यूपीआई पेमेंट को लेकर सरकार ने नया फ्रेमवर्क जारी किया है। इसके बाद आम यूज़र्स के बीच यह सवाल उठा कि क्या अब डिजिटल पेमेंट करने पर उन्हें अतिरिक्त चार्ज देना होगा। सरकार के मुताबिक व्यक्ति से व्यक्ति यानी पर्सन टू पर्सन (P2P) यूपीआई पेमेंट पहले की तरह पूरी तरह मुफ़्त रहेगी।
इसका मतलब है कि कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को यूपीआई से कितनी भी रकम भेजे, उस ट्रांजैक्शन पर शुल्क नहीं लगेगा। यह नियम परिवार के सदस्य, दोस्त या किसी अन्य व्यक्ति को सीधे पैसे भेजने वाले पेमेंट पर लागू होगा।
सरकार के मुताबिक यूपीआई की कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू का करीब 70 फ़ीसदी हिस्सा P2P पेमेंट का है। इसलिए नए फ्रेमवर्क का बड़ा हिस्सा आम लोगों के रोज़मर्रा के पैसे भेजने वाले इस्तेमाल को प्रभावित नहीं करता।
दुकानदार को पेमेंट करने पर क्या बदलेगा
दुकान, पेट्रोल पंप या किसी कारोबारी को यूपीआई से भुगतान करना पर्सन टू मर्चेंट यानी P2M पेमेंट कहलाता है। ऐसे पेमेंट में ग्राहक और मर्चेंट की भूमिका अलग होती है।
2,000 रुपए तक के सभी P2M यूपीआई पेमेंट पर MDR (Merchant Discount Rate) नहीं लगेगा। इसका अर्थ है कि इस सीमा तक ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और मर्चेंट पर भी MDR नहीं लगाया जाएगा।
2,000 रुपए से अधिक के सामान्य मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 फ़ीसदी MDR तय किया गया है। यह शुल्क ग्राहक के बजाय मर्चेंट से जुड़ेगा। बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि मर्चेंट इस रकम का बोझ ग्राहक पर न डालें।
इसलिए अगर कोई ग्राहक 10,000 रुपए की खरीदारी यूपीआई से करता है, तो उससे यूपीआई इस्तेमाल करने के नाम पर अलग से 40 रुपए नहीं लिए जाने चाहिए। इस उदाहरण में 40 रुपए का MDR मर्चेंट को देना होगा।
MDR क्या है और रकम किसे मिलेगी
MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट, डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले कारोबारी से जुड़ा शुल्क है। यह सरकार या एनपीसीआई (National Payments Corporation of India) की ओर से लगाया गया टैक्स नहीं है।
इस शुल्क से मिलने वाली रकम पेमेंट सिस्टम से जुड़े अलग-अलग हिस्सेदारों के बीच बांटी जाएगी। इनमें बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और यूपीआई ऐप प्रोवाइडर शामिल हैं। सरकार के मुताबिक इस रकम का इस्तेमाल यूपीआई सिस्टम को चलाने और आगे बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
MDR की अधिकतम सीमा कितनी है
सामान्य मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR 0.4 फ़ीसदी तय है। इसके साथ अधिकतम भुगतान सीमा भी रखी गई है। 75,000 रुपए तक के यूपीआई पेमेंट पर MDR अधिकतम 300 रुपए होगा।
75,000 रुपए से अधिक के यूपीआई पेमेंट पर भी MDR की अधिकतम रकम 300 रुपए ही रहेगी। यानी 0.4 फ़ीसदी की गणना के बावजूद मर्चेंट से 300 रुपए से ज्यादा MDR नहीं लिया जाएगा।
# एक उदाहरण से समझें
10,000 रुपए के पेमेंट पर 0.4 फ़ीसदी MDR की गणना 40 रुपए होती है। यह रकम ग्राहक से अलग से नहीं ली जानी है। इसी तरह 75,000 रुपए तक के पेमेंट पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपए है।
कुछ सेवाओं के लिए अलग नियम
कुछ ज़रूरी सेवाओं के लिए MDR का अलग प्रावधान है। 2,000 रुपए से अधिक के ट्रांजैक्शन पर 5 रुपए का फ्लैट MDR लगेगा। इन सेवाओं की पूरी सूची की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
इस व्यवस्था का सीधा असर इस बात पर निर्भर करेगा कि पेमेंट P2P है या P2M, रकम कितनी है और ट्रांजैक्शन किस श्रेणी में आता है। हालांकि, ग्राहक के लिए सरकार ने P2P पेमेंट पर शुल्क नहीं रखा है और सामान्य P2M पेमेंट में भी MDR का बोझ ग्राहक पर डालने से मना किया है।
निष्कर्ष
नए फ्रेमवर्क के तहत व्यक्ति से व्यक्ति यूपीआई पेमेंट फ्री रहेगी। 2,000 रुपए तक के P2M पेमेंट पर MDR नहीं है, जबकि बड़ी सामान्य मर्चेंट पेमेंट में शुल्क मर्चेंट से लिया जाएगा और ग्राहक पर अलग चार्ज नहीं लगाया जाना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. क्या P2P यूपीआई पेमेंट पर चार्ज लगेगा?
P2P यानी व्यक्ति से व्यक्ति यूपीआई पेमेंट पूरी तरह मुफ़्त रहेगी। रकम कितनी भी हो, इस पेमेंट पर शुल्क नहीं लगेगा।
Q. 2,000 रुपए तक के P2M पेमेंट पर क्या नियम है?
2,000 रुपए तक के P2M यानी व्यक्ति से मर्चेंट पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा। ग्राहक और मर्चेंट, दोनों पर इस सीमा तक MDR नहीं होगा।
Q. 2,000 रुपए से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर MDR कौन देगा?
सामान्य मर्चेंट ट्रांजैक्शन में MDR मर्चेंट से लिया जाएगा। ग्राहक से यह शुल्क अलग से नहीं लिया जाना चाहिए।
Q. सामान्य मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR कितना है?
2,000 रुपए से अधिक के सामान्य मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR 0.4 फ़ीसदी तय है।
Q. 75,000 रुपए से ज्यादा के पेमेंट पर अधिकतम MDR कितना होगा?
75,000 रुपए तक के पेमेंट पर MDR अधिकतम 300 रुपए है। इससे अधिक के यूपीआई पेमेंट पर भी अधिकतम MDR 300 रुपए ही रहेगा।
Q. MDR क्या होता है?
MDR डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले मर्चेंट से जुड़ा शुल्क है। यह सरकार या एनपीसीआई का टैक्स नहीं है।
Q. 10,000 रुपए के यूपीआई पेमेंट पर MDR कितना होगा?
0.4 फ़ीसदी के हिसाब से 10,000 रुपए के पेमेंट पर MDR 40 रुपए होगा। यह रकम ग्राहक से अलग से नहीं ली जानी चाहिए।
Q. क्या कुछ सेवाओं के लिए MDR का अलग नियम है?
हां। कुछ ज़रूरी सेवाओं के लिए 2,000 रुपए से अधिक के ट्रांजैक्शन पर 5 रुपए का फ्लैट MDR लगेगा।














