AISA और अन्य वाम संगठनों से जुड़े छात्रों ने सोमवार को दिल्ली के बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए।

यह मार्च ऐसे समय हुआ, जब दिल्ली पुलिस ने बाराखंभा रोड के प्रदर्शन स्थल का दर्जा हटा दिया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस की इस कार्रवाई के कुछ घंटे बाद छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ना शुरू किया।

प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने मार्च के दौरान अपनी मांगों को नारेबाजी के जरिए सामने रखा। इस कार्रवाई का केंद्र मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग रही। मार्च में शामिल छात्रों की संख्या या पुलिस की ओर से किसी अन्य कार्रवाई की जानकारी की जानकारी अभी नहीं है।

प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा

मार्च का उद्देश्य ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर दबाव बनाना था। छात्रों ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की दिशा में आगे बढ़ते हुए नारे लगाए।

दिल्ली पुलिस द्वारा स्थल को प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगह के रूप में मान्यता न दिए जाने के बाद यह मार्च हुआ। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि पुलिस ने मार्च को रोका या सुप्रीम कोर्ट के पास प्रदर्शनकारियों के साथ क्या हुआ।

निष्कर्ष

AISA और अन्य वाम संगठनों से जुड़े छात्रों ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। यह कदम दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल का दर्जा हटाए जाने के कुछ घंटे बाद हुआ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मार्च कहां से शुरू हुआ?

मार्च बाराखंभा रोड से शुरू हुआ और प्रदर्शनकारी सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े।

Q. मार्च में कौन शामिल था?

मार्च में AISA और अन्य वाम संगठनों से जुड़े छात्र शामिल थे।

Q. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या थी?

प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

Q. प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?

प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए।

Q. मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने क्या किया था?

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल का दर्जा हटा दिया था।