दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच गुरुवार से 'पीयूसी नहीं, तो ईंधन नहीं' नियम फिर लागू कर दिया गया है। अब वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के बिना वाहनों को पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा।
अभियान के पहले दिन दिल्ली के सभी 400 पेट्रोल पंपों पर सतर्कता बढ़ी हुई दिखी। इस नियम का असर पीयूसी केंद्रों पर भी दिखाई दिया। दिल्ली में मौजूद 1000 पीयूसी केंद्रों पर प्रमाणपत्र बनवाने के मामलों में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
पीयूसी केंद्रों पर बढ़ी भीड़
शाम तक कई केंद्रों पर वाहनों की कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर सर्वर डाउन रहने के कारण पीयूसी बनवाने में आधे से एक घंटे तक का समय लग रहा था। गुरुवार को पीयूसी बनवाने की सुविधा निशुल्क रखी गई, इसलिए लोगों ने बड़ी संख्या में प्रमाणपत्र बनवाने की कोशिश की।
पहले दिन पीयूसी बनवाने वाले वाहनों की संख्या 10 हजार से अधिक रहने का अनुमान है। यह संख्या अभियान शुरू होने के बाद केंद्रों पर बढ़ी गतिविधि के आधार पर बताई गई है।
पंपों पर कैमरे और उद्घोषणा
बिना पीयूसी वाले वाहनों की पहचान के लिए पेट्रोल पंपों पर विशेष रूप से लगाए गए एनपीआर कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी वाहन का प्रमाणपत्र नहीं मिलने पर उसके नंबर का उल्लेख करते हुए स्पीकर से उद्घोषणा की जा रही है।
पंप संचालकों के मुताबिक, दिल्ली सरकार की ओर से इस नियम को लेकर उन्हें कोई लिखित जानकारी नहीं मिली है। इसके बावजूद वे मीडिया रिपोर्टों के आधार पर व्यवस्था लागू कर रहे हैं।
दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बिबेक बनर्जी के अनुसार, गुरुवार को पूरे दिल्ली में ऐसे केवल कुछ मामले सामने आए। इन मामलों में वाहन मालिकों को पहले पीयूसी बनवाने के लिए कहकर वापस भेजा जा रहा है।
पहले भी लागू हो चुका है नियम
शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण के तहत दिसंबर 2025 में इस व्यवस्था को सख्ती से लागू किया गया था। इसके बाद इसी वर्ष अप्रैल और मई में भी ऐसा अभियान चलाया गया था। इस बार नियम का दोबारा लागू होना सर्दी की शुरुआत के साथ बढ़ी प्रदूषण चिंता के बीच हुआ है।
बिना वैध पीयूसी के ईंधन नहीं मिलने से वाहन मालिकों के लिए प्रमाणपत्र साथ रखना जरूरी हो गया है। जिन लोगों के पास प्रमाणपत्र नहीं है, उन्हें पेट्रोल या डीजल लेने से पहले पीयूसी केंद्र जाना पड़ रहा है।
निष्कर्ष
दिल्ली में गुरुवार से बिना वैध पीयूसी वाहनों को ईंधन नहीं दिया जा रहा है। 400 पंपों पर निगरानी और पीयूसी केंद्रों पर बढ़ी भीड़ इस अभियान के तत्काल असर को दिखाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. दिल्ली में बिना पीयूसी ईंधन क्यों नहीं मिलेगा?
वायु प्रदूषण की बढ़ती चिंता के बीच 'पीयूसी नहीं, तो ईंधन नहीं' नियम लागू किया गया है।
Q. यह नियम कब से लागू हुआ?
नियम गुरुवार से दिल्ली में लागू हुआ है।
Q. कितने पेट्रोल पंपों पर निगरानी बढ़ी है?
दिल्ली के सभी 400 पेट्रोल पंपों पर सतर्कता बढ़ाई गई है।
Q. पीयूसी बनवाने के मामलों में कितनी बढ़ोतरी हुई?
पीयूसी केंद्रों पर मामलों में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
Q. पीयूसी बनवाने में कितना समय लग रहा है?
सर्वर की दिक्कत वाले केंद्रों पर प्रक्रिया में आधे से एक घंटे तक लग रहा है।
Q. क्या गुरुवार को पीयूसी बनवाना निशुल्क था?
हां, गुरुवार को पीयूसी बनवाने की सुविधा निशुल्क रखी गई थी।
Q. बिना पीयूसी वाले वाहन के साथ पंप पर क्या हो रहा है?
ऐसे वाहन मालिकों को पहले पीयूसी बनवाने के लिए कहकर वापस भेजा जा रहा है।










