एशिया-प्रशांत क्षेत्र की कंपनियां इस सवाल पर बंटी हुई हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) के बढ़ते इस्तेमाल से ऑफिस स्पेस की जरूरत घटेगी या बढ़ेगी। सीबीआरई के नए सर्वे में करीब एक-पांचवीं कंपनियों ने रियल एस्टेट जरूरत कम होने की संभावना जताई।

वहीं, 56% कंपनियों ने तटस्थ रुख अपनाया। उनका मानना है कि AI का ऑफिस स्पेस की मांग पर कोई असर नहीं पड़ा है या उसके प्रभाव का आकलन करना अभी जल्दबाजी होगा। 25% कंपनियों ने कहा कि AI अपनाने से उन्हें अपना ऑफिस फुटप्रिंट बढ़ाना पड़ सकता है।

सर्वे में क्या सामने आया

सीबीआरई का सर्वे 26 मई से 10 जुलाई के बीच 9 बाजारों में किया गया। इसमें हांगकांग, मुख्यभूमि चीन, सिंगापुर, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत शामिल थे। कुल 651 कॉरपोरेट रियल एस्टेट अधिकारियों ने जवाब दिए।

मुख्यभूमि चीन और भारत से मिले जवाबों को एशिया-प्रशांत के ग्रेड ए ऑफिस स्टॉक में इन बाजारों की हिस्सेदारी के अनुरूप ज्यादा भार दिया गया। सीबीआरई के मुताबिक, अभी AI का असर रियल एस्टेट जरूरतों से ज्यादा ऑफिस संचालन पर दिख रहा है।

सीबीआरई की एशिया-प्रशांत रिसर्च प्रमुख एडा चोई ने कहा कि कई संगठन अभी AI के असर का शुरुआती आकलन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, निकट अवधि में रियल एस्टेट जरूरतों पर इसका असर सीमित है।

चोई ने यह भी कहा कि कई कंपनियां कारोबार बढ़ने को लेकर भरोसेमंद हैं और विस्तार की योजना बना रही हैं। उनके अनुसार, ऑफिस पोर्टफोलियो में बदलाव के दौरान भविष्य की वृद्धि बेहतर गुणवत्ता वाले वर्कप्लेस पर केंद्रित होगी, जबकि कम मूल्य वाली जगहों को तर्कसंगत बनाया जाएगा।

ऑफिस संचालन में AI का बढ़ता इस्तेमाल

सर्वे में 46% प्रतिभागियों ने खुद को AI अपनाने वाली या कॉरपोरेट रियल एस्टेट संचालन में इसके इस्तेमाल की दिशा में सक्रिय कंपनियों के रूप में बताया। 2024 में यह अनुपात 9% था।

AI से जुड़ी चर्चाओं में कर्मचारियों की संख्या घटने और उसके असर से ऑफिस स्पेस की जरूरत कम होने की बात भी सामने आती रही है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की पिछले साल की एक स्टडी में 55 अर्थव्यवस्थाओं और 22 उद्योगों के 41% नियोक्ताओं ने AI से कुछ काम ऑटोमेट होने पर कर्मचारियों की संख्या घटाने की योजना बताई थी।

ऑफिस वापसी के बाद नया संतुलन

करीब 9 में से 10 प्रतिभागियों ने बताया कि कर्मचारी सप्ताह में कम से कम 3 दिन ऑफिस में काम करते हैं। यह कोविड-19 महामारी के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। 85% प्रतिभागियों ने कहा कि ऑफिस उपस्थिति अब स्थिर स्तर पर पहुंच गई है।

सीबीआरई के एशिया-प्रशांत लीजिंग प्रमुख टॉम गैफनी के मुताबिक, कंपनियों का ध्यान अब सिर्फ कर्मचारियों को ऑफिस लौटाने पर नहीं है। वे वर्कप्लेस अनुभव और दक्षता सुधारने पर भी काम कर रही हैं।

इस बदलाव का मतलब है कि कंपनियां पूरे ऑफिस पोर्टफोलियो को एक साथ बढ़ाने या घटाने के बजाय चुनिंदा जगहों पर निवेश कर रही हैं। प्रीमियम वर्कप्लेस को प्राथमिकता मिल रही है, जबकि कम मूल्य वाली जगहों की समीक्षा की जा रही है।

निष्कर्ष

सर्वे का संकेत है कि AI का ऑफिस स्पेस पर असर अभी शुरुआती चरण में है। कंपनियां फिलहाल संचालन में AI का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं और भविष्य की जगहों के लिए गुणवत्ता तथा उपयोगिता को प्राथमिकता दे रही हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. क्या AI से एशिया-प्रशांत में ऑफिस स्पेस घटेगा?

करीब एक-पांचवीं कंपनियों को रियल एस्टेट जरूरत घटने की उम्मीद है, लेकिन 56% कंपनियां अभी तटस्थ हैं।

Q. कितनी कंपनियां ऑफिस स्पेस बढ़ाना चाहती हैं?

25% प्रतिभागियों ने कहा कि AI अपनाने से उन्हें अपना ऑफिस फुटप्रिंट बढ़ाना पड़ सकता है।

Q. सीबीआरई का सर्वे कितने बाजारों में हुआ?

सर्वे 9 बाजारों में किया गया और इसमें 651 कॉरपोरेट रियल एस्टेट अधिकारियों ने जवाब दिए।

Q. कंपनियां AI का इस्तेमाल किस क्षेत्र में कर रही हैं?

46% प्रतिभागियों ने बताया कि वे कॉरपोरेट रियल एस्टेट संचालन में AI अपना रहे हैं या इसे लागू करने की दिशा में सक्रिय हैं।

Q. ऑफिस में कर्मचारियों की उपस्थिति कितनी है?

करीब 9 में से 10 प्रतिभागियों ने बताया कि कर्मचारी सप्ताह में कम से कम 3 दिन ऑफिस आते हैं।

Q. कंपनियां भविष्य के ऑफिस में किसे प्राथमिकता दे रही हैं?

कंपनियां बेहतर गुणवत्ता वाले और प्रीमियम वर्कप्लेस पर ध्यान दे रही हैं, जबकि कम मूल्य वाली जगहों की समीक्षा कर रही हैं।