उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में BJP सांसद Sangeeta Balwant ने कांग्रेस सांसद Angomcha Bimol के खिलाफ दर्ज FIR पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने JNU की 11 महिला छात्रों से जुड़े आरोपों और विश्वविद्यालय की कार्रवाई का जिक्र किया।
Balwant के मुताबिक, Inner Manipur से कांग्रेस सांसद Bimol JNU में प्रोफेसर भी हैं। उन्होंने कहा कि 11 छात्राओं ने Bimol के खिलाफ आवाज उठाई थी। सांसद ने आरोप लगाया कि छात्राओं ने उनके साथ अनुचित व्यवहार की शिकायत की थी।
सांसद ने जांच और निलंबन को लेकर क्या कहा
Sangeeta Balwant ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने POSH Act के तहत जांच की। उनके अनुसार, जांच पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय ने Bimol को निलंबित किया।
यह बयान Bimol के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में FIR के संदर्भ में दिया गया है। उपलब्ध जानकारी में FIR की धाराएं, शिकायत की तारीख या मामले की मौजूदा कानूनी स्थिति का विवरण नहीं है।
Balwant ने अपने बयान में छात्राओं की संख्या 11 बताई और विश्वविद्यालय की आंतरिक प्रक्रिया का उल्लेख किया। उपलब्ध सामग्री में JNU, आंतरिक समिति या Bimol की ओर से इस बयान पर कोई अलग प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।
निष्कर्ष
गाजीपुर में Sangeeta Balwant ने FIR के संदर्भ में JNU की 11 छात्राओं की शिकायत, POSH Act के तहत जांच और Bimol के निलंबन का दावा किया है। उपलब्ध जानकारी में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि या आगे की कानूनी कार्रवाई का विवरण नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. यह बयान किसने दिया?
BJP सांसद Sangeeta Balwant ने यह बयान दिया।
Q. बयान किस मामले से जुड़ा है?
यह कांग्रेस सांसद Angomcha Bimol के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में FIR के संदर्भ में है।
Q. छात्राओं की संख्या कितनी बताई गई है?
बयान में JNU की 11 महिला छात्रों का उल्लेख किया गया है।
Q. जांच किस कानून के तहत बताई गई है?
Sangeeta Balwant ने कहा कि विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने POSH Act के तहत जांच की।
Q. Bimol के बारे में क्या पद बताए गए हैं?
उन्हें कांग्रेस सांसद और JNU में प्रोफेसर बताया गया है।










