8वां वेतन आयोग कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से सुझाव लेने की प्रक्रिया में है। आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। इसे 3 नवंबर 2025 को गठित किया गया था और सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।

आयोग का काम वेतन, भत्तों और पेंशन में संभावित बदलावों पर सिफारिश तैयार करना है। फिलहाल अलग-अलग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कर्मचारी संगठनों तथा पेंशनभोगी समूहों के साथ बैठकें की जा रही हैं।

किन शहरों में होंगी अगली बैठकें

आयोग की आने वाली बैठकों में जयपुर, चंडीगढ़, पुडुचेरी और चेन्नई शामिल हैं। इन बैठकों का उद्देश्य संबंधित पक्षों को अपनी मांगें, समस्याएं और सुझाव रखने का अवसर देना है। बैठक से जुड़े सुझाव आयोग की तय समयसीमा के भीतर भेजे जा सकते हैं।

मुख्य तारीखें इस प्रकार हैं:

  • जयपुर में सलाह-मशविरा 31 अगस्त-1 सितंबर 2026 को होगा। सुझाव भेजने की अंतिम तारीख 18 अगस्त है।
  • चंडीगढ़ में बैठक 16-18 सितंबर को होगी। सुझाव जमा करने की अंतिम तारीख 25 अगस्त है।
  • पुडुचेरी में सलाह-मशविरा 9 सितंबर को निर्धारित है। सुझाव भेजने की अंतिम तारीख 18 अगस्त है।
  • चेन्नई में बैठक 7-8 सितंबर को होगी। सुझाव जमा करने की अंतिम तारीख 18 अगस्त है।

हाल के प्रशासनिक अपडेट

11 अगस्त को आयोग ने सलाहकारों की नियुक्ति से जुड़े दिशानिर्देशों में आंशिक बदलाव किया। यह बदलाव आयोग की शोध और प्रशासनिक क्षमता मजबूत करने से जुड़ा है।

3 अगस्त को जयपुर की बैठक की जानकारी सामने आई। 28 जुलाई को चंडीगढ़ की बैठक तय होने की सूचना दी गई। 24 जुलाई को पुडुचेरी और चेन्नई की बैठकों से जुड़े कार्यक्रम जारी किए गए।

आयोग की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, सलाह-मशविरा अभियान अब कई स्थानों तक फैल चुका है। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े संगठनों के लिए यह प्रक्रिया अपनी बात औपचारिक रूप से रखने का माध्यम है।

अभी क्या तय नहीं हुआ

ताजा स्थिति से संकेत मिलता है कि आयोग अभी आकलन और विश्लेषण के चरण में है। सलाह-मशविरा पूरा होने के बाद आयोग अपनी सिफारिशों का मसौदा तैयार करेगा। इसके बाद सिफारिशें केंद्र सरकार को भेजी जाएंगी।

अभी 8वें वेतन आयोग ने फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, पेंशन में संशोधन या संशोधित वेतन संरचना पर कोई अंतिम घोषणा नहीं की है। इसलिए इन विषयों पर चल रही अटकलों को आयोग की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता।

पिछले वेतन आयोगों में फिटमेंट फैक्टर बढ़ा था। 6वें वेतन आयोग में यह 1.86 और 7वें वेतन आयोग में 2.57 रहा। 8वें वेतन आयोग के मामले में सरकार किस फिटमेंट फैक्टर और किस आधार को अपनाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

कर्मचारी, पेंशनभोगी और अन्य संबंधित पक्ष आयोग की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए हुए हैं। आगामी बैठकों और सुझावों की पूरी जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखना जरूरी होगा।