भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक सुनील भारती मित्तल ने भारत के कारोबारी और तकनीकी भविष्य को लेकर बड़ा भरोसा जताया है। उनका कहना है कि आने वाले 10 से 20 साल देश के लिए तेज बदलाव और नए अवसरों का दौर होंगे। मित्तल ने कहा कि काश वह 20 साल छोटे होते, ताकि इस परिवर्तन का हिस्सा बन पाते।

मित्तल ने ये बातें गुरुवार को नई दिल्ली में गोल्डमैन सैक्स के '10,000 वीमेन' प्रोग्राम के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि आज के भारत में जन्म लेना शानदार है। उन्होंने यह भी बताया कि वह आने वाले कुछ दिनों में 69 साल के होने वाले हैं।

उनके मुताबिक, भारत के पास ऐसे कई आधार हैं, जो उसे वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाने में मदद कर सकते हैं। इनमें तकनीक, ऊर्जा, युवा आबादी और विशाल घरेलू बाजार शामिल हैं। मित्तल का मानना है कि इन क्षेत्रों की ताकत भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे ले जा सकती है।

कारोबार में बदलाव पहचानने का अनुभव

मित्तल ने अपने कारोबारी सफर का उदाहरण देते हुए बताया कि नए तकनीकी बदलावों को समय रहते पहचानना कितना अहम हो सकता है। 1980 के दशक की शुरुआत में भारत में रोटरी डायल वाले फोन आम थे। उसी दौर में उन्होंने पुश-बटन फोन में कारोबारी अवसर देखा और भारत में पहला पुश-बटन फोन लाने की पहल की।

उन्होंने बताया कि यहीं से टेलीकॉम क्षेत्र के साथ उनका जुड़ाव शुरू हुआ। इसके बाद उनका कारोबार आंसरिंग मशीन, कॉर्डलेस फोन और फैक्स मशीन तक पहुंचा। आगे चलकर उन्होंने मोबाइल टेलीकॉम क्षेत्र में भी कदम रखा।

मोबाइल टेलीकॉम कारोबार में प्रवेश के समय उन्हें चेतावनी दी गई थी कि इस क्षेत्र में बहुत बड़ी पूंजी की जरूरत होगी और यह छोटे उद्यमियों के लिए आसान नहीं है। मित्तल ने कहा कि अगर उन्हें पहले से इस पूंजी की जरूरत का पूरा अंदाजा होता, तो शायद वह इस क्षेत्र में प्रवेश नहीं करते। कारोबार शुरू करने के बाद उन्हें निवेश की वास्तविक जरूरत का एहसास हुआ, लेकिन उन्होंने जोखिम उठाकर आगे बढ़ना जारी रखा।

वनवेब और ऋषि सुनक से जुड़ा अनुभव

मित्तल ने सैटेलाइट कंपनी यूटेलसैट वनवेब से जुड़े अपने अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन इस सैटेलाइट प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाना चाहते थे। उस समय वित्त मंत्री रहे ऋषि सुनक को परियोजना पर होने वाले भारी खर्च का आकलन करना था।

मित्तल के अनुसार, उन्हें सुनक को इस प्रोजेक्ट की उपयोगिता समझानी पड़ी। उनका तर्क था कि ब्रिटेन और यूरोप को केवल अमेरिकी सिस्टम्स पर निर्भर रहने के बजाय अपना सैटेलाइट नेटवर्क विकसित करना चाहिए। इस बातचीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यूरोप और ब्रिटेन के लिए अपना सैटेलाइट नेटवर्क होना जरूरी है।

मित्तल ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि बड़े कारोबारी विचार को लागू करने के लिए केवल तकनीक या पूंजी काफी नहीं होती। उद्यमी को दूसरे लोगों और निवेशकों को भी विचार की उपयोगिता और भविष्य की संभावना पर भरोसा दिलाना पड़ता है।

युवा उद्यमियों के लिए संदेश

मित्तल ने युवा उद्यमियों से अपने विचारों, योजनाओं और महत्वाकांक्षाओं पर भरोसा बनाए रखने को कहा। उन्होंने लगातार कोशिश करने और अपने लक्ष्य पर टिके रहने की सलाह दी। उनके मुताबिक, किसी विचार को आगे बढ़ाने के लिए उसे दूसरों के सामने इस तरह रखना जरूरी है कि वे उसके लिए निवेश करने को तैयार हों।

उन्होंने कहा कि भारत में तकनीक, दूरसंचार, ऊर्जा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर बन रहे हैं। मित्तल के आकलन के अनुसार, आने वाले दो दशक इन क्षेत्रों और देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

निष्कर्ष

सुनील भारती मित्तल का संदेश भारत के उभरते कारोबारी अवसरों और तकनीकी बदलावों पर केंद्रित है। उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर कहा कि नए विचारों को पहचानना, उन पर विश्वास रखना और दूसरों को साथ लाना उद्यमिता में महत्वपूर्ण है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. सुनील भारती मित्तल ने भारत के भविष्य के बारे में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि आने वाले 10 से 20 साल में भारत में बड़े कारोबारी और तकनीकी बदलाव होंगे।

Q. मित्तल ने अपनी उम्र को लेकर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि काश वह 20 साल छोटे होते, ताकि भारत में आने वाले बदलावों का हिस्सा बन पाते।

Q. भारत की किन ताकतों पर मित्तल को भरोसा है?

उन्होंने तकनीक, ऊर्जा, युवा आबादी और विशाल घरेलू बाजार को भारत की प्रमुख ताकत बताया।

Q. मित्तल का टेलीकॉम से जुड़ाव कैसे शुरू हुआ?

उन्होंने 1980 के दशक की शुरुआत में भारत में पहला पुश-बटन फोन लाने की पहल की। इसके बाद उनका कारोबार टेलीकॉम के कई उत्पादों से होते हुए मोबाइल क्षेत्र तक पहुंचा।

Q. वनवेब के संदर्भ में मित्तल ने क्या बताया?

उन्होंने कहा कि ब्रिटेन और यूरोप के लिए अपना सैटेलाइट नेटवर्क जरूरी है और इस विचार को लेकर उन्होंने ऋषि सुनक से बात की थी।

Q. युवा उद्यमियों को मित्तल की क्या सलाह है?

उन्होंने युवाओं से अपने विचारों और महत्वाकांक्षाओं पर मजबूत भरोसा रखने तथा उन्हें साकार करने के लिए लगातार प्रयास करने को कहा।