अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्नत तकनीक में देश की बढ़त बनाए रखने के लिए Super Intelligence Force (SIF) बनाने की घोषणा की है। यह नई संघीय टास्क फोर्स सरकार की नीतियों को एक जगह समन्वित करेगी और Super Intelligence से जुड़े राष्ट्रीय प्रयासों का नेतृत्व करेगी।
ट्रंप के अनुसार, SIF सरकार और समाज के अलग-अलग हिस्सों के बीच मुख्य संपर्क इकाई के रूप में काम करेगी। इसके दायरे में सुरक्षा से जुड़े समूह, निजी उद्योग, उपभोक्ता, जनहित संगठन, धार्मिक संस्थाएं और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने वाली कंपनियां शामिल होंगी।
नई सरकारी शब्दावली और नीति
यह पहल उस कार्यकारी आदेश के बाद आई है, जिसमें संघीय सरकार के कामकाज में Artificial Intelligence और AI की जगह Super Intelligence और SI शब्दों का इस्तेमाल करने की नीति तय की गई है। आदेश का शीर्षक “Inaugurating the Era of Super Intelligence” है।
आदेश के मुताबिक, कानून की अनुमति की अधिकतम सीमा तक अमेरिकी सरकार आधिकारिक कामकाज में Artificial Intelligence या AI शब्दों को मान्यता नहीं देगी और उनका इस्तेमाल नहीं करेगी। ट्रंप ने यह भी कहा है कि फिलहाल United States Code के Title 15 में मौजूद Artificial Intelligence की कानूनी परिभाषा को Super Intelligence पर लागू किया जाएगा।
सरकार के अगले कदम के तौर पर Assistant to the President for Science and Technology को Congress के सामने विधायी भाषा का प्रस्ताव देना होगा। इसके लिए 60 दिन की समयसीमा तय की गई है। प्रस्ताव में Super Intelligence की नई संघीय कानूनी परिभाषा और मौजूदा अमेरिकी कानूनों में जरूरी बदलावों की सिफारिश शामिल होगी।
4 सदस्यीय नेतृत्व टीम
SIF की कमान राष्ट्रीय खुफिया, रक्षा, नियमन और संघीय कार्मिक प्रशासन से जुड़े चार अधिकारियों को दी गई है। इस टीम में Director of National Intelligence Jay Clayton, Federal Trade Commission Chairman Andrew Ferguson, Chief Technology Officer और Under Secretary of War for Research and Engineering Emil Michael तथा Office of Personnel Management Director Scott Kupor शामिल हैं।
ट्रंप ने कहा है कि यह नेतृत्व समूह सीधे United States के President और Chief of Staff Susie Wiles को रिपोर्ट करेगा। इस व्यवस्था का घोषित उद्देश्य संघीय सरकार की Super Intelligence से जुड़ी गतिविधियों को एक साथ आगे बढ़ाना है।
टेक कंपनियों के साथ बैठक का संदर्भ
इस घोषणा से पहले व्हाइट हाउस में तकनीकी कंपनियों के प्रमुखों के साथ उच्चस्तरीय दोपहर का भोजन हुआ था। इसमें SpaceX और Tesla के प्रमुख Elon Musk, Meta के CEO Mark Zuckerberg, Google के CEO Sundar Pichai और NVIDIA के CEO Jensen Huang समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए थे।
बैठक के बाद तकनीकी क्षेत्र के नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने Super Intelligence को सुरक्षित तरीके से विकसित करने पर केंद्रित White House Accord के बारे में पत्रकारों को जानकारी दी। ट्रंप ने इस तकनीकी बदलाव को मानवता के लिए अभूतपूर्व दौर बताया और इसकी तुलना Internet तथा Industrial Revolution से बड़े बदलाव के रूप में की।
Mark Zuckerberg ने कहा कि लोगों और ग्राहकों को यह भरोसा मिलना चाहिए कि तकनीक उसी तरह काम करती है, जैसा उसका उद्देश्य है। Anthropic के CEO Dario Amodei ने सुरक्षित सफलता के लिए राष्ट्रपति और बैठक में शामिल सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करने की जरूरत बताई।
Jay Clayton ने चर्चा के राष्ट्रीय सुरक्षा पक्ष पर जोर देते हुए कहा कि AI में अमेरिका का नेतृत्व करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है।
निष्कर्ष
Super Intelligence Force के गठन से अमेरिकी प्रशासन ने उन्नत AI से जुड़े सरकारी समन्वय, सुरक्षा और उद्योग संपर्क के लिए नई व्यवस्था घोषित की है। इसके साथ ही Super Intelligence की कानूनी परिभाषा तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. Super Intelligence Force क्या है?
यह अमेरिकी सरकार की नई संघीय टास्क फोर्स है। इसका काम Super Intelligence से जुड़ी सरकारी नीतियों और राष्ट्रीय प्रयासों का समन्वय करना है।
Q. SIF किन पक्षों के साथ काम करेगी?
यह उपभोक्ताओं, जनहित संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रदाताओं और Super Intelligence कंपनियों के साथ सरकारी संपर्क का समन्वय करेगी।
Q. SIF का नेतृत्व कौन करेगा?
Jay Clayton, Andrew Ferguson, Emil Michael और Scott Kupor इसकी 4 सदस्यीय नेतृत्व टीम में हैं।
Q. Super Intelligence शब्द क्यों इस्तेमाल किया जा रहा है?
कार्यकारी आदेश में संघीय सरकारी कामकाज में Artificial Intelligence और AI की जगह Super Intelligence और SI शब्द अपनाने की नीति तय की गई है।
Q. नई कानूनी परिभाषा कब प्रस्तावित की जाएगी?
Assistant to the President for Science and Technology को Congress के सामने प्रस्तावित विधायी भाषा देने के लिए 60 दिन की समयसीमा दी गई है।













