दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी GRAP का पहला चरण लागू कर दिया गया है। कई इलाकों में AQI 300 के पार दर्ज हुआ है। इसका सीधा असर निर्माण गतिविधियों, पार्किंग शुल्क, वाहनों की जांच और सरकारी दफ्तरों के समय पर पड़ेगा।
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने एनसीआर में GRAP-1 लागू किया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के अनुसार, इस कार्रवाई के लिए 30 एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। प्रशासन ने प्रदूषण रोकने के लिए निगरानी और प्रवर्तन बढ़ाने की बात कही है।
आम लोगों और कारोबार पर क्या बदलेगा
निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन चलाना जरूरी होगा। सड़कों पर पानी का छिड़काव और मशीनों से सफाई का काम तेज किया जा रहा है। खुले में कचरा या पत्तियां जलाने पर जुर्माना लगाया जाएगा। होटल और ढाबों के तंदूर में कोयला या लकड़ी जलाने पर रोक रहेगी।
एक नवंबर से मेट्रो को छोड़कर सभी पार्किंग की फीस दोगुनी कर दी जाएगी। दिल्ली सरकार और एमसीडी के दफ्तरों के समय में भी बदलाव किया जाएगा। तीस नवंबर तक खुले में होने वाले डिमोलिशन पर रोक रहेगी। इसके बाद इकतीस जनवरी तक किसी भी तरह के डिमोलिशन पर रोक जारी रहने की बात कही गई है।
धूल और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए सड़कों की एंड-टू-एंड री-कारपेटिंग और एआई आधारित ट्रैफिक सिस्टम शुरू करने की योजना बताई गई है। मेट्रो स्टेशनों के पास मिस्ट स्प्रे यूनिट्स लगाई गई हैं। कमांड सेंटर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
बिना PUCC वाहन चलाने पर कार्रवाई
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जांच कर रही है। राजधानी में वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUCC के बिना वाहन चलाना नियमों के खिलाफ है। ऐसे मामलों में दस हजार रुपये तक का चालान हो सकता है। वाहन चालकों से वैध PUCC के बिना गाड़ी न चलाने की अपील की गई है।
पर्यावरण नियमों का पालन नहीं करने वाली 3000 इंडस्ट्रीज को सील किए जाने की जानकारी भी दी गई है। सरकार के अनुसार, 70 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 78 लाख जियो-टैग्ड पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों का सर्वाइवल रेट 97 परसेंट बताया गया है। सूखने वाले पौधों की जगह उसी किस्म का नया पेड़ लगाने की बात कही गई है।
प्रदूषण बढ़ने की वजह और दर्ज आंकड़े
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, पंजाबी बाग में AQI 304 और पूसा में 318 रहा। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 में AQI 315 दर्ज किया गया। गाजियाबाद और नोएडा के कई इलाके भी खराब श्रेणी में पहुंच गए हैं।
दिन में तापमान 32 डिग्री के आसपास रह रहा है, जबकि शाम के बाद हवा की रफ्तार कम हो जाती है। इससे वाहनों का धुआं और धूल वातावरण में फंसने की स्थिति बन रही है। आने वाले दिनों में रात का तापमान 18 डिग्री तक गिरने की संभावना बताई गई है।
सिरसा ने बुधवार, 21 अक्टूबर को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस बार पिछले 12 साल में सबसे ज्यादा 214 दिन हवा साफ दर्ज हुई है। उन्होंने GRAP-1 के तहत चल रहे कदमों और प्रदूषण नियंत्रण के लिए की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी।
निष्कर्ष
GRAP-1 लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में निर्माण, कचरा जलाने, पार्किंग और वाहनों से जुड़े नियम सख्त हो गए हैं। बिना PUCC वाहन चलाने पर दस हजार रुपये तक का चालान हो सकता है, जबकि पार्किंग शुल्क और डिमोलिशन पर रोक से जुड़े बदलाव भी लागू होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. दिल्ली-एनसीआर में GRAP-1 क्यों लागू किया गया है?
कई इलाकों में AQI 300 के पार पहुंचने के बाद GRAP-1 लागू किया गया है।
Q. पार्किंग फीस में कब बदलाव होगा?
एक नवंबर से मेट्रो को छोड़कर सभी पार्किंग फीस दोगुनी होगी।
Q. बिना PUCC वाहन चलाने पर कितना चालान हो सकता है?
बिना वैध PUCC वाहन चलाने पर दस हजार रुपये तक का चालान हो सकता है।
Q. डिमोलिशन पर कितने समय तक रोक रहेगी?
तीस नवंबर तक आउटडोर डिमोलिशन बंद रहेगा। इसके बाद इकतीस जनवरी तक किसी भी तरह के डिमोलिशन पर रोक जारी रहेगी।
Q. GRAP-1 के तहत निर्माण स्थलों पर क्या जरूरी है?
निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन चलाना जरूरी होगा। सड़कों पर पानी का छिड़काव और मशीनों से सफाई भी तेज की जा रही है।






