8वें वेतन आयोग ने 7 अगस्त को दिल्ली में केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों, पेंशनरों और अन्य पक्षों से परामर्श शुरू किया, जो 10 अगस्त तक चलेगा। इससे पहले कोलकाता सहित कई शहरों में बातचीत हुई; आगामी हफ्तों में चेन्नई, पुद्दुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर का कार्यक्रम है। नवंबर 2025 में गठित आयोग को 18 महीनों में रिपोर्ट देनी है और इसके अगले साल जून तक आने का अनुमान है। सिफारिशों का असर करीब 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनरों पर पड़ेगा; अंतिम वेतन संशोधन सरकार तय करेगी।

केंद्रीय विद्यालयों के शिक्षक प्रतिनिधिमंडलों की मांगों में सेवानिवृत्ति आयु 65 साल करना, प्रिंसिपल के 50 फीसदी पद विभागीय शिक्षकों की पदोन्नति से भरना, हर विषय प्रमुख के लिए ₹5,400 ग्रेड-पे वाला पद बनाना, वाइस-प्रिंसिपल का ग्रेड-पे ₹6,600 करना, छुट्टियां बढ़ाना और दिल्ली सरकार के शिक्षकों को CGHS सुविधा देना शामिल है। सेवानिवृत्ति आयु बढ़ने से नई भर्ती प्रभावित हो सकती है। अलग-अलग आकलनों में वेतन वृद्धि 30-34 फीसदी और फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 रहने की बात है। वृद्धि फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर होगी; अधिक धन मिलने से कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो और रियल एस्टेट की मांग बढ़ने का आकलन है।