ईरान की कासिम बसीर मिसाइल को अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियरों और उनके साथ चलने वाले युद्धपोतों के लिए संभावित खतरे के रूप में पेश किया गया है। रिपोर्ट में इसे हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल बताया गया है। हालांकि, अमेरिकी जहाजों को हुए नुकसान के ठोस सबूत अभी सामने नहीं आए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड की कार्रवाई के बाद इस मिसाइल का इस्तेमाल किया। इसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ओमान की खाड़ी के आसपास मौजूद अमेरिकी नौसैनिक तैनाती का उल्लेख है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से ईरानी तेल टैंकरों को डुबाने का वीडियो जारी किए जाने का भी जिक्र किया गया है।
अमेरिकी नौसैनिक तैनाती का संदर्भ
रिपोर्ट में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ओमान की खाड़ी के आसपास यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन और जॉर्ज बुश नाम के 2 अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियरों की तैनाती बताई गई है। अब्राहम लिंकन का भी उल्लेख है। इसके साथ USS Shoup (DDG-86), USS Frank E Petersen Jr. और USS Robert Smalls जैसे विध्वंसक जहाजों के नाम दिए गए हैं।
अमेरिकी जहाजों पर हमले और 3 कॉमर्शियल शिप के नष्ट होने का दावा भी रिपोर्ट में किया गया है। लेकिन उसी सामग्री में यह स्पष्ट है कि अमेरिकी जंगी जहाजों को हुए नुकसान के सबूत अभी सामने नहीं आए हैं। इसलिए इन दावों को पुष्ट घटना के रूप में नहीं, बल्कि रिपोर्ट में किए गए दावे के रूप में देखना जरूरी है।
मिसाइल की बताई गई क्षमताएं
कासिम बसीर को 2-चरण वाली ठोस-ईंधन बैलिस्टिक मिसाइल बताया गया है। इसकी प्रमुख बताई गई विशेषताएं ये हैं:
- मारक क्षमता लगभग 1,200 किलोमीटर बताई गई है।
- वारहेड का वजन लगभग 500 किलोग्राम बताया गया है।
- री-एंट्री चरण में इसकी गति लगभग Mach 11 तक पहुंचने का दावा है।
- मिसाइल में इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड थर्मल इमेजिंग सेंसर होने की बात कही गई है।
- दिशा बदलने वाला री-एंट्री व्हीकल इसे उड़ान के दौरान पैंतरेबाजी की क्षमता दे सकता है।
- ठोस ईंधन के कारण इसकी तैनाती अपेक्षाकृत तेज होने का दावा किया गया है।
एयर डिफेंस के सामने चुनौती
रिपोर्ट में कहा गया है कि मिसाइल पारंपरिक जीपीएस पर निर्भर नहीं रहती। दावा है कि जीपीएस सिग्नल जाम होने की स्थिति में इसके सेंसर लक्ष्य की पहचान में मदद कर सकते हैं। दिशा बदलने वाला री-एंट्री व्हीकल भी मिसाइल को रोकना कठिन बना सकता है।
इस क्षमता की तुलना अमेरिका के THAAD और पैट्रियट सिस्टम तथा इजरायल के Arrow मिसाइल डिफेंस सिस्टम से की गई है। रिपोर्ट में अमेरिकी नौसेना की हाइपरसोनिक मिसाइलों को रोकने की क्षमता को अभी बहुत सीमित बताया गया है।
हालांकि, मिसाइल की वास्तविक परिचालन क्षमता, इस्तेमाल की परिस्थितियां और किसी लक्ष्य पर इसके असर की स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री में नहीं है। गति को लेकर भी अलग-अलग दावे मौजूद हैं। एक जगह आवाज से 11 गुना गति का उल्लेख है, जबकि दूसरी जगह आवाज से 9 गुना और 6,000 से 9,800 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति बताई गई है।
नाम और रणनीतिक महत्व
कासिम बसीर नाम ईरान की कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर कासिम सुलेमानी के नाम से जुड़ा बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, किसी अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को गंभीर नुकसान पहुंचना अमेरिका की सैन्य ताकत और प्रतिष्ठा के लिए बड़ा झटका माना जा सकता है। यह आकलन संभावित असर से जुड़ा है, किसी पुष्ट नुकसान की पुष्टि नहीं।
रिपोर्ट में अमेरिकी रणनीतिक जानकार डेविड पाइन की चेतावनी का भी उल्लेख है। इसके अलावा, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन पद से बर्खास्त किए गए जनरल रैंडी जॉर्ज की डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य नीति पर आलोचना का जिक्र किया गया है।
ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने की अमेरिकी कोशिशों, रूस और चीन की प्रतिक्रिया तथा भारत और ईरान के बीच ट्रेड बास्केट बढ़ाने की बात का भी संदर्भ दिया गया है। इन घटनाओं को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़े सैन्य तनाव की पृष्ठभूमि के रूप में रखा गया है।
निष्कर्ष
कासिम बसीर को लेकर सबसे बड़ा दावा इसकी तेज गति, सेंसर-आधारित मार्गदर्शन और हवा में दिशा बदलने की क्षमता से जुड़ा है। अमेरिकी युद्धपोतों को हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होने के कारण इसके वास्तविक असर पर अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. कासिम बसीर क्या है?
कासिम बसीर को ईरान की हाइपरसोनिक एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल बताया गया है।
Q. कासिम बसीर की रेंज कितनी बताई गई है?
इसकी मारक क्षमता लगभग 1,200 किलोमीटर बताई गई है।
Q. मिसाइल के वारहेड का वजन कितना है?
रिपोर्ट में वारहेड का वजन लगभग 500 किलोग्राम बताया गया है।
Q. क्या कासिम बसीर जीपीएस जाम होने पर काम कर सकती है?
दावा है कि इसके इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड सेंसर जीपीएस जाम होने पर लक्ष्य पहचानने में मदद कर सकते हैं।
Q. कासिम बसीर की गति कितनी है?
इसकी गति को लेकर अलग-अलग दावे हैं। रिपोर्ट में Mach 11, आवाज से 9 गुना और 6,000 से 9,800 किलोमीटर प्रति घंटे तक के आंकड़े दिए गए हैं।
Q. क्या अमेरिकी जहाजों को नुकसान पहुंचा है?
अमेरिकी जहाजों पर हमले और नुकसान का दावा किया गया है, लेकिन उसके ठोस सबूत अभी सामने नहीं आए हैं।
Q. यह मिसाइल एयर डिफेंस के लिए चुनौती क्यों बताई गई है?
दिशा बदलने वाला री-एंट्री व्हीकल और सेंसर-आधारित मार्गदर्शन इसे रोकना कठिन बना सकते हैं।













