मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा इलाके में संदिग्ध जहरीली शराब (Spurious Liquor) पीने से 12 लोगों की मौत हो चुकी है। 25 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें 17 सागर जिला अस्पताल, 7 बंडा सिविल अस्पताल और एक मरीज एम्स भोपाल में है, जिसे एयरलिफ्ट किया गया।
मौतों और बीमारियों का मामला नौराज और घुघरा खुर्द गांव से जुड़ा बताया गया है। शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे लोगों के बीमार होने की सूचना मिली। इसके बाद प्रभावित गांवों में मेडिकल टीमों ने स्क्रीनिंग शुरू की। लक्षण मिलने पर मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है।
प्रशासन के मुताबिक करीब 35 लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई गई है। गंभीर मरीजों के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और सागर जिला अस्पताल में इलाज की व्यवस्था की गई है। मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध मरीजों के लिए अलग बेड रखे गए हैं।
जांच और पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने मामले में 30 आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है। बंडा थाने में 20 आरोपियों पर केस हुआ, जिनमें 10 लोगों को अभिरक्षा में लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। विनायक थाने में भी 10 आरोपियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया गया है।
आरोपियों पर BNS की धारा 105, 3(5), 123 और आबकारी अधिनियम की धारा 49-A के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अवैध शराब के निर्माण, सप्लाई और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। शराब के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के मुताबिक शुरुआती जांच में शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ललितपुर में नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
पोस्टमॉर्टम में मिथाइल अल्कोहल की आशंका
कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार, 2-3 शवों के पोस्टमॉर्टम में मिथाइल अल्कोहल के सेवन की आशंका सामने आई है। कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ने और उनमें अकड़न की बात भी सामने आई है। उल्टी, सिरदर्द या बुखार जैसे लक्षण वाले लोगों से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने को कहा जा रहा है।
बम्हुराबेड़ा निवासी रामकुमार दांगी ने बताया कि उनके चचेरे भाई समेत गांव में 4 लोगों की मौत हुई। उनके मुताबिक, 3 लोगों ने साथ में शराब पी थी। इसके बाद उनके शरीर ठंडे पड़ने लगे और करीब आधे घंटे में उनकी मौत हो गई। यह विवरण रिश्तेदार के दावे के तौर पर सामने आया है।
7 शराब दुकानें सील, 5 अधिकारी सस्पेंड
एहतियात के तौर पर इलाके की 7 शराब दुकानों को सील किया गया है। इनमें बरेठी, बंडा, शाहगढ़, मगरधा, विनायका, दलपतपुर और बरायठा की दुकानें शामिल हैं। अधिकारियों ने इन दुकानों से भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
लापरवाही के आरोप में आबकारी और पुलिस विभाग के 5 अधिकारी सस्पेंड किए गए हैं। इनमें सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते, बंडा की आबकारी उप निरीक्षक रोशनी उरेते, गूगरा चौकी प्रभारी ASI पूरन सिंह और बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र कुशवाहा शामिल हैं।
संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरज श्रीवास्तव को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है। कार्रवाई के बाद अधिकारी अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।
अधिकारियों ने गांवों और अस्पताल का दौरा किया
मौतों के बाद सागर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी नौराज तथा घुघरा खुर्द पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज की व्यवस्था का भी जायजा लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई रवाना होने से पहले प्रभारी मंत्री और अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे मामलों को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने X पर सरकार से सवाल किया कि जहरीली शराब का कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा है और शराब माफिया बेखौफ क्यों हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी सागर में जहरीली शराब के कारोबार को कथित सरकारी संरक्षण मिलने का मुद्दा उठा चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सागर मेडिकल कॉलेज में मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों के शरीर नीले पड़ने और कम समय में मौत होने की बात को भयावह बताया। सिंघार ने इसे अवैध शराब के कारोबार और प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला कहा।
राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए गंभीर मरीजों का बेहतर इलाज कर उनकी जान बचाने की मांग की। बंडा के पूर्व कांग्रेस विधायक तरवर सिंह लोधी ने जिम्मेदार लोगों पर हत्या का केस दर्ज करने और मृतकों के परिवारों को एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि पिछले 3-4 दिनों में हजारों लोगों ने यह शराब पी है।
निष्कर्ष
सागर मामले में पुलिस की जांच सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने पर केंद्रित है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों का इलाज, शराब के सैंपल की जांच और आरोपियों की तलाश अब प्रमुख कार्रवाई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सागर जहरीली शराब मामले में कितनी मौतें हुई हैं?
अब तक 12 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
Q. कितने मरीज अस्पताल में भर्ती हैं?
25 मरीज सागर जिला अस्पताल, बंडा सिविल अस्पताल और एम्स भोपाल में भर्ती हैं।
Q. कितने आरोपियों पर केस दर्ज हुआ है?
30 आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है। इनमें 10 लोगों को अभिरक्षा में लिया गया है।
Q. शराब की सप्लाई कहां से होने का शक है?
शुरुआती जांच में उत्तर प्रदेश के ललितपुर से सप्लाई होने की बात सामने आई है।
Q. कितनी शराब दुकानें सील की गई हैं?
एहतियात के तौर पर इलाके की 7 शराब दुकानों को सील किया गया है।
Q. कितने अधिकारी सस्पेंड हुए हैं?
आबकारी और पुलिस विभाग के 5 अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है।
Q. पोस्टमॉर्टम में किस जहरीले पदार्थ की आशंका है?
2-3 शवों के पोस्टमॉर्टम में मिथाइल अल्कोहल के सेवन की आशंका सामने आई है।
Q. मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस शराब के निर्माण, सप्लाई और बिक्री से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।













