केंद्र सरकार ने केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (Central Government Health Scheme) यानी CGHS से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अब मौजूदा केंद्रीय कर्मचारियों की पात्रता केवल उनके रहने या पोस्टिंग की जगह के आधार पर सीमित नहीं होगी। यह बदलाव उन योग्य कर्मचारियों के लिए अहम है, जो पहले योजना के कवरेज वाले इलाकों से बाहर होने के कारण इसका विकल्प नहीं चुन पाते थे।

बदले नियमों के तहत कवरेज क्षेत्र से बाहर रहने या तैनात योग्य कर्मचारी CGHS चुन सकेंगे। इसके लिए उन्हें योजना की दूसरी शर्तें पूरी करनी होंगी और तय योगदान का भुगतान करना होगा। कर्मचारी के पास यह विकल्प आने के बाद इसे बदलने की अनुमति नहीं होगी।

क्या बदला है

पहले भौगोलिक शर्त के कारण कुछ मौजूदा केंद्रीय कर्मचारी CGHS के दायरे से बाहर रह जाते थे। नई व्यवस्था में ऐसी स्थिति वाले योग्य कर्मचारियों को योजना चुनने का रास्ता दिया गया है। हालांकि, यह सुविधा सभी शर्तें पूरी करने और तय योगदान जमा करने पर ही मिलेगी।

CGHS चुनने वाले कर्मचारियों को एक undertaking भी देनी होगी। इसमें उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि वे या उनके योग्य परिवार के सदस्य CGHS और केंद्रीय सेवा (मेडिकल अटेंडेंस) नियम, 1944, दोनों के तहत मेडिकल लाभ का दावा नहीं करेंगे।

जो कर्मचारी पहले से CGHS कवरेज वाले इलाके में रह रहे हैं या वहां तैनात हैं, उनके लिए योजना का कवरेज अनिवार्य रहेगा। ऐसे कर्मचारी इसके बदले केंद्रीय सेवा (मेडिकल अटेंडेंस) नियमों के तहत मिलने वाली सुविधाएं चुन नहीं सकेंगे।

गलत जानकारी देने पर कार्रवाई

सरकार ने मेडिकल लाभ लेने के लिए गलत या भ्रामक जानकारी देने पर कार्रवाई की बात कही है। ऐसी स्थिति में कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। गलत तरीके से लिए गए लाभ की वसूली भी की जा सकती है।

इसलिए योजना चुनने वाले कर्मचारियों के लिए सही जानकारी देना और दोनों व्यवस्थाओं के तहत एक साथ लाभ का दावा न करना जरूरी होगा।

CGHS क्या है

CGHS केंद्र सरकार के मौजूदा और रिटायर्ड कर्मचारियों तथा उनके योग्य परिवार के सदस्यों के लिए सरकारी हेल्थकेयर प्रोग्राम है। इसे 1 जुलाई 1954 को दिल्ली में शुरू किया गया था। इसका मकसद मेडिकल देखभाल उपलब्ध कराना और आउटपेशेंट दवाओं के रीइंबर्समेंट का दावा करने में आने वाली दिक्कतों को कम करना था।

समय के साथ योजना का विस्तार दिल्ली से आगे कई शहरों तक हुआ। इसके तहत वेलनेस सेंटर, पॉलीक्लिनिक, लेबोरेटरी और एम्पैनल्ड अस्पतालों के जरिए सेवाएं दी जाती हैं। योग्य पेंशनभोगियों और लाभार्थियों की कुछ अन्य श्रेणियां भी इसके दायरे में शामिल हैं।

योजना का मौजूदा विस्तार

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की 2024-25 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, CGHS 81 शहरों तक फैल चुका था। उस समय योजना लगभग 46.87 लाख लाभार्थियों को सेवाएं दे रही थी।

नए नियम का सीधा असर उन मौजूदा केंद्रीय कर्मचारियों पर पड़ेगा, जिनकी रहने या पोस्टिंग की जगह पहले CGHS पात्रता में रुकावट बनती थी। वे अब तय योगदान और अन्य पात्रता शर्तों के आधार पर योजना चुनने पर विचार कर सकते हैं।

निष्कर्ष

नियमों में बदलाव से कवरेज क्षेत्र से बाहर रहने या तैनात योग्य केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CGHS चुनने का विकल्प खुला है। योजना लेने से पहले योगदान, पात्रता और लाभों से जुड़े undertaking की शर्तों को समझना जरूरी होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. CGHS के नियमों में क्या बदलाव हुआ है?

अब मौजूदा केंद्रीय कर्मचारियों के लिए रहने या पोस्टिंग की जगह से जुड़ी भौगोलिक शर्त हटाई गई है। योग्य कर्मचारी दूसरी शर्तें पूरी कर CGHS चुन सकते हैं।

Q. कवरेज क्षेत्र से बाहर तैनात कर्मचारी क्या CGHS ले सकते हैं?

हां, योग्य कर्मचारी तय योगदान देकर CGHS चुन सकते हैं। इसके लिए उन्हें बाकी पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी।

Q. CGHS चुनने के बाद क्या विकल्प बदला जा सकता है?

नहीं, CGHS का विकल्प चुनने के बाद उसे बदला नहीं जा सकता।

Q. CGHS चुनने वाले कर्मचारी को कौन सा undertaking देना होगा?

उन्हें यह undertaking देना होगा कि वे या उनके योग्य परिवार के सदस्य CGHS और केंद्रीय सेवा (मेडिकल अटेंडेंस) नियम, 1944, दोनों के तहत मेडिकल लाभ का दावा नहीं करेंगे।

Q. CGHS कवरेज वाले इलाके में रहने वाले कर्मचारियों के लिए क्या नियम है?

ऐसे कर्मचारियों के लिए CGHS कवरेज अनिवार्य रहेगा। वे इसके बदले केंद्रीय सेवा (मेडिकल अटेंडेंस) नियमों की सुविधाएं नहीं चुन सकते।

Q. गलत जानकारी देकर CGHS लाभ लेने पर क्या होगा?

अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। गलत तरीके से लिए गए लाभ की वसूली भी की जा सकती है।

Q. CGHS कब शुरू हुई थी?

CGHS 1 जुलाई 1954 को दिल्ली में शुरू हुई थी।

Q. CGHS कितने शहरों और लाभार्थियों तक पहुंची थी?

2024-25 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, CGHS 81 शहरों में लगभग 46.87 लाख लाभार्थियों को सेवाएं दे रही थी।