जर्मनी के पूर्वी राज्य सैक्सोनी-एनहाल्ट में क्षेत्रीय चुनाव के नतीजे देश की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखा रहे हैं। फार राइट पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (Alternative for Germany) यानी एएफडी ने 44% से अधिक वोट हासिल किए हैं। इससे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार किसी जर्मन राज्य में फार राइट पार्टी के सत्ता में आने की संभावना बनी है।
एएफडी के प्रमुख उम्मीदवार उलरिच सिगमंड ने नतीजे को ऐतिहासिक बताया और इसे बर्लिन की संघीय सरकार के लिए कड़ा संदेश कहा। इस प्रदर्शन से राज्य की लंबे समय से सत्ता में रही क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) को बड़ा झटका लगा है।
सीडीयू का प्रदर्शन कमजोर
सीडीयू को 17.2% वोट मिले। पिछले चुनाव में पार्टी का वोट शेयर 37.1% था। यह पुनर्मिलन के बाद राज्य में उसका सबसे खराब प्रदर्शन बताया गया है।
सैक्सोनी-एनहाल्ट की विधानसभा में 83 सीटें हैं। एएफडी को 39 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि सरकार बनाने के लिए 42 सीटों की जरूरत होगी। यानी पार्टी बहुमत से 3 सीट दूर रह सकती है।
गठबंधन के बिना सरकार बनाना मुश्किल
एएफडी के सामने सबसे बड़ी चुनौती सहयोगी दलों की कमी है। जर्मनी के सभी मुख्यधारा राजनीतिक दलों ने उसके साथ गठबंधन या किसी तरह के सहयोग से इनकार किया है। इस रणनीति को फायरवॉल (Firewall) कहा जाता है।
सैक्सोनी-एनहाल्ट में एएफडी की शाखा को जर्मनी की घरेलू खुफिया एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर दक्षिणपंथी चरमपंथी समूह घोषित किया है। यह स्थिति पार्टी के लिए सरकार बनाने की बातचीत को और कठिन बनाती है।
अगर कोई गठबंधन नहीं बनता, तो राज्य में एएफडी की अल्पमत सरकार बन सकती है। दूसरा विकल्प फिर से चुनाव का हो सकता है।
उलरिच सिगमंड के प्रमुख चुनावी मुद्दे
35 वर्षीय उलरिच सिगमंड ने एएफडी के अभियान का नेतृत्व किया। उन्होंने अवैध प्रवासियों को वापस भेजने और सामाजिक व्यवस्था का लाभ लेने वाले प्रवासियों के लिए प्रोत्साहन खत्म करने को प्राथमिकता बताया।
पार्टी स्कूलों में पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देने, समलैंगिक प्राइड फ्लैग पर प्रतिबंध लगाने और राष्ट्रीय ध्वज फहराना अनिवार्य करने की नीतियां लागू करना चाहती है।
जनसंख्या में कमी से निपटने के लिए एएफडी प्रवासी श्रमिकों पर निर्भरता घटाने, विदेशों में बसे जर्मनों को वापस लाने और स्थानीय परिवारों को बेबी बोनस देने का प्रस्ताव रखती है।
स्वास्थ्य क्षेत्र और अर्थव्यवस्था पर सवाल
आलोचकों और जर्मन आर्थिक संस्थान का कहना है कि प्रवासियों को बाहर निकालने की नीति राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह हो सकती है। उनका खास जोर स्वास्थ्य क्षेत्र पर है, जो विदेशी श्रमिकों पर काफी निर्भर बताया गया है।
इसलिए चुनावी जीत के बाद बहस केवल सरकार गठन तक सीमित नहीं रहेगी। एएफडी की प्रस्तावित प्रवासन और सामाजिक नीतियों का राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और श्रम जरूरतों पर असर भी चर्चा का अहम हिस्सा रहेगा।
निष्कर्ष
एएफडी ने सैक्सोनी-एनहाल्ट में मजबूत प्रदर्शन किया है, लेकिन बहुमत और सहयोगी दलों की कमी के कारण सरकार बनाना अभी आसान नहीं है। अगला राजनीतिक कदम गठबंधन की बातचीत, अल्पमत सरकार या फिर से चुनाव के बीच तय होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सैक्सोनी-एनहाल्ट चुनाव में एएफडी को कितने वोट मिले?
एएफडी ने 44% से अधिक वोट हासिल किए।
Q. एएफडी को विधानसभा में कितनी सीटें मिलने का अनुमान है?
83 सीटों वाली विधानसभा में एएफडी को 39 सीटें मिलने का अनुमान है।
Q. सरकार बनाने के लिए एएफडी को कितनी सीटें चाहिए?
सरकार बनाने के लिए 42 सीटों की जरूरत होगी।
Q. क्या जर्मनी के दल एएफडी के साथ गठबंधन करेंगे?
जर्मनी के सभी मुख्यधारा राजनीतिक दलों ने एएफडी के साथ गठबंधन या सहयोग से इनकार किया है।
Q. एएफडी सरकार नहीं बना पाई तो क्या हो सकता है?
अल्पमत सरकार बन सकती है या राज्य में फिर से चुनाव हो सकते हैं।
Q. उलरिच सिगमंड कौन हैं?
उलरिच सिगमंड 35 वर्षीय नेता हैं, जिन्होंने सैक्सोनी-एनहाल्ट में एएफडी के चुनाव अभियान का नेतृत्व किया।












