हिमाचल प्रदेश में बारिश का जोर कुछ घटा है, फिर भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। गुरुवार को अधिकांश क्षेत्रों में मौसम सूखा रहा और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। इसके बावजूद आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी से प्रभावित इलाकों में चिंता बनी हुई है।
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के अनुसार राज्य में 200 सड़कें बंद हैं। यातायात पर सबसे अधिक असर मंडी, कुल्लू और शिमला में है। इन जिलों में क्रमशः 64, 60 और 32 रास्तों पर आवाजाही रुकी हुई है। सिरमौर, कांगड़ा, ऊना, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में भी सड़कें प्रभावित बताई गई हैं।
किन सेवाओं पर असर
बारिश का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। राज्य में 45 बिजली ट्रांसफॉर्मर काम नहीं कर रहे, जिनमें 35 मंडी में हैं। इसके अलावा 39 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इससे कई जगहों पर बिजली और पानी से जुड़ी रोजमर्रा की सेवाओं पर असर पड़ा है।
प्रभावित बुनियादी ढांचे की स्थिति इस तरह है:
- मंडी में 64, कुल्लू में 60 और शिमला में 32 सड़कें बंद हैं।
- 45 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप हैं, जिनमें 35 मंडी में हैं।
- 39 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं।
अलर्ट और बारिश का रिकॉर्ड
मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, शिमला, सिरमौर, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू और चंबा के लिए हल्की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 14,17, और 18 अगस्त को कुछ क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट है। विभाग की यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब बंद रास्तों और प्रभावित सेवाओं की बहाली का काम जारी है।
पिछले कुछ घंटों में कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। रोहड़ू में 22 मिलीमीटर बारिश हुई। खड़राला में 17, कसौली में 12, जबकि सराहन और कोठी में 2-2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
फ्लैश फ्लड से नुकसान का शुरुआती आकलन
11 अगस्त को लाहौल-स्पीति के मुंची और चापोर नाला में आई फ्लैश फ्लड से हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार मुंची-टिनो सड़क का करीब 700 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। छोटी सिंचाई नहरों, सिंचाई पाइप और कुछ खेतों में खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
12 अगस्त को प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और स्थानीय लोगों से स्थिति की जानकारी ली। राज्य में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। कुकुमसेरी में 10.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम था।







