नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने ₹2,000 से अधिक के कारोबारी UPI भुगतान पर MDR शुल्क लागू करने का फैसला टाल दिया है। यह शुल्क पहले 15 अक्टूबर से लागू होना था। अब इसे दिवाली के बाद लगाए जाने की बात कही गई है।
इस व्यवस्था में दुकानदार को ₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर 0.4% शुल्क देना था। आम ग्राहकों के लिए UPI लेनदेन मुफ्त रहने की बात कही गई है। NPCI ने शुल्क लागू करने की नई निश्चित तारीख नहीं बताई है।
त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शुल्क दिवाली के तुरंत बाद लागू किया जा सकता है। एक अन्य विवरण में इसे नवंबर के दूसरे हफ्ते तक टाले जाने की बात कही गई है।
MDR शुल्क क्या होता है
मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR वह फीस है, जो व्यापारी डिजिटल भुगतान की सुविधा लेने के बदले बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को देता है। यह व्यवस्था डेबिट या क्रेडिट कार्ड, पॉइंट ऑफ सेल मशीन, पेमेंट गेटवे और डिजिटल पेमेंट सेवाओं से जुड़ी हो सकती है।
यह शुल्क ग्राहक से लेने के बजाय व्यापारी पर लागू होता है। इसका इस्तेमाल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसफर नेटवर्क को चलाने की लागत पूरी करने के लिए किया जाता है।
बड़े UPI भुगतान का हिस्सा
दुकानदारों को मिलने वाले कुल UPI भुगतानों में ₹2,000 से अधिक वाले भुगतान संख्या के हिसाब से 5% से कम हैं। हालांकि, कुल भुगतान मूल्य में इनका हिस्सा लगभग 67% बताया गया है।
इन बड़े भुगतानों का कुल मूल्य हर महीने करीब ₹6 लाख करोड़ बैठता है। यह पूरे देश में होने वाले UPI लेनदेन के कुल मूल्य का लगभग 20% है। इसलिए संख्या में कम होने के बावजूद ये भुगतान UPI के कुल कारोबार में बड़ा हिस्सा रखते हैं।
UPI को लेकर सरकारी प्रोत्साहन
सरकार ने UPI को बढ़ावा देने और इसे मुफ्त बनाए रखने के लिए 2021-22 से प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। इसके तहत ग्राहक से छोटे दुकानदार को होने वाले ₹2,000 तक के UPI भुगतान पर 0.15% इंसेंटिव दिया जाता था।
2024-25 तक इस योजना के तहत ₹8,276 करोड़ का इंसेंटिव दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जून 2026 तक देश में करीब 55.5 करोड़ UPI यूजर्स थे।
निष्कर्ष
₹2,000 से अधिक के कारोबारी UPI भुगतान पर प्रस्तावित 0.4% MDR शुल्क 15 अक्टूबर से लागू नहीं हुआ। NPCI ने इसे दिवाली के बाद तक टाल दिया है, लेकिन लागू होने की अंतिम तारीख स्पष्ट नहीं बताई गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. UPI पर MDR शुल्क किस भुगतान पर लगना था?
₹2,000 से अधिक के कारोबारी UPI भुगतान पर 0.4% MDR शुल्क लगना था।
Q. यह शुल्क किसे देना होता?
यह शुल्क व्यापारी को बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को देना होता है।
Q. क्या आम ग्राहक से UPI शुल्क लिया जाएगा?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आम लोगों के बीच UPI लेनदेन मुफ्त रहेगा।
Q. MDR शुल्क कब लागू होगा?
NPCI ने इसे दिवाली के बाद लगाने की बात कही है, लेकिन अंतिम तारीख नहीं बताई है।
Q. ₹2,000 से अधिक के भुगतान कुल UPI लेनदेन में कितने हैं?
गिनती के हिसाब से इनकी हिस्सेदारी 5% से कम है, लेकिन कुल मूल्य में इनका हिस्सा लगभग 67% बताया गया है।






