और संगठन बनाने की स्वतंत्रता पर जीना रोमेरो की रिपोर्ट पर आपत्ति जताई।

Q. अनुज स्वरूप ने रिपोर्टों को लेकर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि बिना पुष्टि वाली सुनी-सुनाई बातें और गुमनाम आरोप संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाते हैं।

Q. अनुज स्वरूप किस बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं?

वह 2016 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं।

Q. वह पहले कहां काम कर चुके हैं?

वह अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास में तीसरे सचिव रह चुके हैं और एनटीपीसी में 5 साल सेवा दे चुके हैं।