इंडोनेशिया में ज्वालामुखी विस्फोट के बाद हवाई यात्रा पर बड़ा असर पड़ा है। अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से 8 एयरपोर्ट का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया। इस फैसले के बाद 1.50 लाख से ज्यादा यात्री फंस गए हैं।
परिवहन मंत्री डुडी पुरवागंधी ने बताया कि अब तक 712 उड़ानें प्रभावित हुई हैं। प्रभावित उड़ानों के कारण यात्रियों की यात्रा योजनाएं बाधित हुई हैं और एयरपोर्ट संचालन पर दबाव बढ़ा है।
यात्रियों और उड़ानों पर असर
ज्वालामुखी विस्फोट के बाद एयरपोर्ट बंद किए जाने से बड़ी संख्या में यात्री आगे की यात्रा नहीं कर पा रहे हैं। 712 उड़ानों के प्रभावित होने का आंकड़ा इस व्यवधान के व्यापक असर को दिखाता है।
अधिकारियों ने एयरलाइंस से यात्रियों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कदम उठाने को कहा है। उपलब्ध जानकारी में एयरलाइंस की ओर से किए जाने वाले विशेष इंतजामों का पूरा विवरण नहीं है।
ज्वालामुखी की स्थिति
उपलब्ध दृश्य में ज्वालामुखी के मुहाने से घना धुआं और गैस का बड़ा गुबार उठता नजर आता है। पहाड़ी क्षेत्र के आसपास समुद्र दिखाई देता है, जबकि ज्वालामुखी की सतह पर गहरी धारियां और राख जैसी परतें नजर आती हैं।
एयरपोर्ट संचालन दोबारा कब शुरू होगा, इसकी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। प्रभावित यात्रियों के लिए उड़ानों की अगली स्थिति एयरलाइंस और संबंधित अधिकारियों के अपडेट पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
ज्वालामुखी विस्फोट ने इंडोनेशिया के हवाई यातायात को प्रभावित किया है। 8 एयरपोर्ट बंद होने और 712 उड़ानों पर असर से 1.50 लाख से ज्यादा यात्री फंसे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. इंडोनेशिया में एयरपोर्ट क्यों बंद किए गए?
ज्वालामुखी विस्फोट के बाद अधिकारियों ने 8 एयरपोर्ट का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया।
Q. कितने यात्री फंसे हैं?
1.50 लाख से ज्यादा यात्री फंसे हैं।
Q. कितनी उड़ानें प्रभावित हुई हैं?
परिवहन मंत्री डुडी पुरवागंधी के मुताबिक 712 उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
Q. क्या एयरपोर्ट फिर से खुल गए हैं?
एयरपोर्ट संचालन दोबारा शुरू होने की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
Q. यात्रियों के लिए एयरलाइंस से क्या कहा गया है?
एयरलाइंस से यात्रियों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कदम उठाने को कहा गया है।














